
रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम शुरू हो गई है. इस मौके पर बोलते हुए रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी नेकहा है कि भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है. कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने लंबे समय से प्रतिक्षित जियो केआईपीओ के बारे में भी बताया. मुकेश अंबानी ने बताया कि आईपीओ के सारे प्रबंध पूरा करते हुए इसे 2026 की पहली छमाही तक लाने कीकोशिश होगी. एजीएम में बोलते हुए आरआईएल के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत उभर रहा है औरइसे कोई रोक नहीं सकता. मुकेश अंबानी ने कहा, “भारत पहले ही दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके नेतृत्व में भारत की जीडीपी सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ रही है. भारत को दुनिया के मॉडल की नकल करने की जरूरतनहीं है. हमारे पास अपना विजन है हमारे पास अपना इंडिया फर्स्ट मॉडल बनाने की क्षमता है.
पर्यावरण की करेगा रक्षा
डीप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हमारा मॉडल भारत की सुरक्षा को मजबूत करेगा. लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगा और पर्यावरण की रक्षाकरेगा. मुकेश अंबानी ने कहा कि जैसे-जैसे रिलायंस अपने स्वर्णिम दशक के समापन की ओर बढ़ रहा है हम ‘इंडियन ड्रीम’ को साकार करने के लिएसमर्पित हैं. उन्होंने कहा कि हम अपने हर व्यवसाय को एआई-नेटिव बना रहे हैं और डीप-टेक क्षमताओं से खुद को मजबूत कर रहे हैं. अंबानी ने कहाकि हमारी वी केयर की फिलॉसफी के साथ लोगों और पर्यावरण की भलाई को प्राथमिकता देते हैं अंबानी ने कहा कि कंपनी इनोवेशन को केंद्र मेंरखकर, नई पीढ़ी के नेतृत्व को सशक्त करने पर काम कर रही है हम निरंतर इसके प्रति निरंतर प्रतिबद्ध बने हुए हैं.
सब्सिडियरी कंपनी बनाने का किया एलान
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को रिलायंस इंटेलिजेंस नाम की सब्सिडियरी कंपनी बनाने का एलान किया. मुकेश अंबानी ने बताया कि यह एक पूर्णस्वामित्व वाली सहायक कंपनी होगी. इसका उद्देश्य भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं को बढ़ावा देना और देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता नवाचार केवैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है मुकेश अंबानी ने कहा, “यह रिलायंस और भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा में लिया गया एक ऐतिहासिककदम है. उन्होंने आगे कहा, “रिलायंस इंटेलिजेंस की परिकल्पना चार स्पष्ट मिशनों के साथ की गई है, जिनमें से प्रत्येक भारत को वैश्विक कृत्रिमबुद्धिमत्ता नवाचार में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए डिजाइन किया गया है.