अगर नगर निगम भी गए तो मराठी मानूस कमजोर हो जाएगा, राज ठाकरे का BJP पर हमला

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि जो ताकतें मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करना चाहती हैं, वही आज केंद्र और राज्य की सत्ता में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नगर निकायों पर भी ऐसी शक्तियों का नियंत्रण हो गया, तो मराठी मानूस पूरी तरह कमजोर हो जाएगा।राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे का संयुक्त साक्षात्कार का पहला भाग गुरुवार को सामना में प्रकाशित हुआ। इसमें राज ठाकरे ने कहा कि वह और उनके चचेरे भाई किसी राजनीतिक अस्तित्व के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में मराठी मानूस के अस्तित्व और अधिकारों की रक्षा के लिए एक साथ आए हैं।ठाकरे परिवार के चचेरे भाइयों का साक्षात्कार शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत और जाने-माने निर्देशक महेश मांजरेकर ने लिया। पिछले महीने, चचेरे भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों के लिए अपनी पार्टियों के गठबंधन की घोषणा की थी। नशीली दवाओं की तस्करी पर कोई नियंत्रण नहींइंटरव्यू में राज ठाकरे ने कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले लोग न केवल आजीविका के लिए आ रहे हैं, बल्कि वे अपने स्वयं के निर्वाचन क्षेत्र बना रहे हैं।उन्होंने दावा किया, “यह एक पुराना घाव है… मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने के सपने को साकार करने के प्रयास जारी हैं।” उन्होंने कहा कि आज का माहौल कुछ वैसा ही है जैसा संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के दौरान था जब गुजरात मुंबई को अपना हिस्सा बनाना चाहता था। उन्होंने दावा किया, “अगर भाजपा नगर निगमों पर नियंत्रण कर लेती है तो मराठी मानुष कुछ भी नहीं कर पाएंगे।” राज ठाकरे ने बढ़ते मादक पदार्थों के खतरे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में धन के इस्तेमाल और आसानी से उपलब्ध मादक पदार्थों के बीच संबंध स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि नशीली दवाओं के खिलाफ छापे बंद हो गए हैं और राज्य में नशीली दवाओं की तस्करी पर कोई नियंत्रण नहीं है। “बिना योजना के विकास”एमएनएस प्रमुख ने कहा कि अगर इस पर सीमाएं तय करनी हैं तो नगर निकायों को नियंत्रित करना जरूरी है, खासकर मुंबई, पुणे, ठाणे, नासिक, मीरा-भयंदर, कल्याण-डोम्बिवली और छत्रपति संभाजीनगर में। राज्य सरकार को निशाना बनाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भाजपा विकास का प्रचार करती है, लेकिन इससे प्रगति के बजाय विनाश होता है। उन्होंने दावा किया कि यह “बिना योजना के विकास” है। पूर्व राज्य मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “सरकार को खुद नहीं पता कि वह क्या चाहती है।” उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से, सत्ता में बैठे लोग मराठी या महाराष्ट्र से हैं, लेकिन उनका मुंबई की जनता से कोई लेना-देना नहीं है। वे केवल ठेकेदारों के लिए काम करते हैं।
बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव-राज का तीखा हमला, ‘यह लोकतंत्र नहीं, झुंडशाही है’

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर सत्ताधारी गठबंधन और चुनावी प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। इस दौरान दोनों नेताओं ने जल्द ही अपना संयुक्त चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा भी की। उद्धव ठाकरे ने कहा अब यह लोकतंत्र नहीं रहा, यह झुंडशाही बन चुका है। पहले वोट चोरी होती थी, अब उम्मीदवार ही चुरा लिए जा रहे हैं। अगर हम रंगे हाथों भी पकड़ लें, तब भी कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को पौराणिक उपलब्धियों से जोड़ते हैं, लेकिन वर्षों पहले समुद्र में पूजा करने के बावजूद छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा आज तक सामने नहीं आई। उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सभी रिटर्निंग अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच सामने आ सके। मतदाताओं से वोट का अधिकार छीना गयाउद्धव ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का खुलेआम उम्मीदवारों और मतदाताओं को धमकाना बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि राहुल नार्वेकर को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।उद्धव ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा के बाहर अधिकारियों को नेताओं की सुरक्षा हटाने का निर्देश नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि निर्विरोध उम्मीदवारों को जिताकर मतदाताओं से वोट का अधिकार छीना गया है और ऐसे सभी स्थानों पर उपचुनाव होने चाहिए। लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेतमनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अब महाराष्ट्र में वही पार्टी इस पर चुप क्यों है। राज ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कोई भी सत्ता स्थायी नहीं होती। जो सोचते हैं कि वे कभी सत्ता से बाहर नहीं होंगे, उन्हें फिर से सोचना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश और बिहार की राह पर ले जाया जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। राज ठाकरे ने कहा कि राजनीति में आने वाले लोग अब विचारधाराएं बदलने लगे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।