दिल्ली में नारी शक्ति का उदय, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी ‘लखपति बिटिया’ और ‘फ्री सिलेंडर’ की सौगात!

आज राजधानी में नारी सशक्तिकरण का बड़ा संदेश गूंजेगा। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लाखों महिलाओं और बेटियों को होली से पहले विशेष सौगात देंगी। इसी मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का शुभारंभ करेंगी, जिसके तहत करीब 229 करोड़ रुपये सीधे बेटियों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। साथ ही दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना और महिलाओं के लिए ‘पिंक कार्ड’ की शुरुआत भी होगी। सरकार का दावा है कि इन पहलों का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार का मकसद बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, ताकि उच्च शिक्षा उनके लिए बोझ न बने। उन्होंने बताया कि पुरानी लाडली योजना को नया रूप देकर दिल्ली लखपति बिटिया योजना शुरू की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की परिपक्वता राशि भी दी जाएगी, जो पहले लंबित थी। यह राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। योजना पूरी तरह डिजिटल होगी। फंड का प्रबंधन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा और पूरी राशि सुरक्षित निवेश में रखी जाएगी। परिपक्वता पर पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में आएगा। आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाएंगीकार्यक्रम में राशन कार्ड धारकों के लिए होली और दिवाली पर दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना का भी शुभारंभ होगा। करीब 129 करोड़ रुपये डीबीटी से महिलाओं के खाते में चले जाएंगे। कुल मिलाकर करीब 229 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेंगे। इसके अलावा महिलाओं के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) आधारित पिंक कार्ड की शुरुआत भी की जाएगी, जिससे बस में मुफ्त और अन्य सार्वजनिक परिवहन में एक ही कार्ड से सफर संभव होगा। सरकार का कहना है कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया और वन नेशन, वन कार्ड विजन से प्रेरित है। सरकार का दावा है कि ये चारों योजनाएं मिलकर बेटियों और महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाएंगी।
किसी एक मुद्रा पर भरोसा नहीं! जानिए क्यों सोने की तरफ भाग रहे हैं निवेशक? निर्मला सीतारमण का बड़ा खुलासा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार की बजट रणनीति में निवेश को प्राथमिक औजार बनाया गया है, ताकि आर्थिक वृद्धि को टिकाऊ बनाए रखा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट का फोकस ऐसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर है, जहां बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता मौजूद है। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि यह वैश्विक अनिश्चितता की वजह से हो रहा है। इससे पता चलता है कि निवेशकों को फिलहाल किसी एक मुद्रा पर पूरा भरोसा नहीं है, इसलिए वे सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं। सीतारमण ने कहा है कि 7-8 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है, क्योंकि इससे सभी नागरिकों को फायदा होगा और ज्यादा रोजगार पैदा होंगे। नौकरियों में महिलाओं की संख्या बढ़ रहीवित्त मंत्री ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था की रफ्तार अच्छी रहती है, तो उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया की सबसे तेजr से बढ़ती अर्थव्यवस्था बने रहने के लिए 7 से 8 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखनी होगी। सीतारमण ने कहा कि आर्थिक विकास से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, ज्यादा लोग कार्यबल से जुड़ते हैं और उत्पादकता में सुधार होता है। महिलाओं की भागीदारी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि नियोक्ता अब महिलाओं की दक्षता और सटीक कामकाज को अधिक महत्व देने लगे हैं। इसका असर यह है कि सेमी-स्किल्ड नौकरियों में महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि बोर्डरूम और नेतृत्व के स्तर पर महिलाओं की मौजूदगी अभी भी कम है। वित्त मंत्री ने कहा कि ज्यादा महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका में आना चाहिए, ताकि वे फैसलों को प्रभावित कर सकें और दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकें।