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राष्ट्र प्रथम – कर्तव्य निष्ठा युवा, एनसीसी कैडेट्स के बीच पहुँचे पीएम मोदी, दिया भविष्य का रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (28 जनवरी) को राजधानी दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित वार्षिक नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) पीएम रैली में शामिल हुए। पीएम मोदी के साथ इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने विचार रख रहे हैं। यह आयोजन एक महीने तक चलने वाले वार्षिक एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर के समापन का प्रतीक है। जिसमें देश भर से 2406 कैडेट्स ने हिस्सा लिया है, जिसमें 898 लड़कियां भी शामिल थीं। प्रधानमंत्री की रैली का विषय ‘राष्ट्र प्रथम – कर्तव्य निष्ठा युवा’ है, जो भारत के युवाओं में कर्तव्य, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाता है। अंत में एक पुरुष मार्चिंग टुकड़ी शामिलदरअसल, यह रैली एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर 2026 के भव्य समापन का प्रतीक है, जिसका औपचारिक उद्घाटन 5 जनवरी को उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया था। एनसीसी ने 3 जनवरी को घोषणा की थी कि इस वर्ष देश भर से 898 लड़कियों सहित 2,406 एनसीसी कैडेट वार्षिक शिविर में भाग ले रहे हैं। भूटान, श्रीलंका, ब्राजील, नेपाल और मलयेशिया सहित 20 से अधिक मित्र विदेशी देशों के 200 से अधिक कैडेट और अधिकारी भी इसमें भाग ले रहे हैं। एक महीने तक चलने वाले इस शिविर में कई अंतर-निदेशालय प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम शामिल हैं, जैसे कि सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, छोटे हथियारों से फायरिंग और ध्वज क्षेत्र डिजाइनिंग। राष्ट्रीय राजधानी के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड में पहले एक महिला मार्चिंग टुकड़ी, फिर एक संयुक्त बैंड और अंत में एक पुरुष मार्चिंग टुकड़ी शामिल थी। एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित कियापहली बार एनसीसी के दल के नेताओं ने सैन्य टुकड़ियों के सदस्यों के “समान” रूप से तलवार लेकर औपचारिक परेड में मार्च किया। इस अवसर पर, राष्ट्रीय रंगशाला और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सदस्यों, एनसीसी कैडेटों द्वारा एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा और चरित्र विकास में उनकी भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा। बता दें कि पिछले एक महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित सरकार और सेना के विभिन्न नेताओं ने एनसीसी गणतंत्र दिवस शिविर में कैडेटों को संबोधित किया है।

“मदरसों में भी पढ़ाई जाए संविधान की किताब!” बरेली से मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की देशव्यापी अपील

बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की ओर से मदरसा जामियातुस सुवालेहात में रविवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम हुआ। इसमें मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि गणतंत्र दिवस देश के लिए जश्न का दिन है। गणतंत्र दिवस अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के लिए बड़ी नेमत है। संविधान देश की एकता और अखंडता की गारंटी है। जम्हूरियत (लोकतंत्र) देश की आजादी का नतीजा है। मौलाना ने मुस्लिम संस्थाओं के स्कूल-कॉलेज और मदरसों के जिम्मेदारों से अपील करते हुए कहा कि हर बच्चे को भारतीय संविधान पढ़ाएं ताकि नई पीढ़ी ये जान सकें कि संविधान ने अपने नागरिकों को कौन कौन से अधिकार दिए हैं। किस तरह से हमें आजादी हासिल है। मदरसों के छात्र इस तरह की किताब नहीं पढ़ पाते हैं। मदरसों में संविधान का पढ़ाया जाना बहुत जरूरी है। हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावाकार्यक्रम में मदरसा जामियातुस सुवालेहात के प्रबंधक मुफ्ती फारूक मिस्बाही ने कहा कि भारत विकास और विश्व नेतृत्व के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। इसलिए इसकी महत्वाकांक्षाओं और घरेलू असंगतियों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता है। अयोध्या विवाद जैसे नए विवाद धार्मिक समुदायों के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस्लामीक रिसर्च सेंटर के उप निदेशक आरिफ अंसारी ने कहा कि सामाजिक घर्षण और विभाजन को कम करने के लिए भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपराओं, समावेशिता और विविध मान्यताओं के सम्मान पर फिर से जोर देना चाहिए। मौलाना मुजाहिद हुसैन कादरी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भय या पूर्वाग्रह के अपने चुने हुए धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। बढ़ती विभाजनकारी चुनौती से निपटने के लिए हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। मदरसे में छात्रों को देश का संविधान पढ़ाना चाहिएमौलाना गुलाम मुईनुद्दीन हशमती ने कहा कि आज के समय में संयम और सावधानी की जरूरत है। सोशल मीडिया विभाजनकारी विचारों को बढ़ाता है। भड़काऊ बयानबाजी को खारिज किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से हाजी शुखवक्त अली खां, नसीर अहमद नूरी, ताहिर हुसैन एडवोकेट, शमशुल हसन, मास्टर रशीद खां, कारी मुस्तकीम अहमद, रोमान अंसारी, हाफिज रजी अहमद, ज़ोहेब अंसारी, मौलाना अबसार हबीबी, अब्दुल हसीब खां, सलीम खां आड़ती, फैसल एडवोकेट, उवैस रज़ा क़ादरी, रिजवान खां आदि लोग उपस्थित रहे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मदरसा संचालकों से बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि हर मदरसे में छात्रों को देश का संविधान पढ़ाना चाहिए, जिससे छात्र अपने अधिकारों को जान सकें।

77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ सजेगा खास मेहमानों से, देशभर से 10,000 विशेष अतिथि आमंत्रित

इस साल 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड को देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। आमंत्रित अतिथियों में आय और रोजगार सृजन में अनुकरणीय कार्य करने वाले, सर्वश्रेष्ठ नवप्रवर्तक, शोधकर्ता और स्टार्टअप, स्वयं सहायता समूह और प्रमुख सरकारी पहलों के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले लोग शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को सम्मानित करने और राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में जन भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें आमंत्रित किया गया है। इन विशेष अतिथियों को कर्तव्य पथ पर प्रमुख स्थान पर बैठाया जाएगा। समारोहों के अतिरिक्त, विशेष अतिथियों के लिए राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और दिल्ली के अन्य प्रमुख स्थानों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। उन्हें संबंधित मंत्रियों से बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा। दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्धइस बीच, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, खुफिया एजेंसियों से प्राप्त कई आतंकी खतरों की सूचनाओं के मद्देनजर, दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में एक व्यापक, प्रौद्योगिकी-आधारित सुरक्षा तंत्र स्थापित किया है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बैठने की जगहों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैनाती के तरीके में भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने सभी आमंत्रित मेहमानों और टिकट धारकों से अपील की है कि वे अपने निमंत्रण कार्ड पर दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित मार्गों का ही पालन करें। मार्गों, पार्किंग और निर्धारित स्थानों से संबंधित पूरी जानकारी रक्षा मंत्रालय और दिल्ली पुलिस की वेबसाइटों पर उपलब्ध है। गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में देशभर से लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वालों को सम्मानित करना और जन भागीदारी बढ़ाना है।