
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ किसी संभावित बैठक से इनकार किया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एकपोस्ट में लिखा कि वे, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक करने की कोई कोशिश नहीं कर रहे हैं और जो इस संबंध में खबरें चल रही हैं वे पूरीतरह से गलत हैं. ट्रंप फिलहाल स्कॉटलैंड में हैं, जहां वे यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते के लिए पहुंचे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘एक फर्जी खबर चलाई जा रही है कि मैं चीन के राष्ट्रपति शीजिनपिंग के साथ बैठक करना चाहता हूं. ये सही नहीं है मैं ऐसा कुछ नहीं चाह रहा हूं. मैं चीन जा सकता हूं, लेकिन ये तभी होगा, जब चीन के राष्ट्रपतिमुझे निमंत्रण देंगे, जो दिया गया है. वरना मेरी इसमें कोई रुचि नहीं है इस मामले पर ध्यान देने के लिए आप सभी का धन्यवाद मैं अभी स्कॉटलैंड में हूंऔर हमने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता किया है और कई अन्य मुद्दों पर बात हुई अमेरिका अभी बहुत अच्छा कर रहा है.
समझौते को लेकर की बातचीत
राष्ट्रपति ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है जब उनका प्रशासन कई देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को लेकर बातचीत कर रहा है. कुछसमझौतों पर सहमति बन गई है और कई देशों के साथ बातचीत चल रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद ही ट्रंप ने कई देशों केखिलाफ टैरिफ युद्ध का एलान किया. ट्रंप ने चीन पर भी भारी भरकम टैरिफ लगाने का एलान किया उसके बाद चीन ने भी अमेरिका पर जवाबीकार्रवाई करते हुए टैरिफ का एलान कर दिया. अब अमेरिका और चीन के बीच भी व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है. इस बातचीत का उद्देश्यआपसी विवाद को निपटाना और बढ़े हुए टैरिफ को रोकना है. राष्ट्रपति ट्रंप का बयान ऐसे समय सामने आया है. जब उनका प्रशासन कई देशों के साथव्यापारिक समझौतों को लेकर बातचीत कर रहा है। कुछ समझौतों पर सहमति बन गई है और कई देशों के साथ बातचीत चल रही है. चीन की विदेशमंत्रालय ने कार्मिक रूप से ट्रम्प के कॉल दावा को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि हाल के समय में दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच कोई फोन कॉल नहींहुआ और न ही टैरिफ वार्ता चल रही है.
संभावना है नगण्य
विश्लेषकों का मानना है कि यदि Xi Jinping ने कॉल किया होता, तो यह चीन के लिए राजनीतिक कमजोरी साबित हो सकती थी. इसलिए इसकीसंभावना नगण्य है. ट्रम्प की ओर से यह बयान स्पष्ट रूप से मीटिंग की अफवाहों और फेक न्यूज़ को खारिज करने के उद्देश्य से आता है। उन्होंने दोहरायाकि यदि Xi ने आमंत्रण दिया है तो वे विचार कर सकते हैं. लेकिन फिलहाल उनकी कोई रुचि नहीं। ट्रम्प और चीन दोनों के बीच व्यापार-संबंध खुलीबातचीत से गुजर रहे हैं. जहाँ सार्वजनिक संदेश मुख्य रूप से चल रही कूटनीतिक गतिरोध को कमज़ोर और असंगठित दिखाता है. ट्रम्प ने शी जिनपिंगके साथ शिखर बैठक की किसी भी अफवाह को स्पष्ट रूप से खारिज किया यह कहते हुए कि अगर चीन ने निमंत्रण भेजा हो—जो उन्होंने बताया कि होचुका है तो वे विचार करेंगे वरना उन्हें इसमें कोई रुचि नहीं है. दूसरा यह कि व्यापार और टैरिफ वार्ता के बीच यह बयान दोनों देशों के बीच रणनीतिकसंदेश का हिस्सा प्रतीत होता है: अमेरिका बातचीत चाहता है लेकिन किसी दबाव में नहीं है.