
सोचिए आप अपने गांव में किसी किराने की दुकान पर बैठे हो और आपक फोन बज उठे. कॉल की दूसरी साइड से कोई बोले. हैलो! मैं विराट कोहलीबोल रहा हूं. कुछ देर बाद दूसरा कॉल आए और दूसरी साइड से कोई बोले…हैलो! मैं एबी डिविलियर्स बोल रहा हूं. आप सोच में पड़ जाएंगे औरलगेगा कि कोई प्रैंक या फिर मजाक कर रहा है. फिर कुछ देर बाद एक और कॉल आए और सामने वाला शख्स बोले…हैलो! मैं रजत पाटीदार बोलरहा हूं. ये किसी फिल्म की कहानी जैसा लग रहा होगा. लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग छेत्र के मडागांव में दो दोस्तों के साथ कुछऐसा ही हुआ है. उनकी जिंदगी ने अचानक ऐसी करवट ली कि सब सोच में पड़ गए. मडागांव के दो दोस्त मनीष और खेमराज ने खुद को अचानकवीआईपी के कॉन्टैक्ट लिस्ट में पाया और हैरान रह गए. बाद में जब पूरा मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस को इसका हल निकालना पड़ा. दरअसल, इस कहानी की शुरुआत 28 जून को हुई.
पाटीदार की दिखी तस्वीर
मनीष ने आसपास के एक दुकान से एक नया सिमकार्ड खरीदा सिमकार्ड के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे आमतौर पर सबको गुजरना पड़ताहै. हालांकि, ट्विस्ट तब आया, जब वह सिमकार्ड चालू हुआ और मनीष ने व्हाट्सएप इंस्टॉल किया. उस नंबर के व्हाट्सएप पर प्रोफाइल पिक्चर मेंरजत पाटीदार की तस्वीर दिखी. मनीष और खेमराज ने सोचा कि यह कोई मजाक है. लेकिन इसके कुछ दिन बाद उस नंबर पर कॉल आने शुरू हो गए. ये कॉल पड़ोसी या फिर रिलेटिव्स के नहीं, बल्कि क्रिकेट स्टार्स और उनसे जुड़े लोगों के थे. किसी ने खुद को विराट कोहली बताया तो किसी ने एबीडिविलियर्स,मनीष और खेमराज को लगा कि किसी का प्रैंक है. उन्होंने भी प्रैंक करने का सोचा इसके बाद जब भी क्रिकटर्स की ओर से फोन आता, तोउन्होंने खुद को ‘महेंद्र सिंह धोनी’ के रूप में पेश करना शुरू कर दिया.
दिया है जवाब
15 जुलाई को मनीष को एक अनजान नंबर से एक और कॉल आया. इस बार एक विनम्र आवाज ने कहा, ‘भाई, मैं रजत पाटीदार हूं. जिस नंबर से तुमबात कर रहे हो, वह मेरा नंबर है, कृपया इसे वापस कर दें. तब भी मनीष और खेमराज चिढ़ाने के मूड में थे और उन्होंने जवाब दिया ‘और हम एमएसधोनी हैं. पाटीदार ने धैर्यपूर्वक समझाया कि यह नंबर उनके लिए महत्वपूर्ण है. इस नंबर की वजह से वह अपने कोच, दोस्तों और क्रिकेट बिरादरी सेजुड़े हुए हैं. जब मनीष और खेमराज की मस्ती बंद नहीं हुई, तो पाटीदार ने चेतावनी दी, ‘ठीक है, मैं पुलिस भेजूंगा. 10 मिनट के अंदर, पुलिस उनकेदरवाजे पर थी। तभी मनीष और खेमराज का दिमाग कौंधा और उन्हें पता चला कि वे असली रजत पाटीदार या फिर विराट कोहली या फिर एबीडिविलियर्स से बात कर रहे थे. उन दोनों ने सिम बिना किसी हिचकिचाहट के वापस कर दिया. विराट कोहली के फैन खेमराज के लिए दुर्घटनावशआए फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी. खेमराज ने मुस्कुराते हुए बताया, ‘गलत नंबर की वजह से मुझे कोहली से बात करने का मौका मिला. मेरे जीवनका लक्ष्य पूरा हो गया है. गांव वाले अब मडागांव के ‘क्रिकेट के नक्शे पर’ होने जैसा मजाक करते हैं. वहीं, मनीष और खेमराज को उम्मीद है किपाटीदार इस बार फिर से अपने सिम के लिए नहीं, बल्कि धन्यवाद कहने के लिए फोन करेंगे.