"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

थूथुकुडी रैली में राहुल गांधी का हमला आरएसएस-भाजपा पर तीखे आरोप, ‘कठपुतली सरकार’ नहीं बनने देंगे

तमिलनाडु में चुनावी हलचल के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर तीखे हमले किए। राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा, आरएसएस तमिल विरोधी और द्रविड़ विरोधी संगठन है। उन्होंने कहा कि आरएसएस और भाजपा का मानना है कि भारत एक लोग, एक संस्कृति, एक धर्म और एक भाषा वाला देश होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एआईएडीएमके की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुरानी एआईएडीएमके, जो तमिलनाडु के लोगों की सेवा करती थी, अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। राहुल के अनुसार, आज की एआईएडीएमके सिर्फ एक खोखला ढांचा बनकर रह गई है और भाजपा इस पार्टी का इस्तेमाल तमिलनाडु की राजनीति में घुसने के लिए करना चाहती है। ऐसी कठपुतली सरकार नहीं बनाने देंगेउन्होंने आरोप लगाया कि एआईएडीएमके के नेता भ्रष्टाचार की वजह से कमजोर पड़ गए हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर भाजपा तमिलनाडु में अपनी जगह बनाना चाहती है। राहुल ने दावा किया कि जो लोग अभी एआईएडीएमके को चला रहे हैं, उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह नियंत्रित करते हैं। रैली में राहुल गांधी ने बिहार की राजनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर भाजपा के आदमी को वहां बैठा दिया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के पुराने कामों की वजह से भाजपा उन्हें पूरी तरह काबू कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार ने एक शब्द भी नहीं कहा और चुपचाप राज्यसभा चले गए। राहुल ने आगे कहा , भाजपा तमिलनाडु में भी यही बिहार मॉडल दोहराना चाहती है। वे तमिलनाडु में ऐसी सरकार चाहते हैं जिसे वे पूरी तरह अपने इशारों पर नचा सकें। वे यहां एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो वही करे जो भाजपा कहे। राहुल ने साफ शब्दों में कहा कि वे तमिलनाडु में भाजपा को कभी भी ऐसी कठपुतली सरकार नहीं बनाने देंगे।

नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।

नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।

संसद के दरवाजे पर पकौड़े खाना लोकतंत्र का अपमान, राहुल गांधी पर अमित शाह का सीधा प्रहार

असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ गई है। आरोप-प्रत्यारोप की तेज होती सियासत के बीच राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रण में अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की। इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं और विरोध प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार संसद परिसर ऐसा स्थान नहीं है जहां इस तरह का प्रदर्शन किया जाए। शाह ने कहा कि इससे देश की छवि दुनिया में खराब होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार का विरोध करने और प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद के अंदर चर्चा करने के बजाय इस तरह का तरीका अपनाना सही नहीं है। शाह ने यह भी कहा कि संसद में बहस से बचना और बाहर इस तरह की गतिविधियां करना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है। गृह मंत्री ने कहा कि जब दुनिया भर के लोग भारत की ताकत और युवाओं की क्षमता देखने आते हैं, तब इस तरह के कदम देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी। महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगीउद्घाटन के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय अपने नेताओं के परिवारों की आर्थिक सेहत सुधारने पर ज्यादा ध्यान दिया। उनके अनुसार उस समय असम का स्वास्थ्य तंत्र काफी खराब हालत में था और लोगों को बेहतर इलाज के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही गृह मंत्री ने गोलाघाट और तिनसुकिया में बने कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दिफू, जोरहाट और बरपेटा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की आधारशिला रखी। इतना ही नहीं अमित शाह ने गुवाहाटी के सिक्समाइल इलाके में बनने वाले स्वास्थ्य भवन और अभयापुरी जिला अस्पताल की भी आधारशिला रखी। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने सीएम सरमा की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। शाह के मुताबिक अब असम की स्वास्थ्य व्यवस्था देश के विकसित राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगी है।

