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कांशीराम जी सफल हुए क्योंकि कांग्रेस अपना काम ठीक से नहीं कर पाई — राहुल गांधी का आत्मचिंतन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। जहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांशीराम जयंती के अवसर पर आयोजित सामाजिक परिवर्तन दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांशीराम जी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। यही कारण है कि कांशीराम जी सफल हुए। अगर कांग्रेस ठीक तरह से काम करती तो कांशीराम जी कभी सफल न होते। उन्होंने कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते और अब भाजपा ने सरकार के 85 प्रतिशत हिस्से की अनदेखी की है।राहुल गांधी ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में देख लीजिए, कार्पोरेट इंडिया में देख लीजिए, बड़ी-बड़ी कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट की सूची निकालकर देख लीजिए आपको दलित, पिछड़ा और आदिवासी कहीं नहीं मिलेगा। किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर देख लीजिए। डॉक्टरों के नाम पढ़िए आपको एक दलित, पिछड़ा और आदिवासी नहीं मिलेगा। वहीं, मनरेगा मजदूरों की सूची निकाल लीजिए वहां पर 85 प्रतिशत दलित और पिछड़ा मिलेंगे। साइकोलॉजिकली खत्म कर दियाउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में दलित, आदिवासी और ओबीसी के लिए मौके कम किए जा रहे हैं। इंटरव्यू से बच्चों को निकाला जा रहा है। उन्हें पब्लिक सेक्टर में मौका नहीं मिल पाता है। हम सभी की बराबरी चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश के हजारों साल की विचारधारा है। इसमें सावरकर की विचारधारा नहीं है। गोडसे की विचारधारा नहीं है। इसलिए वो लोग इसे नहीं मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें लेकिन वो संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। गांधी जी, आंबेडकर जी और कांशीराम जी ने बहुत मुश्किलें झेली पर वो कभी कंप्रोमाइज्ड नहीं हुए जबकि मोदी जी तो कंप्रोमाइज्ड हैं। हमने उन्हें पकड़ लिया है। हमने नरेंद्र मोदी को साइकोलॉजिकली खत्म कर दिया है। वो अमेरिका के दबाव में हैं। वो अब अमेरिका का काम कर रहे हैं।

RSS ने 100 साल में क्या किया? राज्यसभा में खरगे ने महिला आरक्षण पर मोदी सरकार को धोया

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बुधवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 6062 शब्दों को अभिभाषण इस सरकार ने तैयार किया है। लेकिन कई अहम सवालों पर अभिभाषण मौन है। मैं सदन में सिर्फ पांच जरूरी मुद्दे आपके सामने रखना चाहूंगा। मैं सामाजिक न्याय, सामाजिक सद्भाव, संसदीय लोकतंत्र पर हमला, अर्थव्यवस्था और किसानों मजदूरों की दिक्कतें और विदेश नीति की खामियां.. पर अपनी बात रखना चाहता हूं। विधेयक पास कर सकतेखरगे ने कहा, आपको यह बताना चाहता हूं कि इस सत्ता ने कितना समय देश की भलाई के लिए दिया है। कितना समय इन्होंने देश के बाहर बिताया। यह आप सबको मालूम है। सबसे पहले मैं सामाजिक न्याय पर बात रखूंगा। पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय के ताने-बाने को कमजोर किया है। उनके सांविधानिक हक-हकूकों पर चोट पहुंचाई है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में महिला सशक्तिकरण पर बात हुई, लेकिन सच यह है कि महिलाएं भाजपा के लिए केवल वोट बैंक बनकर रह गई हैं। अगर मोदी वाकई महिलाओं का नेतृत्व आगे लाना चाहते हैं, तो सबसे महिला आरक्षण विधेयक पारित करते, इस पर शर्तें नहीं रखते। अगर आपको उन्हें शक्ति देनी है, तो आप ये विधेयक पास कर सकते हैं। उसको लागू कर सकते हैं। आप कहते हैं कुछ, करते हैं कुछ। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहेआप इस पर शर्तें लागू नहीं करते, जैसे आपने जनगणना के नाम पर किया। आपसे सौ साल पहले जब महिलाओं को वोट का अधिकार भी नहीं था। तब कांग्रेस ने अपनी पार्टी की नेता सरोजनी नायडू को अध्यक्ष चुना। है आपके पास कोई उदाहरण? इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री बनने के भी साठ साल पूरे हो गए। भाजपा ने किसी महिला को अब तक अध्यक्ष नहीं बनाया है। आरएसएस ने सौ साल में किसी महिला को अपना नेतृत्व नहीं सौंपा है। उन्होंने आगे कहा, कमजोर तबकों, खासकर आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस की सरकारों में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदाय के आर्थिक विकास के लिए कई कदम उठाए गए।