
लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करूंगा” वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रियादेते हुए कहा है कि यह बयान सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है. अगर वास्तव में किसानों के हित सर्वोच्च होते तो आज भारत सरकार अमेरिकाद्वारा लगाए गए 50% टैरिफ पर चुप नहीं रहती. उन्होंने कहा कि मोदी जी जो बातें कर रहे हैं, वह सच्चाई से परे हैं और देश की जनता को भ्रमित करनेका प्रयास है. भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है.
नहीं उठाया कोई ठोस कदम
सुनील सिंह ने मांग की कि प्रधानमंत्री देश को साफ-साफ बताएं कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते में किसानों के हितों की सुरक्षा को लेकरक्या ठोस प्रावधान किए गए हैं. लोकदल स्पष्ट करना चाहता है कि वह किसी भी स्थिति में किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं होने देगा. सरकारको किसानों के साथ छल करना बंद करना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के चलते 50% तक टैरिफबढ़ा दिया, तो भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसानों की रक्षा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
नीति करनी चाहिए स्पष्ट
लोकदल किसी भी सूरत में किसानों के साथ धोखा नहीं होने देगा. सरकार को किसानों के साथ छल बंद करना चाहिए और संसद व जनता के समक्षपूरी पारदर्शिता के साथ अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए. हाल ही में अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगानेकी घोषणा की थी, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया. भारत सरकार ने इसे अनुचित और एकतरफा कदम बताया, लेकिन चीन जैसे देशों केप्रति अमेरिकी नरमी ने भारत के रुख को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए.लोकदल का बयान इस बात का संकेत है कि भारत की आंतरिक राजनीति मेंकिसानों का मुद्दा अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा. विपक्ष अब इस पर ठोस नीति और कार्यवाही की मांग कर रहा है.