कांशीराम जी सफल हुए क्योंकि कांग्रेस अपना काम ठीक से नहीं कर पाई — राहुल गांधी का आत्मचिंतन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। जहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांशीराम जयंती के अवसर पर आयोजित सामाजिक परिवर्तन दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांशीराम जी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। यही कारण है कि कांशीराम जी सफल हुए। अगर कांग्रेस ठीक तरह से काम करती तो कांशीराम जी कभी सफल न होते। उन्होंने कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते और अब भाजपा ने सरकार के 85 प्रतिशत हिस्से की अनदेखी की है।राहुल गांधी ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में देख लीजिए, कार्पोरेट इंडिया में देख लीजिए, बड़ी-बड़ी कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट की सूची निकालकर देख लीजिए आपको दलित, पिछड़ा और आदिवासी कहीं नहीं मिलेगा। किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर देख लीजिए। डॉक्टरों के नाम पढ़िए आपको एक दलित, पिछड़ा और आदिवासी नहीं मिलेगा। वहीं, मनरेगा मजदूरों की सूची निकाल लीजिए वहां पर 85 प्रतिशत दलित और पिछड़ा मिलेंगे। साइकोलॉजिकली खत्म कर दियाउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में दलित, आदिवासी और ओबीसी के लिए मौके कम किए जा रहे हैं। इंटरव्यू से बच्चों को निकाला जा रहा है। उन्हें पब्लिक सेक्टर में मौका नहीं मिल पाता है। हम सभी की बराबरी चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश के हजारों साल की विचारधारा है। इसमें सावरकर की विचारधारा नहीं है। गोडसे की विचारधारा नहीं है। इसलिए वो लोग इसे नहीं मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें लेकिन वो संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। गांधी जी, आंबेडकर जी और कांशीराम जी ने बहुत मुश्किलें झेली पर वो कभी कंप्रोमाइज्ड नहीं हुए जबकि मोदी जी तो कंप्रोमाइज्ड हैं। हमने उन्हें पकड़ लिया है। हमने नरेंद्र मोदी को साइकोलॉजिकली खत्म कर दिया है। वो अमेरिका के दबाव में हैं। वो अब अमेरिका का काम कर रहे हैं।

“अमेरिका कौन होता है हमें बताने वाला?, संसद में गूंजी राहुल गांधी की दहाड़!

लोकसभा में गुरुवार को ईरान-इस्राइल युद्ध के चलते पैदा हुए उर्जा संकट पर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। देश में एलपीजी को लेकर संकट है। स्ट्रीट वेंडर्स पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदेंगे, किससे गैस खरीदेंगे? छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। राहुल गांधी में सदन में कहा कि हर कोई जानता है कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हो गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होने वाले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, उस मुख्य समुद्री रास्ते को बंद कर दिया गया है। इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा, खासकर हमारे देश पर, क्योंकि हमारे तेल और प्राकृतिक गैस का बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। पहेली को समझने की कोशिश कर रहाराहुल गांधी ने आगे कहा कि मुश्किलें अभी बस शुरू हुई हैं। रेस्तरां बंद हो रहे हैं। एलपीजी को लेकर लोगों में घबराहट फैल रही है। सड़क पर सामान बेचने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं और जैसा मैंने कहा, यह सिर्फ शुरुआत है। किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा हूं, लेकिन अमेरिका को यह तय करने देना कि हम तेल किससे खरीदेंगे, गैस किससे खरीदेंगे, क्या हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और अलग-अलग तेल आपूर्तिकर्ता देशों के साथ हमारे संबंध कैसे होंगे, यह सब मानो सौदे में दे दिया गया है। ट्रंप के बयान को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे लिए यह हमेशा एक बहुत उलझाने वाली बात रही है कि भारत जैसा बड़ा देश किसी दूसरे देश को यह तय करने क्यों देगा कि हम किससे तेल खरीदें। क्यों किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति हमें अनुमति दें कि हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध कैसे होंगे। यह मेरे लिए एक पहेली रही है और मैं इस पहेली को समझने की कोशिश कर रहा हूं।

