मनोज अग्रवाल बने बंगाल के नए मुख्य सचिव, TMC के आरोपों पर CM शुभेंदु अधिकारी का पलटवार!

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले पर मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। टीएमसी का सीधा आरोप है कि हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा का कथित तौर पर साथ देने का इनाम उन्हें दिया गया है। इन सब आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी को जवाब दिया है। अहम पद सौंपा गयामुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मनोज अग्रवाल की नियुक्ति का पर कहा कि मनोज अग्रवाल सिर्फ एक पूर्व सीईओ नहीं हैं, बल्कि वह राज्य के सबसे वरिष्ठ सिविल सेवक भी हैं। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी को कोई परेशानी है, तो वह जाकर दूसरों से बात करे। सीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से कानून और नियमों के दायरे में रहकर काम कर रही है। मनोज अग्रवाल 1990 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक नियमों के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर ही उन्हें मुख्य सचिव का यह अहम पद सौंपा गया है। भाजपा सरकार ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के दबाव में नियमों से कोई भी समझौता नहीं करेगी।
ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, चुनाव में हमारे साथ धोखा हुआ

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, बल्कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। टीएमसी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। पार्टी हार के कारणों और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी। जब मीडिया ने उनसे लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया तो ममता भड़क गईं। उन्होंने कहा, ”मैं क्यों जाऊंगी? हम तो हारे नहीं हैं, जो जाएंगे। अगर मैं जीत गई होती तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। चोरी करके जीतने से उन्हें अगर लगता है कि मुझे इस्तीफा देना होगा तो ऐसा नहीं होगा।” उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कहती हूं कि हम हारे नहीं हैं। उन्होंने जबरन हमें हराया है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर वो जीते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर मेरी जीत हुई है। गृह मंत्री भी शामिलममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया ‘आयोग इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने के वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? उन्होंने आरोप लगाया ‘चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।’ ‘उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।’ इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं। ‘
बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक दो दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा, अभिषेक बनर्जी पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक दो दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा किया है। शनिवार को ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से तृणमूल कांग्रेस 200 से अधिक सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रही है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मतगणना केंद्र पर तैनात होने वाले काउंटिंग एजेंटों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना के दिन सभी एजेंट केंद्रों पर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराएं। साथ ही, वे मतगणना की पल-पल की जानकारी पार्टी नेतृत्व को देते रहें। ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक मतगणना की पूरी प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती, तब तक कोई भी एजेंट केंद्र छोड़कर बाहर न आए। आत्मविश्वास पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहामुख्यमंत्री ने हालिया एग्जिट पोल्स को पूरी तरह से नकार दिया। कई एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है। इस पर ममता ने कहा कि ये सब शेयर बाजार को प्रभावित करने की साजिश है। उन्होंने इसे 2021 और 2024 के चुनाव जैसा ही प्रोपेगेंडा बताया। सीएम दीदी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं पर बर्बरता की है। उन्होंने वादा किया कि संकट के समय पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को भविष्य में पुरस्कृत किया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस ने इस चुनाव में 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बाकी की तीन सीटों पर चुनाव सहयोगी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा ने लड़ी हैं। बनर्जी को भरोसा है कि उनका यह गठबंधन भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा। दक्षिण 24 परगना के मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर जैसे क्षेत्रों में पुनर्मतदान के बीच ममता बनर्जी का यह आत्मविश्वास पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहा है।
Mamata Banerjee का BJP पर बड़ा हमला ‘बाहर से बुलाए वोटर!’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला किया। उत्तर 24 परगना जिले के टेंटुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को असम के स्थानीय लोगों के वोटों पर भरोसा नहीं था। इसलिए पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए बाहर से लोग बुलाए। ममता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को ट्रेन में भरकर असम लाया गया। 90 लाख नाम हटा दिए गएममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के राज में देश की कोई भी एजेंसी निष्पक्ष नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केसरिया पार्टी ने सभी एजेंसियों को खरीद लिया है। भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक सांप पर तो भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर कभी नहीं।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है। रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं। एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इन 90 लाख नामों में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। उन्होंने असम के एनआरसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी 19 लाख नाम लिस्ट से बाहर किए गए थे, जिनमें 13 लाख हिंदू और 6 लाख मुस्लिम थे। ममता बनर्जी ने लोगों को आगाह किया कि वे भाजपा पर कभी विश्वास न करें। असम की 126 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था।
पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी का बड़ा हमला, TMC पर ‘गुंडाराज’ और घुसपैठ का आरोप

