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योगगुरु स्वामी रामदेव द्वारा लोकप्रिय पेय रूह अफज़ा को लेकर की गई “शरबत जिहाद” वाली टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस बयानको लेकर दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हमदर्द लैबोरेट्रीज ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगायागया कि रामदेव की टिप्पणी ब्रांड की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा रही है।
पतंजलि और रामदेव का जवाब
ताजा अपडेट में रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद ने दिल्ली हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए बताया है कि विवादित वीडियो को हटा दिया गयाहै। रामदेव के वकील ने कोर्ट को यह भी भरोसा दिलाया कि अदालत द्वारा दिए गए 24 घंटे के भीतर वीडियो को हटा दिया गया था। उन्होंने यह भीस्पष्ट किया कि वीडियो अब यूट्यूब पर ‘प्राइवेट’ कर दिया गया है।

हमदर्द का दावा: वीडियो अब भी मौजूद
हालांकि हमदर्द के वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को अवगत कराया कि वीडियो को तकनीकी रूप से हटाया नहीं गया है, बल्कि सिर्फ प्राइवेटमोड में रखा गया है, जिससे सब्सक्राइबर्स अभी भी उसे देख सकते हैं। उनका यह भी कहना था कि वही वीडियो आस्था चैनल पर भी प्रसारित हो रहाहै।

हाई कोर्ट की नाराज़गी
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अमित बंसल ने रामदेव पक्ष को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि रामदेव नेअदालत के पिछले आदेशों का पालन नहीं किया है। कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि “रामदेव पर किसी का नियंत्रण नहीं है।”

यह टिप्पणी तब आई जब मुकुल रोहतगी ने अदालत को यह बताया कि पिछले आदेश के बाद भी एक नया वीडियो उसी प्रकार की भाषा और लहजेके साथ अपलोड किया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया है।

अगली सुनवाई कब?
दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 9 मई को करेगा। अदालत अब यह जांचेगी कि रामदेव ने अपने कथनों से कोर्ट की अवमानना की हैया नहीं, और क्या आगे की कोई सख्त कार्रवाई बनती है।

पृष्ठभूमि: “शरबत जिहाद” टिप्पणी पर बवाल
स्वामी रामदेव ने हाल ही में रूह अफज़ा को लेकर “शरबत जिहाद” जैसी विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसे कई लोगों ने सांप्रदायिक और ब्रांड कीछवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया। इसके बाद सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इस टिप्पणी के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं आईं।

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