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कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ते अपराध और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर।

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और आम लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। पार्टी ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक अभय दुबे ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर अपने विचार रखे। कांग्रेस नेताओं ने अपराध, पुलिस हिरासत में मौतों, विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई और दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों तथा अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

राजेंद्र पाल गौतम ने सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने पुलिस को खुली छूट दे रखी है। उनके अनुसार पुलिस पर सरकार के प्रभाव में काम करने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। राजेंद्र पाल गौतम ने दावा किया कि दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और मुस्लिम समुदाय के लोगों को परेशान किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून का राज तभी मजबूत हो सकता है, जब पुलिस और प्रशासन बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करें। उन्होंने अदालतों द्वारा पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। गौतम ने कहा कि कई मामलों में अदालतों ने पुलिस और प्रशासन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और कुछ मामलों में अधिकारियों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

नोएडा की छात्रा के मामले का किया जिक्र
राजेंद्र पाल गौतम ने नोएडा में एक कानून की छात्रा से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए लगाए जाने और लंबे समय तक हिरासत में रखे जाने के मामले में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। गौतम ने इस मामले को पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रोस्टर बदलने को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका द्वारा पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना गंभीर विषय है और सरकार को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए।

अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कांग्रेस ने सरकार को घेरा
राजेंद्र पाल गौतम ने प्रदेश में अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9 हत्याएं, 10 हत्या के प्रयास, 9 बलात्कार, 33 अपहरण और 235 हिंसक अपराध हो रहे हैं। कांग्रेस नेता ने इन आंकड़ों को प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि सरकार को अपराध रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। हालांकि ये आंकड़े कांग्रेस द्वारा प्रेस वार्ता में बताए गए हैं और इन्हें पार्टी के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

पुलिस हिरासत में मौतों का भी मुद्दा उठाया
राजेंद्र पाल गौतम ने पुलिस हिरासत में मौतों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता सहित आगरा, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, आजमगढ़ और गोंडा से जुड़े कई मामलों का उल्लेख किया। गौतम ने आरोप लगाया कि पुलिस को पर्याप्त जवाबदेही के बिना काम करने की छूट दी गई है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून और संविधान के तहत सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मुकदमे को लेकर भी सवाल
राजेंद्र पाल गौतम ने आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हत्या के प्रयास और दंगे जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गौतम ने सवाल किया कि अगर विपक्षी दल किसी मुद्दे पर प्रदर्शन करता है तो क्या उसे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार नहीं है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी बात रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है।

अभय दुबे ने अपराधियों को संरक्षण मिलने का लगाया आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया समन्वयक अभय दुबे ने भी उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। अभय दुबे ने महिलाओं के खिलाफ अपराध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियों पर एसिड अटैक के मामले चिंता का विषय हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा और कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का राजनीतिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ को लेकर अभय दुबे का दावा
अभय दुबे ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सरकार ने अपराध और माफिया को लेकर ऐसा मॉडल बना दिया है जिसमें अलग-अलग जिलों में प्रभावशाली अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात सामने आती है। उन्होंने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा डीजीपी को लिखे गए पत्र का हवाला भी दिया। अभय दुबे ने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं तो ऐसे लोग खुलेआम कैसे घूम रहे हैं। उन्होंने बृजेश सिंह का नाम लेते हुए उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वाराणसी में चुनाव प्रचार करने का उल्लेख किया। इन दावों के संदर्भ में उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

इमरान मसूद ने दलित अत्याचार के आंकड़ों का मुद्दा उठाया
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। इमरान मसूद ने दावा किया कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार देश में दलितों के खिलाफ होने वाली अत्याचार की घटनाओं में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय से जुड़े मामलों में सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। मसूद ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा और न्याय मिलना सरकार की जिम्मेदारी है।

मदरसों और स्कूलों का भी उठाया मुद्दा
इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश में मदरसों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। उन्होंने प्रदेश में बड़ी संख्या में प्राथमिक स्कूल बंद होने का दावा भी किया। मसूद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए और स्कूलों को बंद करने के बजाय उनमें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

मस्जिदों और संभल मामले का भी किया जिक्र
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मस्जिदों से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए अवैध तोड़फोड़ के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने संभल मामले का भी जिक्र किया और दावा किया कि अदालत द्वारा एनएसए से जुड़ी कार्रवाई को रद्द किए जाने के साथ 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने का मामला सामने आया। मसूद ने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में न्यायालय के फैसलों और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

कांग्रेस ने कहा- प्रदेश में नफरत की राजनीति नहीं, कानून का राज जरूरी
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश में कथित तौर पर बढ़ रही नफरत की राजनीति को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। राजेंद्र पाल गौतम, इमरान मसूद और अभय दुबे ने कहा कि प्रदेश में कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, धर्म या राजनीतिक विचारों के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से अपराध पर नियंत्रण, पुलिस की जवाबदेही और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

सरकार से जवाबदेही की मांग
प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर जवाब देने की मांग की। पार्टी ने कहा कि अपराध पर प्रभावी रोक लगाना और नागरिकों को सुरक्षित माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है। राजेंद्र पाल गौतम, इमरान मसूद और अभय दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज मजबूत होना चाहिए और पुलिस तथा प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह प्रदेश में अपराध, पुलिस की कार्यप्रणाली और विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।

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