"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

मतदाता सूची ड्यूटी में खतरा, बैंक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर AIBOC ने उठाई आवाज़

3.25 लाख सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले बैंकिंग क्षेत्र के सबसे बड़े ट्रेड यूनियन संगठन ‘अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ’ (एआईबीओसी) ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर ड्यूटी को लेकर चिंता जताई है। ‘एसआईआर’ ड्यूटी, बैंक अधिकारियों के लिए ‘जी का जंजाल’ बन गई है। एआईबीओसी ने तनावपूर्ण/असुरक्षित माहौल में बैंक अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा देने की मांग की है। पश्चिम बंगाल में 26 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक, लगभग डेढ़ महीने की अवधि के लिए, बैंक अधिकारियों को मतदाता सूची सूक्ष्म पर्यवेक्षक (ईआरएमओ) के रूप में तैनात किया गया है। परिसंघ ने इस मामले में भारतीय निर्वाचन आयोग, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और वित्तीय सेवा विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। घटना स्थल पर पुलिस मौजूद नहींअखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) के महासचिव रूपम रॉय ने अपने बयान में यह बात कही है। परिसंघ ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अपने सदस्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। फरक्का में हुई एक घटना का हवाला देते हुए रॉय ने कहा, एसआईआर प्रक्रिया के सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में तैनात बैंक अधिकारियों पर कथित तौर पर असामाजिक तत्वों ने हमला किया है। इसमें कुछ अधिकारी घायल हो गए हैं। यह घटना संकेत देती है कि तनावपूर्ण एवं असुरक्षित माहौल में बिना पर्याप्त सुरक्षा के ड्यूटी कर रहे बैंक अधिकारी व्यक्तिगत जोखिम का सामना कर रहे हैं। एआईबीओसी ने आरोप लगाया है कि घटना स्थल पर पुलिस मौजूद नहीं थी। परिचालन परिणामों पर सीधा प्रभाव पड़ेगाएसआईआर ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है। यह तैनाती, तिमाही और वर्ष के अंत के सबसे महत्वपूर्ण बैंकिंग समय के साथ मेल खाती है। एआईबीओसी को आशंका है कि अधिकारियों का इस प्रकार लंबे समय तक मुख्य बैंकिंग कार्यों से अलग होना, आंतरिक और बाह्य नियामक अनुपालन, लेखा समापन, लेखापरीक्षा संबंधी कार्य और वैधानिक/व्यावसायिक लक्ष्यों की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करेगा। एसआईआर ड्यूटी के चलते से ग्राहक सेवा और परिचालन परिणामों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इसका अन्य सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी गंभीर असर पड़ेगा। हालांकि बैंक अधिकारियों ने राष्ट्रीय हित में वैध सार्वजनिक कर्तव्यों का निरंतर पालन किया है, लेकिन इस तरह की तैनाती का पैमाना, समय और लंबी अवधि अब आवश्यक बैंकिंग कार्यों को काफी हद तक बाधित कर रहा है। बैंक अधिकारियों को अनावश्यक परिचालन, अनुपालन और सेवा जोखिमों की तरफ ले जाया जा रहा है। इससे अधिकारियों के व्यक्तिगत जीवन में भी काफी व्यवधान उत्पन्न होता है। इतना ही नहीं, एसआईआर ड्यूटी से कार्य की निरंतरता, प्रशिक्षण संबंधी दायित्व और वैध कैरियर प्रगति प्रभावित होती है।

एसआईआर पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा– भाजपा आईटी सेल के ऐप से हो रहा है अवैध काम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग राज्य में एसआईआर अभ्यास को कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ‘हर तरह के गलत तरीके’ अपना रहा है। मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दियाउन्होंने कंहा, एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। वह योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्ग, बीमार और असहाय लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है। वह इस काम के लिए भाजपा के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रहा है। यह अवैध, असांविधानिक और अलोकतांत्रिक है। ऐसे नहीं चल सकता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो की ओर से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर को कराने के लिए आयोग ने मनमाने और प्रकिया के खिलाफ कदम उठाए हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य के योग्य और वास्तविक मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है। एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगीममता बनर्जी ने कहा, मैं जनता से अपील करती हूं कि एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें। जो लोग जरूरतमंद हैं, उनके साथ खड़े रहें। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है, केवल लोगों का साथ दें, जो इस प्रक्रिया की वजह से परेशानी में हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्या में मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण मौतें हो रही हैं और लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद घर वापसी, सोनाली खातून बनी मां, मानवता की जीत का पल

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रहने वाली प्रवासी मजदूर सोनाली खातून ने सोमवार सुबह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। सोनाली को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 5 दिसंबर को बांग्लादेश से वापस भारत लाया गया था। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत के बाद पुष्टि की कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बीरभूम जिले के मुरारई की रहने वाली सोनाली को पिछले साल जून में दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें पड़ोसी देश भेज दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गर्भावस्था की उन्नत अवस्था को देखते हुए उन्हें वापस लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद पिछले महीने उन्हें उनके नाबालिग बेटे साबिर के साथ मालदा सीमा के रास्ते भारत लाया गया। दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत करारबांग्लादेश में सोनाली और उनके पति दानिश सहित पांच अन्य लोगों को 20 अगस्त से चपाई नवाबगंज सुधार गृह में कथित घुसपैठियों के रूप में रखा गया था। बाद में 1 दिसंबर को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, दानिश और स्वीटी बीबी के परिवार के तीन सदस्यों की वापसी अभी बाकी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रवासी मजदूर सोनाली खातून के मां बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत करार दिया। अस्पताल जाकर सोनाली और उनके नवजात शिशु से मिलेंगेसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने लिखा, “मुझे यह जानकर अत्यंत खुशी हुई कि सोनाली खातून ने बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जिस अन्याय का उसे सामना करना पड़ा उसके मुकाबले खुशी का यह पल और भी ज्यादा खास लगता है। उन्होंने कहा उसके साथ जो हुआ, वह इंसानियत का अपमान था। इसे किसी भी नागरिक को खासकर एक गर्भवती मां को कभी भी सहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी इन सब मुश्किलों के बावजूद सोनाली ने असाधारण हिम्मत और पक्का इरादा दिखाया।” बनर्जी ने घोषणा की कि वह मंगलवार को अपनी बीरभूम यात्रा के दौरान अस्पताल जाकर सोनाली और उनके नवजात शिशु से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सोनाली ने असाधारण साहस दिखाया है और उनकी प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं।