दिल्ली में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कुल संख्या हुई 319; मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा तोहफा

दिल्ली को बुधवार को 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सौगात मिली। इससे दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो गई है। दिल्ली सरकार ने 1100 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। अभी 238 आरोग्य मंदिर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में संचालित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नांगल राया में नए हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘मकर संक्रांति के इस बड़े त्योहार पर दिल्ली में आज हमने जन को अगले 81 आरोग्य मंदिर समर्पित करने का काम चल रहा है। इससे पहले 238 आरोग्य मंदिर दिल्ली में खोले जा चुके हैं। लगातार इन आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य में हम दिल्ली को सुविधाजनक जगह दे रहे हैं।’ केंद्र सरकार के अस्पताल शामिलदिल्ली सरकार सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार के साथ आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-वय वंदना योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू करने में जुटी है। 13 जनवरी 2026 तक दिल्ली में कुल 6,91,530 आयुष्मान हेल्थ कार्ड जारी हो गए। इसमें 265895 वय वंदना योजना कार्ड शामिल है। योजना का लाभ देने के लिए 189 अस्पतालों को पैनल में शामिल किया जा चुका है। इसमें 138 निजी अस्पताल, 41 दिल्ली सरकार के अस्पताल और दस केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल है। पैनल में शामिल सभी अस्पताल मरीजों को कैशलेस उपचार मुहैया करा रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी दिल्ली की देखरेख में आयुष्मान भारत योजना के तहत अबतक 36,31,07,621 के क्लेम सेटल हो चुका है। बच्चे की देखरेख सहित कई दूसरी सुविधाएं मिल रहीपचार के लिए आने वाले मरीजों को निशुल्क डॉक्टरों से परामर्श, दवाएं, डायग्नोस्टिक टेस्ट के साथ-साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त टीकाकरण, मां और बच्चे की देखरेख सहित कई दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं। दिल्ली में आज से 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत हो गई है। इससे पहले 238 आरोग्य मंदिर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में संचालित थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 319 हो गई है। रेखा गुप्ता ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नांगल राया में आयोजित कार्यक्रम में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया।
दिल्ली विधानसभा शीतकालीन सत्र खत्म: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने BJP के वादों के पूरा होने का भरोसा दिलाया, विपक्षी हंगामे के बीच कई विधेयक पास

