कांग्रेस ने भाजपा नेताओं द्वारा शहीदों, उनके परिजनों और भारतीय सेना के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कीचुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा नेता ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का पूरा श्रेय सेना को देने के बजाय प्रधानमंत्री कोदेने में लगे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है।
अलका लांबा का भाजपा नेतृत्व पर हमला
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहाकि पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री सेना के बलिदान को नजरअंदाज कर, प्रधानमंत्री की छवि गढ़ने में लगे हैं। लांबा ने प्रेस को उन वीडियो क्लिप्स भीदिखाए, जिनमें भाजपा सांसद, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और एक अन्य मंत्री शहीदों और उनके परिवारों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करतेदिखाई दे रहे हैं।
जांगड़ा की टिप्पणी पर तीखा विरोध
हरियाणा से भाजपा के राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा की उस टिप्पणी पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले मेंमारे गए पर्यटकों की पत्नियों की तुलना वीरांगनाओं से करते हुए कहा कि अगर वे मुकाबला करतीं तो जानें नहीं जातीं। लांबा ने कहा कि यह बयान नकेवल संवेदनहीन है, बल्कि महिलाओं के साहस और बलिदान का भी अपमान है।
विदेश सचिव और शहीद की पत्नी के खिलाफ ट्रोलिंग पर चिंता
लांबा ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी नरवाल को भाजपा समर्थकों द्वारा ट्रोल किए जाने का मुद्दा भीउठाया। उन्होंने कहा कि यह सब सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि वे सरकार से भिन्न विचार रख रहे थे या शांति की अपील कर रहे थे।
मोदी के पुराने बयान का उल्लेख
लांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस पुराने बयान की भी चर्चा की, जिसमें उन्होंने एक व्यापारी को सैनिक से अधिक बहादुर बताया था। उन्होंने कहाकि भाजपा के नेता उसी मानसिकता से प्रेरित होकर सेना की अवमानना कर रहे हैं।
संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक की मांग
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने फिर से ऑपरेशन सिंदूर पर संसद का विशेष सत्र बुलाने और सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की मांग की। उन्होंने सवालकिया कि जब विपक्षी सांसदों को विदेश भेजा जा सकता है, तो संसद का विशेष सत्र बुलाकर देशवासियों को इस सैन्य कार्रवाई की पूरी जानकारीक्यों नहीं दी जा सकती?
सीमा के पास बसे लोगों की उपेक्षा पर सवाल
लांबा ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले नागरिकों की शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनेभाषणों में इन लोगों का जिक्र तक नहीं किया, जबकि ये सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
राहुल गांधी की एकजुटता की मिसाल
अंत में उन्होंने बताया कि विपरीत स्थिति में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आतंकी हमले और गोलीबारी से प्रभावित लोगों से मिलने केलिए दो बार जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की।