"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

योगी सरकार का होली गिफ्ट त्योहार से पहले आएगा वेतन, सीएम का सख्त निर्देश- ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के पर्व से पहले ही सभी कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि त्योहार के मद्देनजर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग तय समयसीमा का कड़ाई से पालन करें। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही आउटसोर्सिंग, संविदाकर्मी, सफाईकर्मी समेत सभी श्रेणी के कर्मियों का भुगतान भी त्योहार से पहले सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि किसी भी कर्मचारी को पर्व के दौरान आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी के साथ मुख्यमंत्री ने शनिवार 28 फरवरी को कार्यदिवस घोषित कर दिया है। वहीं, कर्मचारियों को 03 मार्च का अवकाश दिया जाएगा। होली पर्व के अवसर पर 2, 3 और 4 मार्च को अवकाश रहेगा। विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगीमुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि भुगतान और अवकाश संबंधी आदेशों के पालन में किसी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी। चल-अचल संपत्ति का विवरण न देने वाले राज्यकर्मियों को 10 मार्च तक ब्योरा देने पर जनवरी का वेतन जारी किया जाएगा। लेकिन 31 जनवरी 2026 तक विवरण न देने वाले 47816 कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी शासनादेश के मुताबिक, 24 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत कर्मचारियों को 31 जनवरी 2026 तक चल-अचल संपत्ति का विवरण देना था। 6 जनवरी 2026 को स्पष्ट किया गया था कि जो कर्मचारी विवरण अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें जनवरी का वेतन नहीं मिलेगा। 31 जनवरी तक 47,816 कर्मचारियों ने ब्योरा नहीं दिया। सरकार ने 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक एक बार फिर अवसर दिया है, लेकिन इसे प्रतिबंधों के साथ जोड़ा गया है। संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। देय होने पर भी इस वर्ष एसीपी का लाभ नहीं मिलेगा। विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति आदि के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगी।

इलाहाबाद जिला न्यायालय की स्पेशल पॉक्सो अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समेत दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का दिया आदेश

इलाहाबाद जिला न्यायालय पॉक्सो एक्ट की अदालत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य दंडी स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश शाकुंभरी पीठीधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए स्पेशल कोर्ट ने दिया है। स्पेशल कोर्ट पॉक्सो के न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने जगद्गुरु ज्योतिष पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बच्चों का यौन शोषण करने के आरोप में झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य दंडी स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। प्रयागराज से विद्या मठ वाराणसी के लिए पैदल यात्रा निकालेंगेन्यायालय ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और मामले की विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के बाद अब झूंसी थाने में मामला दर्ज किया जाएगा। धारा 173 (4) के तहत शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच करने की मांग को लेकर कोर्ट में वाद दायर किया था। जिस पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया है। शाकुंभरी पीठाधीश्वर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण ट्रस्ट के आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत के आदेश पर संतोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि न्याय के मंदिर से न्याय मिला है। न्यायाधीश ने बच्चों के साथ हुए लैंगिक अपराध के मामले में झूंसी थाने में एफआईआर करते हुए जांच करने का आदेश दिया है। कहा कि सनातन के नाम पर बच्चों का शोषण करने वालों को सजा मिलेगी। कहा कि वह प्रयागराज से विद्या मठ वाराणसी के लिए पैदल यात्रा निकालेंगे।