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में जो भी वादे किए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा। फरवरी में भाजपा की सरकार बनने के बाद दिल्ली में बरसों से छाया अंधकार छंटा है और अब पूरी टीम शॉर्ट टर्म व मिड टर्म योजनाओं के जरिये राजधानी को विकास की सही दिशा में आगे बढ़ा रही है। हंगामे के बीच बाधित रहे सत्र को एक दिन बढ़ाकर शुक्रवार को सार्थक बनाया गया, जब दिल्ली से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी को शुरू हुआ था, लेकिन उपराज्यपाल के अभिभाषण के पहले दिन से ही शुरू हुए हंगामे के कारण चार दिन बेकार चले गए। इसके बाद सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया। शुक्रवार को नियम 280 के तहत कई विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे, दिल्ली का प्रदूषण, राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा हुई। हालांकि आखिरी दिन भी आप का हंगामा जारी रहा। सदन में अव्यवस्था फैलाने के आरोप में आप के चार विधायक सोम दत्त, जरनैल सिंह, संजीव झा और कुलदीप कुमार को पूरे सत्र के लिए सुबह ही निलंबित कर दिया गया। इसके बाद आम आदमी पार्टी के अन्य सदस्यों ने वॉकआउट किया, हालांकि कुछ विधायक बाद में वापस लौटे। वहीं सदन के बाहर आप विधायकों ने प्रदर्शन कर सरकार पर गुरुओं के पीछे छिपकर राजनीति करने का आरोप लगाया। दिल्ली को लूटकर बाहर चुनाव लड़ने वालों पर जनता ने भरोसा तोड़ासदन में हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी लगातार तीसरे दिन भी सदन से गायब रहीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती और अगर हंगामा जारी रहा तो और कार्रवाई होगी। अध्यक्ष ने यह भी बताया कि सत्ता पक्ष की ओर से नियम 280 पर चर्चा के लिए 16 सदस्यों के नाम आए, जबकि आप की ओर से केवल एक नाम दिया गया, जो विपक्ष की उदासीनता दिखाता है। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के कई विधायकों ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। कुलवंत राणा ने कहा कि दिल्ली का स्वरूप बिगाड़ने में कांग्रेस की बड़ी भूमिका रही और 1958 में बना डीडीए जनहित के बजाय व्यापारिक संस्था बन गया। भाजपा सरकार के दौर में मेट्रो आई और सड़कों में सुधार हुआ, लेकिन 11 साल की आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली को बर्बाद कर दिया। रवि कांत ने कहा कि उपराज्यपाल ने विकसित दिल्ली का स्पष्ट ब्लूप्रिंट दिया है। अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार ने ऑड-ईवन, स्मॉग टावर और रेड लाइट ऑन-गाड़ी ऑफ जैसे अभियानों पर भारी प्रचार किया, जबकि मौजूदा सरकार ने 11 महीनों में प्रदूषण के खिलाफ जमीन पर काम किया। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि एलजी के सहयोग से भाजपा सरकार ने दस महीनों में दिल्ली के विकास को गति दी है। विपक्ष की ओर से अनिल झा और विरेंद्र सिंह काद्यान ने सरकार पर सवाल उठाए और आयुष्मान कार्ड, स्कूल, बसों, पानी और कूड़े के पहाड़ों को लेकर आंकड़े मांगे। संजय गोयल ने जवाब में कहा कि एलजी ने 70 बिंदुओं में 70 काम गिनाए हैं और दिल्ली को लूटकर बाहर चुनाव लड़ने वालों पर जनता ने भरोसा तोड़ा है। जन विश्वास विधेयक समेत अन्य विधेयक भी पारित किए गएमुख्यमंत्री ने कहा कि 11 महीनों में 19 हजार लोगों को आयुष्मान योजना से इलाज मिला है। दिल्ली में 1100 आरोग्य मंदिर खोले जाएंगे, 29 जन औषधि केंद्र शुरू हुए हैं और पांच अस्पतालों के नए ब्लॉक खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण लगाए गए, 1300 नर्सिंग स्टाफ भर्ती हुए और मानदेय 500 से बढ़ाकर 13,500 रुपये किया गया। सीएम ने कहा कि एमसीडी की बुक प्रॉपर्टी पर बिजली-पानी के कनेक्शन दिए जा रहे हैं, सभी सड़कों की कार्पेटिंग होगी और आने वाले समय में डीटीसी बसों में केवल डिजिटल टिकट चलेंगे। उन्होंने कहा कि अब कोई भी काम बजट के कारण नहीं रुकेगा। 15 हजार करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए उपलब्ध हैं। सत्र के दौरान कार्यमंत्रणा समिति और विशेषाधिकार समिति के प्रतिवेदन सर्वसम्मति से पास हुए। तथाकथित फांसी घर मामले में भी विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट सदन में रखी गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समिति के सामने पेश न होने को सदन की अवमानना माना गया। साथ ही कोर्ट फीस संशोधन और जन विश्वास विधेयक समेत अन्य विधेयक भी पारित किए गए।
नए साल 2026 में दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का वादा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी शुभकामनाएं

नए साल 2026 की शुरुआत पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आने वाला साल दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगा। उन्होंने कहा कि 2025 में सरकार ने तैयारियां कीं और कई अहम फैसले लिए, अब 2026 में पुरानी समस्याओं का समाधान जमीन पर उतारने का समय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान सरकार को नई जिम्मेदारियां मिलीं और काम करने के कई अवसर भी आए। कुछ लोगों ने सरकार के काम को भटकाने की कोशिश की। इसके बावजूद सरकार ने वे फैसले लिए जिनका दिल्ली लंबे समय से इंतजार कर रही थी। एजुकेशन बिल लाए, आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अटल कैंटीन की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए भी अहम सुधार किए गए, ताकि व्यापारियों और उद्यमियों को राहत मिल सके। दिल्ली में एंड टू एंड कारपेटिंग सड़कों का काम शुरू हुआ। बेहतर सफाई के लिए नई मशीनें लाई गईं। खुले में अलाव जलाने पर रोक लगाई गई। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम एक शुरुआत हैं और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगामुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को कई समस्याएं विरासत में मिली हैं, जिनका समाधान 2026 में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 2026 में दिल्ली के कूड़े के पहाड़ खत्म होंगे। विजन 2047 के तहत सरकार हर उस समस्या का समाधान करेगी, जिसकी उम्मीद दिल्लीवासी करते हैं। उन्होंने सभी को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 2026 दिल्ली के लिए नई उम्मीद, नई ऊर्जा और नई खुशियां लेकर आएगा। नए साल 2026 की शुरुआत पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आने वाला साल दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगा।