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शेख हसीना का संदेश: “आइए, देश को अंधकार से बचाने के लिए एकजुट हों नए साल पर देशवासियों से अपील

बांग्लादेश में आम चुनावों से पहले बने अस्थिरता के माहौल से उपजी हिंसा फिलहाल थमती नजर आ रही है। इस बीच बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नए साल पर एक संदेश जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पार्टी की ओर से साझा किए गए नव वर्ष संदेश में लोगों से ‘देश को अंधकार के इस सफर से बचाने’ के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और 2026 के लिए शुभकामनाएं दीं। बांग्लादेश अवामी लीग के आधिकारिक एक्स हैंडल पर किए गए पोस्ट में शेख हसीना ने कहा, ‘मेरे प्यारे बांग्लादेश को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। यह नव वर्ष बांग्लादेश के सभी लोगों के लिए असीम सद्भाव, खुशी और समृद्धि लेकर आए।” उन्होंने कहा, ‘यह अतीत के दुखों और कष्टों को मिटा दे। गलतियों और कमियों को सुधारे और सभी के लिए एक यादगार वर्ष बन जाए।’ देश को अंधकार की ओर धकेल दियाशेख हसीना ने कहा, ‘यह मेरा सबसे बड़ा सपना और जीवन भर का संघर्ष रहा है कि यह देश वास्तव में अपने सभी लोगों का हो- चाहे उनका धर्म, रंग, वर्ग, पेशा या जातीय पहचान कुछ भी हो।’ अपने संदेश में अवामी लीग की अध्यक्ष ने देश के खिलाफ साजिशों का जिक्र करते हुए कहा, ‘देश को नष्ट करने की साजिश रचने वाले षड्यंत्रकारियों के नकाब और घिनौने चेहरे आपके सामने उजागर हो चुके हैं।” उन्होंने अज्ञात ताकतों पर बांग्लादेश को संकट में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘आपने देखा है कि कैसे अवैध तरीके से हड़पने वालों ने, आपको बंधक बनाकर, असीमित भ्रष्टाचार, झूठ और व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के नशे के जरिये से देश को अंधकार की ओर धकेल दिया है।’ आज सवालों के घेरे मेंशेख हसीना ने लोगों से एकता की अपील करते हुए कहा, ‘हमें देश को अंधकार के इस सफर से बचाने के लिए एकजुट होना होगा।’ उन्होंने लोगों से साल की शुरुआत में सामूहिक प्रतिबद्धता निभाने का आग्रह किया और कहा, ‘आइए, नए साल का स्वागत करते हुए हम राष्ट्र की रक्षा करने की उस प्रतिबद्धता को निभाने का संकल्प लें।’ बांग्लादेश के इतिहास और पहचान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘देश की विशिष्ट पहचान और मुक्ति के लिए उसका ऐतिहासिक संघर्ष- वह बांग्लादेश जिसके लिए मेरी सरकार ने विश्व में इसे गरिमापूर्ण स्थान दिलाने के दृढ़ संकल्प के साथ अथक प्रयास किया- आज सवालों के घेरे में है।’