पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी का बड़ा हमला, TMC पर ‘गुंडाराज’ और घुसपैठ का आरोप

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री आज लगातार तीन रैली कर रहे हैं। हले पीएम मोदी ने हल्दिया की रैली संबोधित किया था। वहां उन्होंने जनता को विकास की गारंटी दी, जबकि आसनसोल में टीएमसी के ‘पापों’ का हिसाब लेने की चेतावनी दी। वहीं, बीरभूम की रैली में भी उन्होंने टीएमसी पर बड़ा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि बीरभूम की ऐतिहासिक धरती ने संथाल क्रांति को ऊर्जा दी थी।आज उसी बीरभूम में परिवर्तन की आंधी नजर आ रही है। मेरे सामने ये विशाल जनसागर परिवर्तन की घोषणा कर रहा है। साथियों, रबींद्र नाथ टेगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे। हर कोई भयमुक्त हो, लेकिन टीएमसी के गुंडाराज ने एकदम उल्टा कर दिया। ये हमेशा मां, माटी और मानुष की बात करते थें। लेकिन टीएमसी के राज में मां रो रही है। माटी पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है और मानुष भयभीत है। डरा हुआ है। सहमा हुआ है। पीएम ने कहा कि यह स्थिति बदलने के लिए अब निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है। गाल के लोगों को इस डर से मुक्ति दिलाना जरूरीपीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी का सिंडिकेट घुसपैठियों को फर्जी सरकारी दस्तावेज दिलाने में मदद कर रहा है। उनके मुताबिक यह सिर्फ राज्य नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ के खिलाफ विशेष जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि घुसपैठियों के हर मददगार की पहचान की जाएगी, चाहे वह कितना ही ताकतवर क्यों न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा और घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा। पीएम ने रामपुरहाट और मालदा की घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया में लगे लोगों तक को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोगों को इस डर से मुक्ति दिलाना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने आरजी कर दुष्कर्म मामले को भी उठाया। बता दें, भाजपा ने आरजी कर मामले की पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया है। उन्हें पानीहाटी विधानसभा से टिकट दिया गया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव वाम मोर्चा ने 192 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी, जादवपुर से विकास रंजन भट्टाचार्य और उत्तरपारा से मीनाक्षी मुखर्जी मैदान में

वाम मोर्चा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 192 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। इस सूची में राज्यसभा के निवर्तमान सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य और मीनाक्षी मुखर्जी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। भट्टाचार्य जादवपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, वाम मोर्चा का युवा चेहरा मानी जाने वाली मीनाक्षी मुखर्जी उत्तरपारा सीट से चुनाव लड़ेंगी। मीनाक्षी मुखर्जी ने 2021 के नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वह शुभेंदु और ममता बनर्जी के बाद तीसरे स्थान पर रही थीं।उपचुनाव की मतगणना वाम मोर्चा ने कालीगंज सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की उम्मीदवार के रूप में सबीना यास्मीन को मैदान में उतारा है। वह छह साल की बच्ची तमन्ना की मां हैं, जिसकी पिछले साल जून में उपचुनाव की मतगणना के दिन कथित तौर पर जीत के जुलूस से फेंके गए देसी बम के विस्फोट में मौत हो गई थी। यह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जीता था। वाम मोर्चा ने कालीगंज सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की उम्मीदवार के रूप में सबीना यास्मीन को मैदान में उतारा है। वह छह साल की बच्ची तमन्ना की मां हैं, जिसकी पिछले साल जून में उपचुनाव की मतगणना के दिन कथित तौर पर जीत के जुलूस से फेंके गए देसी बम के विस्फोट में मौत हो गई थी। यह उपचुनाव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जीता था।
दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, उन्हें दोष देती हूँ जो शीर्ष पर बैठे, बंगा भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों पर भड़कीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दिल्ली के बंगा भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों का सामना किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं। उनका मकसद चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना है। ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद वो बंगा भवन गईं, जो दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार का गेस्ट हाउस है। वहां वे परिवार ठहरे हुए हैं जो बंगाल में चुनावी सूची की जांच प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। इमारत के बाहर भारी पुलिस बल तैनात देखकर मुख्यमंत्री नाराज हो गईं। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे बंगाल के लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगा भवन में बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हमारी चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है। लोग परेशान हैं, क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?” मुख्यमंत्री ने कहा, जहां भी एसआईआर से प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात है। जब दिल्ली में धमाका होता है तो दिल्ली पुलिस कहां होती है? मुख्यमंत्री ने कहा मैं दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, मैं उन लोगों को दोष देती हूं जो शीर्ष पर हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश की रक्षा करने में नाकाम हैं और आम लोगों पर एसआईआर के नाम पर अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की तुलना एक जमींदारी से की, जहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है।