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महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून पॉश एक्ट की कमजोर अमलवारी परचिंता जताई है. आयोग ने सभी दफ्तरों में पॉश ऑडिट को अनिवार्य करने की मांग की है. आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने हाल ही में राज्य के कई हिस्सों का दौरा किया और पाया कि कई दफ्तरों में आंतरिकशिकायत समिति (आईसीसी) तो बनी है लेकिन वो सिर्फ कागजों पर ही मौजूद है। उन्होंने कहा, ‘कई बार समिति के सदस्यों को यह तक नहीं पताहोता कि उनके अधिकार और जिम्मेदारियां क्या हैं. ऐसे में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं, भले ही कमेटी हो भी.

सुरक्षित माहौल है तैयार करना
इस स्थिति को सुधारने के लिए महिला आयोग ने महिला और बाल विकास मंत्री को एक प्रस्ताव सौंपा है. इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि पॉशकानून के अनुपालन की नियमित जांच के लिए सरकार एक सरकारी निर्णय (जीआर) जारी करे. रूपाली चाकणकर ने कहा, ‘पॉश ऑडिट को वित्तीयऑडिट या अग्नि सुरक्षा ऑडिट जितना ही जरूरी माना जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे कहा कि ऐसे ऑडिट से सुनिश्चित होगा कि कार्यस्थल सिर्फ कानूननसुरक्षित नहीं, बल्कि वास्तव में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सहायक वातावरण वाले हों. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण एक्ट 2013 में लागू हुआ था. इसका उद्देश्य कार्यस्थलों पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाना है और उनके लिए सुरक्षितमाहौल तैयार करना है.

महिलाएं करवा सकेंगी अपनी शिकायत दर्ज
इसके तहत हर दफ्तर में 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान को एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) बनानी होती है, जहाँ महिलाएंअपनी शिकायत दर्ज करवा सकें. यह पता लगाने के लिए कि आईसीसी वाकई में सक्रिय है या नहीं. समिति के सदस्यों को कानून और प्रक्रिया कीपूरी जानकारी होनी चाहिए। महिला कर्मचारी खुलकर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकें, ऐसा भरोसेमंद माहौल बनाना. कार्यस्थल पर महिलाओं कीसुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए. महाराष्ट्र महिला आयोग ने साफ कहा है कि सभी दफ्तरों में पॉश ऑडिट जरूरी किया जाए और राज्य सरकार इसप्रस्ताव पर अमल करे व इसे लेकर एक आदेश जारी करे, जिससे हर दफ्तर में पॉश ऑडिट अनिवार्य किया जाए. इससे न केवल कानूनी अनुपालनसुनिश्चित होगा, बल्कि महिलाओं को कार्यस्थल पर असली सुरक्षा भी मिलेगी.

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