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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! आखिर कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत?

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत हो चुकी है। इसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मौत का असली कारण पता चला है। जो चौंकाने वाला है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव की हृदय गति रुक गई थी। साथ ही उनके फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जम गए थे। जिस वजह से उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस वजह से उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, उनके शरीर का रंग पूरी तरह से नीला पड़ चुका है। उनके शरीर का वजन काफी बढ़ गया था। इस वजह से उनके हार्ट और विसरा को सुरक्षित रख दिया गया है। मैं काफी समय से प्रतीक यादव का उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और हाइपरटेंशन का इलाज कर रही थी। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में ब्लड क्लॉट) की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार और समर्थकों में शोक का माहौलप्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म सामने आई है। जांच में पता चला कि शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस गया था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जिसमें फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुक जाता है।रिपोर्ट के मुताबिक, खून का बड़ा क्लॉट फेफड़ों की मुख्य धमनी में पहुंचने से सांस लेने की प्रक्रिया अचानक प्रभावित हुई। ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पड़ा और कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि बड़े क्लॉट की वजह से अचानक सांसें थम गईं, जिससे प्रतीक यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

भाजपा में ही रहेंगे बृजभूषण शरण सिंह, सपा में जाने की अटकलों पर लगाया विराम

पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह फिलहाल भारतीय जनता पार्टी में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका एक बेटा सांसद है और दूसरा विधायक, जबकि उनकी पत्नी भी सांसद रह चुकी हैं। स्वयं छह बार सांसद रहे बृजभूषण सिंह ने समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि “कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना।”यह बयान उन्होंने मुजफ्फरनगर के नसीरपुर गांव में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के पिता की शोक सभा में शामिल होने के दौरान दिया। इस दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी बात रखी। इस संवेदनशील मुद्दे पर फिलहाल कोई भी टिप्पणीजब उनसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में पूछा गया, तो बृजभूषण सिंह ने कोई भी भविष्यवाणी करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह बयान उनके भविष्य की योजनाओं को लेकर और भी अधिक रहस्य पैदा करता है। पहलवान विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर भी बृजभूषण सिंह ने जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

चाय वाले पर कार्रवाई से गरमाई सियासत, Akhilesh Yadav का तंज“मेरा घर भी सील कर दो

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फतेहपुर में जिस चाय वाले के यहां पर चाय पी थी। उस चाय वाले शेषमन यादव की दुकान पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी कर दुकान बंद करने चेतावनी दी थी। अखिलेश ने रविवार को शेषमन और उनको चाय पिलाने वाले शेषमन के पुत्र आर्यन यादव को अपने कार्यालय बुलाया और उन्हें पीतल के बर्तन भेंट किए। अखिलेश यादव ने कहा कि आरोप हैं कि एल्युमिनियम के बर्तन में चाय बनाई जा रही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मेरे घर में भी एल्युमिनियम के बर्तन हैं। मेरा घर भी सील कर दो। चाय वाले को परेशान किया जा रहा है। एक मुस्लिम नेता को आगे करके शिकायत करवाई गई है जिससे कि केस बन सके। सोने-चांदी के बर्तन में चाय बनाएंगेअखिलेश यादव ने 20 फरवरी में एक दौरे पर जाते समय फतेहपुर में रुककर एक दुकान पर चाय पी थी जिसकी तस्वीर उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर दी थी। ये पोस्ट वायरल हो गई। इस पर अखिलेश यादव ने लिखा था कि मत डरिए, अपना काम करिए। बुरे दिन जाने वाले हैं। फतेहपुर में चाय की दुकान चलाने वाले शेषमन ने बताया कि जब से अखिलेश भैया दुकान पर आए थे तभी से परेशान किया जा रहा है। 16 अप्रैल को फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आए और पूछा कि एल्यूमिनियम के बर्तन में चाय क्यों बनाते हो? हमारा जीना मुश्किल हो गया है। हम एल्यूमिनियम के बर्तन में नहीं तो क्या सोने-चांदी के बर्तन में चाय बनाएंगे।

लोकतंत्र में वोट की चोरी! सपा प्रमुख ने गिनाए आंकड़े कहीं विधायक की पत्नी, तो कहीं नगर अध्यक्ष का नाम कटा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भाजपा पीडीए और खासकर अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश कर रही है। फॉर्म-7 के जरिये भाजपा वोटों की चोरी कर रही है। आयोग कार्रवाई नहीं कर रहा है। भाजपा सरकार वोट काटकर चुनाव जीतना चाहती है। सपा प्रमुख का दावा है कि बीजेपी की एक गुप्त बैठक में यह तय किया गया था कि हर विधानसभा में वोट कटवाए जाएंगे। उन्होंने कन्नौज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के एक नेता ने भी बयान दिया था कि ज्यादा पढ़ा-लिखा कभी-कभी गलती कर देता है। भाजपा को ये बात पता है कि इस बार यूपी का चुनाव वो जीत नहीं रहे हैं। इसलिए वो ऐस हरकत कर रहे हैं। कैसे सामने वाला का वोट काटें। लेकिन जनता सब जानती है। हर बात का जवाब देगी। हम भी शांत नहीं रहेंगे। वोट में घोटाला होने नहीं देंगे। विपक्ष को उलझाए रखने की रणनीतिसकलडीहा विधानसभा में फॉर्म 7 के 16 आवेदन जमा किए गए। वहीं बाबागंज विधानसभा के बूथ नंबर 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म 7 भरकर करीब 100 वोट कटवा दिए गए। हमारे एक बीएलए का भी वोट कटवा दिया गया। यह सीधी साजिश है, जिसमें असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिश हो रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि औरैया नगर अध्यक्ष का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, बलिया के सिकंदरपुर से सपा विधायक की पत्नी का नाम भी कटवा दिया गया। हमारे ही वोटर से नगर अध्यक्ष का काम कटवा दिया गया। यह सब विपक्ष को उलझाए रखने की रणनीति है।