
जनता दल यूनाईटेड के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने बागियों पर कार्रवाई की है। बगावत कर चुनाव मैदान में महागठबंधन को समर्थन दे रहे छहनेताओं को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। इनमें कुछ चुनाव मैदान में आ गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पार्टी से बगावत करने कोअनुशासनहीनता मानने के साथ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर इनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद कर दी गई है। इन नेताओं में कहलगांवके विधायक पवन यादव भी शामिल हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि पार्टी ने कहा कि सभी छह नेताओं के खिलाफअनुशासनात्मक कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वह राज्य में जारी विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए उम्मीदवारों के खिलाफ गतिविधियों मेंशामिल थे। पिछले कई महीनों से भाजपा कार्यकर्ता इनकी शिकायत कर रहे हैं। जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद इन पर कार्रवाई की गईहै।
विचारधारा के विपरीत गतिविधियाँ चला रहे
कहलगांव से मौजूदा विधायक पवन यादव को इस बार पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। वह एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनावलड़ रहे हैं। वहीं भाजपा से निष्कासित अन्य नेताओं में सनी यादव, श्रवण कुशवाहा, उत्तम चौधरी, मारुति नंदन मारुति और पवन चौधरी शामिल हैं।बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड ने बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। नीतीश कुमार ने बीते शनिवार को अपने 11 नेताओं कोपार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। रविवार को फिर उनकी पार्टी ने पांच और लोगों पर कार्रवाई की है, इनमें गोपाल मंडल का नाम भी शामिलहै। यह सभी टिकट की मांग कर रहे थे। टिकट न मिलने पर बगावत कर चुनाव मैदान में उतर गए। इससे पार्टी प्रत्याशियों को ही नुकसान हुआ है।भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इन नेताओं को इसलिए निष्कासित किया गया क्योंकि वह एनडीए के आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफकाम कर रहे थे और पार्टी की विचारधारा के विपरीत गतिविधियाँ चला रहे थे।