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ममता बनर्जी से मिले अखिलेश यादव, बोले“भाजपा के हमलों का डटकर मुकाबला सिर्फ दीदी ही कर सकती

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। यह मुलाकात कोलकाता में राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में हुई। अखिलेश यादव अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव के साथ एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने कोलकाता आए थे। दोपहर करीब 1:40 बजे उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके दफ्तर में बातचीत की। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस देश में सिर्फ दीदी ही भाजपा के हमलों का डटकर मुकाबला कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने जांच एजेंसी ईडी (ईडी) को हरा दिया है और वह आने वाले समय में भाजपा को भी हराएंगी। अखिलेश कहा, BJP अभी तक पेन ड्राइव खोने का दर्द नहीं भूल पाई है, यह कथित तौर पर उन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संदर्भ में था जिन्हें सीएम छापे के दौरान एजेंसी के तलाशी अभियान परिसर से बाहर लाई थीं। चुनाव में धांधली का आरोप लगायाअखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह समाज में फूट डालने की राजनीति करती है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा इसके जरिए अपने वोट बढ़ाने के बजाय विरोधियों के वोट कम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि बंगाल, बिहार और यूपी जैसे राज्यों में यह अभ्यास सिर्फ विपक्ष को कमजोर करने का एक जरिया बन गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात कर उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश में सिर्फ दीदी ही भाजपा का मुकाबला कर सकती हैं। अखिलेश ने भाजपा पर जांच एजेंसियों के गलत इस्तेमाल और चुनाव में धांधली का आरोप लगाया।

चुनावी बंगाल में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, 17 जनवरी को दिल्ली में अहम रणनीतिक बैठक

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। टीएमसी और भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसके लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कांग्रेस के बड़े नेता बंगाल के नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने का काम करेंगे। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बड़े नेता आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा करने के लिए 17 जनवरी को दिल्ली में पश्चिम बंगाल के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी 18 जनवरी को कोलकाता में होगी। खबरों के मुताबिक राज्य राजनीतिक कार्रवाई समिति के सदस्यों और चुनाव समिति के सदस्यों के साथ-साथ राज्य के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की अन्य बैठकें भी 18 जनवरी को कोलकाता में होंगी। TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना कीसूत्रों ने बताया कि 17 जनवरी की बैठक के दौरान चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा होने और उसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस को यह भी तय करना है कि वह चुनावों के लिए किनके साथ गठबंधन करेगी। कांग्रेस ने सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, AICC महासचिव पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के प्रमुख शुभंकर सरकार सहित अन्य लोगों के 17 जनवरी की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। ये बैठकें पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन पर विवाद के बीच हो रही हैं, जिसकी TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना की है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कई मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

चुनाव आते ही ईडी सक्रिय क्यों? कपिल सिब्बल का केंद्र पर हमला, बोले विपक्ष को डराने का हथियार बनी एजेंसी

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई को लेकर राज्य से लेकर देशभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसी बीच इस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही जांच एजेंसियों को अचानक दस्तावेजों की याद आ जाती है और इसका मकसद सिर्फ विपक्षी नेताओं को परेशान करना होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, वहां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को परेशान करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी जांच एजेंसी किसी दफ्तर में जाकर सभी फाइलें कैसे ले जा सकती है। अगर कोयला घोटाले की जांच करनी है तो उससे जुड़ी फाइलें लें, लेकिन हर फाइल ले जाना किस अधिकार में है? किसी भी जांच एजेंसी को ऐसा करने का हक नहीं है। यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दीकपिल सिब्बल ने ईडी को एक सर्वव्यापी एजेंसी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कानून लागू करना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना और परेशान करना है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राज्य और केंद्र के बीच जानबूझकर विवाद पैदा किया जा रहा है। सिब्बल ने आगे कहा कि चुनाव के समय ही ऐसी कार्रवाइयां क्यों तेज हो जाती हैं। कोयला घोटाला कोई नया मामला नहीं है, यह कई वर्षों से चल रहा है। फिर अब ही अचानक कार्रवाई क्यों? राज्यसभा सांसद ने यूपीए सरकार के कार्यकाल (2004 से 2014) को याद करते हुए कहा कि उस समय इस तरह की खबरें अखबारों में नहीं आती थीं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दी थी। उस दौर में किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता के खिलाफ झूठी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की गई। केंद्र सरकार पर निशाना साधासिब्बल ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज ईडी एक ऐसी एजेंसी बन गई है जो देश में कहीं भी, कभी भी पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब भी कहीं कोई एफआईआर दर्ज होती है, ईडी वहां पहुंच जाती है और खासतौर पर चुनाव के समय उसकी सक्रियता बढ़ जाती है। इससे देश की संघीय व्यवस्था (फेडरल स्ट्रक्चर) को नुकसान पहुंच रहा है। ईडी की कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर पश्चिम बंगाल की राजनीति में गर्माहट तेज है। वहीं दूसरी ओर अब राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ही जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं और इसका मकसद विपक्षी नेताओं को परेशान करना है।

एसआईआर पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा– भाजपा आईटी सेल के ऐप से हो रहा है अवैध काम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग राज्य में एसआईआर अभ्यास को कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ‘हर तरह के गलत तरीके’ अपना रहा है। मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दियाउन्होंने कंहा, एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। वह योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्ग, बीमार और असहाय लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है। वह इस काम के लिए भाजपा के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रहा है। यह अवैध, असांविधानिक और अलोकतांत्रिक है। ऐसे नहीं चल सकता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो की ओर से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर को कराने के लिए आयोग ने मनमाने और प्रकिया के खिलाफ कदम उठाए हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य के योग्य और वास्तविक मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है। एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगीममता बनर्जी ने कहा, मैं जनता से अपील करती हूं कि एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें। जो लोग जरूरतमंद हैं, उनके साथ खड़े रहें। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है, केवल लोगों का साथ दें, जो इस प्रक्रिया की वजह से परेशानी में हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्या में मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण मौतें हो रही हैं और लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।