दिल्ली में ईवी क्रांति को रफ्तार साल के अंत तक 7,000 नए चार्जिंग स्टेशन, विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं बोली सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली सरकार साल के अंत तक करीब 7,000 नए इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी में है। मौजूदा 8,849 चार्जिंग स्टेशनों को मिलाकर इनकी कुल संख्या 15,849 हो जाएगी, जो राजधानी में ईवी वाहनों की तेजी से बढ़ती संख्या के लिहाज से नाकाफी है। मोटर वाहन एग्रीगेटरों, डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए शुरू किए गए वेब पोर्टल पर अब तक करीब 7 लाख वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। ऐसे हालात में दिसंबर तक दिल्ली में करीब 36,150 ईवी चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत होगी। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए बस बेड़े के विस्तार पर भी काम कर रही है। ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से 62 प्रमुख जाम वाले स्थानों की पहचान कर 215 सुधार कार्य तय किए गए हैं। इनमें 83 पूरे हो चुके हैं और 50 अगले छह माह में पूरे होने की उम्मीद है। कुछ कार्य बुनियादी ढांचा और व्यावहारिक कारणों से लंबित हैं। विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं होने देंगेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बीते रविवार को आरकेपुरम विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों की शुरुआत की। सीएम ने कहा कि दिल्ली में विकास कार्यों के लिए फंड की कमी नहीं होने देंगे। रेखा गुप्ता ने कहा कि विकास कार्यों के तहत इलाके की सड़कों को ठीक किया जाएगा। साथ ही पुरानी और जर्जर चौपालों की मरम्मत होगी। कम्युनिटी सेंटरों को नया रूप दिया जाएगा और पार्कों को सुंदर बनाया जाएगा। लोगों की सेहत के लिए पार्कों में ओपन जिम के उपकरण लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में सांसद और विधायक को सीमित फंड उपलब्ध होता था, जिसके कारण क्षेत्रीय विकास कार्य वर्षों तक अटके रहते थे। अब पहली बार दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने सभी जनप्रतिनिधियों को यह विश्वास दिया है कि विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। वर्षों से दिल्ली में विकास कार्य ठप पड़े थे। आरकेपुरम जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में झुग्गी बस्तियां हैं। दिल्ली सरकार ने इन्हें हर सुविधा मुहैया कराने का संकल्प लिया है।