तमिलनाडु में नया सियासी युग TVK प्रमुख जोसेफ विजय बने मुख्यमंत्री, गैर-द्रविड़ राजनीति का नया अध्याय शुरू

तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरूआत हो चुकी है। तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के संस्थापक जोसेफ विजय प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में रविवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। तमिलनाडु में पहली बार किसी गैर-द्रविड़ पार्टी की सरकार बनी है। जोसेफ विजय की सरकार के गठन के साथ ही डीएमके और एआईएडीएमके का दशकों पुराना दबदबा खत्म हो गया। विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली है। विजय को 13 मई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा। सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएंजोसेफ विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विजय के शपथ ग्रहण के दौरान दो बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसने लोगों के दिल को जीत लिया है। सोशल मीडिया पर लोग विजय की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह नया तमिलनाडु है। विजय के शपथ ग्रहण की शुरुआत और समापन में पूरा राष्ट्र गीत वंदे मातरम् गाया गया। आइए जानते हैं कि सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएं हैं। एक शख्स ने शपथ ग्रहण के दौरान वीडियो शेयर करते हुए लिखा है- जननेता विजय थलपति। विजय थलपति तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं। एक अन्य ने लिखा है, वंदे मातरम् तमिलनाडु।
वेदारण्यम से चुनाव लड़ सकते’थलापति’ विजय, मछुआरों और किसानों के गढ़ में दांव खेलने की तैयारी

तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने चुनावी मैदान में संगठित प्रवेश का संकेत देते हुए 27 फरवरी को घोषणा पत्र जारी करने का एलान किया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रारंभिक चरण में हर सीट के लिए तीन संभावित उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। संभावित उम्मीदवारों की सूची में लगभग 80 प्रतिशत नाम जिला सचिवों के हैं। इससे स्पष्ट है कि पार्टी जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देना चाहती है और स्थानीय संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसके अलावा, राज्य स्तरीय पदाधिकारियों और अनुभवी प्रशासकों के नाम भी सूची में शामिल किए गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीति संगठनात्मक निष्ठा और प्रशासनिक अनुभव के संतुलन को दर्शाती है। निर्णायक प्रभाव छोड़ने के लिए तैयार दिखाई दे रहीकुछ हाई-प्रोफाइल सीटों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। विल्लिवक्कम में हाल ही में पार्टी में शामिल हुए पूर्व एआईएडीएमके विधायक के बेटे को उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा है। वहीं कोलाथुर सीट पर एक प्रसिद्ध उद्योगपति के चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। तेनकासी जिले में अलंगुलम क्षेत्र के एक प्रमुख थिएटर मालिक के बेटे और वासुदेवनल्लूर के पूर्व विधायक को भी उम्मीदवार बनाया जा सकता है। सबसे अधिक चर्चा अभिनेता विजय की संभावित सीट को लेकर हो रही है। आधिकारिक घोषणा भले न हुई हो, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार वे वेदारण्यम से चुनाव लड़ सकते हैं, जो नागपट्टिनम जिले में स्थित है। यह सीट वर्तमान में ओएस मणियन के पास है, जो पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं। पिछले चुनाव में डीएमके उम्मीदवार बेहद कम अंतर से हार गया था, जिससे यह सीट काफी प्रतिस्पर्धी मानी जाती है। वेदारण्यम क्षेत्र में मछुआरों और किसानों की बड़ी आबादी है, जिन्हें चुनाव में निर्णायक मतदाता माना जाता है। पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षणों के अनुसार, यदि विजय यहां से चुनाव लड़ते हैं तो उनकी जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है। घोषणा-पत्र जारी होने और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचने के साथ टीवीके अपने पहले बड़े विधानसभा चुनाव में निर्णायक प्रभाव छोड़ने के लिए तैयार दिखाई दे रही है।