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री आज लगातार तीन रैली कर रहे हैं। हले पीएम मोदी ने हल्दिया की रैली संबोधित किया था। वहां उन्होंने जनता को विकास की गारंटी दी, जबकि आसनसोल में टीएमसी के ‘पापों’ का हिसाब लेने की चेतावनी दी। वहीं, बीरभूम की रैली में भी उन्होंने टीएमसी पर बड़ा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि बीरभूम की ऐतिहासिक धरती ने संथाल क्रांति को ऊर्जा दी थी।आज उसी बीरभूम में परिवर्तन की आंधी नजर आ रही है। मेरे सामने ये विशाल जनसागर परिवर्तन की घोषणा कर रहा है। साथियों, रबींद्र नाथ टेगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे। हर कोई भयमुक्त हो, लेकिन टीएमसी के गुंडाराज ने एकदम उल्टा कर दिया। ये हमेशा मां, माटी और मानुष की बात करते थें। लेकिन टीएमसी के राज में मां रो रही है। माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत है। डरा हुआ है। सहमा हुआ है। पीएम ने कहा कि यह स्थिति बदलने के लिए अब निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। गाल के लोगों को इस डर से मुक्ति दिलाना जरूरीपीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का सिंडिकेट घुसपैठियों को फर्जी सरकारी दस्तावेज दिलाने में मदद कर रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ राज्य नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ के खिलाफ विशेष जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों के हर मददगार की पहचान की जाएगी, चाहे वह कितना ही ताकतवर क्यों न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा और घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। पीएम ने रामपुरहाट और मालदा की घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया में लगे लोगों तक को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को इस डर से मुक्ति दिलाना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने आरजी कर दुष्कर्म मामले को भी उठाया। बता दें, भाजपा ने आरजी कर मामले की पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें पानीहाटी विधानसभा से टिकट दिया गया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव वाम मोर्चा ने 192 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी, जादवपुर से विकास रंजन भट्टाचार्य और उत्तरपारा से मीनाक्षी मुखर्जी मैदान में

वाम मोर्चा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 192 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस सूची में राज्यसभा के निवर्तमान सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य और मीनाक्षी मुखर्जी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। भट्टाचार्य जादवपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, वाम मोर्चा का युवा चेहरा मानी जाने वाली मीनाक्षी मुखर्जी उत्तरपारा सीट से चुनाव लड़ेंगी। मीनाक्षी मुखर्जी ने 2021 के नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वह शुभेंदु और ममता बनर्जी के बाद तीसरे स्थान पर रही थीं।उपचुनाव की मतगणना वाम मोर्चा ने कालीगंज सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की उम्मीदवार के रूप में सबीना यास्मीन को मैदान में उतारा है। वह छह साल की बच्ची तमन्ना की मां हैं, जिसकी पिछले साल जून में उपचुनाव की मतगणना के दिन कथित तौर पर जीत के जुलूस से फेंके गए देसी बम के विस्फोट में मौत हो गई थी। यह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जीता था। वाम मोर्चा ने कालीगंज सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की उम्मीदवार के रूप में सबीना यास्मीन को मैदान में उतारा है। वह छह साल की बच्ची तमन्ना की मां हैं, जिसकी पिछले साल जून में उपचुनाव की मतगणना के दिन कथित तौर पर जीत के जुलूस से फेंके गए देसी बम के विस्फोट में मौत हो गई थी। यह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जीता था।
दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, उन्हें दोष देती हूँ जो शीर्ष पर बैठे, बंगा भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों पर भड़कीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दिल्ली के बंगा भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों का सामना किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं। उनका मकसद चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना है। ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद वो बंगा भवन गईं, जो दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार का गेस्ट हाउस है। वहां वे परिवार ठहरे हुए हैं जो बंगाल में चुनावी सूची की जांच प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। इमारत के बाहर भारी पुलिस बल तैनात देखकर मुख्यमंत्री नाराज हो गईं। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे बंगाल के लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगा भवन में बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हमारी चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है। लोग परेशान हैं, क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?” मुख्यमंत्री ने कहा, जहां भी एसआईआर से प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात है। जब दिल्ली में धमाका होता है तो दिल्ली पुलिस कहां होती है? मुख्यमंत्री ने कहा मैं दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, मैं उन लोगों को दोष देती हूं जो शीर्ष पर हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश की रक्षा करने में नाकाम हैं और आम लोगों पर एसआईआर के नाम पर अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की तुलना एक जमींदारी से की, जहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है।