
आज बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार पर जमकर हंगामा बोला. सदन के अंदर औरबाहर विपक्ष के नेताओं ने प्रदर्शन किया. भाकपा माले के विधायकों ने कपड़े पहनकर एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध जताया।सदन में विपक्ष के विधायक गुंडाराज के नारे लगा रहे थे. अनुपूरक बजट पेश होने के बाद शोक प्रस्ताव हुआ. इसके बाद विधानसभा की कार्यवाहीस्थगित कर दी गई. इधर, सदन से बाहर निकले प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान नीतीश सरकार को बड़ी नसीहत दे दी. उन्होंनेकहा कि हमलोगों की मांग है कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर विधानसभा में एक चर्चा होनी चाहिए.
NDA सरकार को घेरालोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर बिहार में विधानसभा है ऐसे में चर्चा तो जरूरी है. लेकिन अगर लोकतंत्र को समाप्त करने का कोई प्रयास करेगा तो हमलोग चुप बैठने वाले नहीं हैं. गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाए. उनका अस्तित्व न मिटाया जाए, इसके लिए हमलोग यह लड़ाईलड़ेंगे। अगर सरकार विधानसभा में चर्चा करने पर राजी नहीं होती है तो हम लोग आने वाले समय में आंदोलन करेंगे. तेजस्वी यादव ने कहा कि सभीनेताओं को हम लोगों ने चिट्ठी लिखी है. सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करनी होगी इंडिया गठबंधन के सभी विधायकों ने मानसून सत्र के पहलेदिन बिहार में बढ़ते अपराध और मतदाता पुनरीक्षण कार्य के मुद्दे पर NDA सरकार को घेरा. वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार से बड़ी मांगकर दी.
सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शनबिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने एनडीए सरकार के खिलाफ सदन के अंदर और बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. भाकपा माले केविधायकों ने विशेष वेशभूषा पहनकर एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताया. विपक्षी विधायकों ने राज्य में कानून–व्यवस्था की स्थितिको लेकर सरकार पर हमला बोला और “गुंडाराज” के नारे लगाए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि सरकार मतदाता पुनरीक्षण जैसे गंभीरमुद्दे पर चर्चा नहीं करती तो विपक्ष आंदोलन करेगा. तेजस्वी ने कहा कि गरीबों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है. जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे. INDIA गठबंधन के सभी विधायकों ने राज्य में बढ़ते अपराध और मतदाता पुनरीक्षण पर एनडीए सरकार को घेरा. तेजस्वीयादव ने बताया कि उन्होंने सभी नेताओं को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर समर्थन मांगा है और सरकार पर दबाव बनाया जाएगा. अनुपूरक बजट पेश होनेऔर शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.