कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रमुख श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत ने आज इंदिरा भवन, एआईसीसीमुख्यालय में मीडिया को संबोधित किया। अपने बयान में उन्होंने भारत की विदेश नीति की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की औरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक विफलताओं पर तीखा हमला बोला।
विदेश नीति की विफलता और भारत की वैश्विक छवि पर असर
श्रीमती श्रीनेत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नाकाम विदेश नीति ने देश की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्योंभारत को इस वर्ष G-7 सम्मेलन में आमंत्रण नहीं मिला और क्यों हमारे परंपरागत सहयोगी देश अब पाकिस्तान के साथ खड़े दिख रहे हैं। उनकाकहना था कि पहले जो पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों से अलग-थलग था, अब वही देश संयुक्त राष्ट्र की समितियों में नेतृत्व की भूमिका निभा रहा हैऔर वैश्विक मंचों पर खुलेआम सम्मान पा रहा है।
सीज़फायर पर ट्रंप और रूस की भूमिका पर सवाल
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार सीज़फायर का श्रेय लेने पर सवाल उठाए। श्रीनेत ने कहा कि ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कईबार कहा है कि उन्होंने व्यापारिक हितों के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाया। अब रूस भी इसकी पुष्टि कर रहा है कि ट्रंप कीमध्यस्थता से सीज़फायर हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए इसे “सिंदूर के सौदागर की चुप्पी” करार दिया और इसे देश कीसंप्रभुता पर हमला बताया।
पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिली बढ़त
श्रीनेत ने कहा कि जिस पाकिस्तान को 2014 से पहले पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया था, आज वही पाकिस्तान विश्व बैंक, IMF और ADB जैसी एजेंसियों से आर्थिक सहायता प्राप्त कर रहा है और संयुक्त राष्ट्र की काउंटर टेररिज्म कमेटी का उपाध्यक्ष बन चुका है। उन्होंने तंज कसते हुएकहा, “अब आतंक के गढ़ को आतंक के खिलाफ काम करने की जिम्मेदारी दी जा रही है और भारत केवल मूक दर्शक बनकर रह गया है।”
प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक चुप्पी पर तीखा हमला
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी विदेश दौरों पर तो जाते हैं, लेकिन ठोस राजनयिक उपलब्धि नहीं ला पाते। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप चारनेताओं को खुद रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे, तब मोदी को लेने कोई नहीं आया। सुप्रिया श्रीनेत ने इसे भारत की गिरती हुई वैश्विक प्रतिष्ठा काप्रतीक बताया।
कुवैत और पाकिस्तान के बीच बदले समीकरण
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी सवाल उठाया कि जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल 27 मई को कुवैत गया, तो अगले ही दिन यानी 28 मई को कुवैत नेपाकिस्तान पर 19 साल से लगे वीजा प्रतिबंध क्यों हटा दिए। उन्होंने कहा कि भारत का पक्ष रखने के बावजूद वैश्विक परिदृश्य में पाकिस्तान को बढ़तमिल रही है, जबकि भारत पिछड़ता जा रहा है।
अंतिम टिप्पणी: “हम चुप क्यों हैं?”
प्रेस वार्ता के अंत में श्रीनेत ने कहा कि देश की विदेश नीति को लेकर अब प्रश्न उठाना ज़रूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने दुश्मनों कोहराया, लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्पी ने हमारी कूटनीतिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र में प्रमुखभूमिका मिल रही है, और हम इसका कोई प्रतिकार नहीं कर पा रहे हैं।