केरल की धरती से पीएम मोदी का हुंकार ‘कांग्रेस के राजकुमार’ युवाओं की सोच नहीं समझते, अब राज्य में बदलेगा सत्ता का रिवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने त्रिशूर लोकसभा सीट और तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में भाजपा की जीत का जिक्र किया। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा की यह सफलता अब पूरे केरल में फैलेगी। पीएम ने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बारी-बारी शासन करने के पुराने तरीके को बदलना अब बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से अगले पांच साल एनडीए को सेवा का मौका देने की अपील की। उन्होंने जनता को ‘मोदी की गारंटी’ का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राजकुमार केरल और भारत के युवाओं की सोच को नहीं समझते। उन्होंने केरल के भविष्य के लिए अपनी योजना साझा की। उन्होंने कहा कि हम केरल को एआई (एआई) और भविष्य की नई तकनीक का बड़ा केंद्र बनाने के लिए काम करेंगे। भारतीयों को सुरक्षा मिले, हरसंभव सुविधा मिलेप्रधानमंत्री ने विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने नागरिकों को कहीं भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ता। पीएम मोदी ने कहा, “वेस्ट एशिया में जो कुछ हो रहा है, उससे आप सभी का चिंतित होना बहुत स्वाभाविक है। हमारे लाखों भाई-बहन वहां काम करते हैं। जब भी हमारा कोई देशवासी संकट में पड़ता है तो हमारी सरकार उसे सुरक्षित बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। आज का भारत अपने नागरिकों को संकट में अकेला नहीं छोड़ता है। आज भी हमारा प्रयास है कि युद्ध की हालत में फंसे भारतीयों को सुरक्षा मिले, हरसंभव सुविधा मिले।” इसके साथ ही पीएम ने खाड़ी देशों का भी आभार जताया जो विषम परिस्थिति में फंसे लोगों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मुझे संतोष है कि गल्फ के हमारे सभी मित्र देशों की सरकारें भी हमारे देश के नागरिकों का पूरा ध्यान रख रही हैं। मैं उन सभी सरकारों का आभारी हूं। वहां हर देश में हमारे जो दूतावास हैं, हमारे मिशन हैं, वे 24/7 उनकी मदद कर रहे हैं। किसी को भी खाना-पीना चाहिए, मेडिकल हेल्प चाहिए, रहने की जगह चाहिए या कानूनी मदद चाहिए, तो इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। लेकिन यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस इतने बड़े वैश्विक संकट में भी राजनीति ढूंढ रही है।”

पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, कहा नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय हैं राहुल

एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया। पीयूष गोयल ने कहा, आज सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना में पत्रकार वार्ता में बता रहे थे कि किस प्रकार से गांधी परिवार एक समझौता (कम्प्रोमाइज) करने वाला राजनीतिक परिवार है। राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस… समझौता और समझौता करने वाला राजनीतिक परिवार हैं। गांधी परिवार ने हमेशा से देश के साथ समझौता कियाउन्होंने कहा, चाहे कांग्रेस पार्टी का इतिहास देख लें, चाहे वर्तमान देख लें, चाहे उनके भ्रष्टाचार के अलग-अलग किस्से हों… जिससे मालूम होता है कि किस प्रकार से वे विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित के साथ समझौता करते हैं। किस प्रकार से देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य से पूरी तरह समझौता करते हैं। इसके अनेक उदाहरण देश और जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी तो नकारात्मक राजनीतिक के पोस्टर ब्वॉय बन गए हैं। राहुल गांधी 247 बार विदेशी यात्रा पर जाते हैं, प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हैं और देश के साथ समझौता करते हैं। किस प्रकार से वह सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख में जाते हैं। साकिर मिराली जैसे लोग उनके साथ संबंध रखते हैं, जो भारत के खिलाफ काम करते हैं। आज पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी किस प्रकार से ओछी राजनीति कर रहे हैं। गोयल ने कहा, केवल सोनिया गांधी राहुल गांधी ने ही समझौता नहीं किया है। (देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल) नेहरू से लेकर (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक..ये सभी लोग देश के साथ समझौता करने में पीछे नहीं हटे। हमने 1971 में शिमला समझौता कर 93 हजार पाकिस्तान को छोड़ते हुए कांग्रेस को देखा है। ये कौन सी ताकतें थीं। इंदिरा गांधी ने देश के साथ यह समझौता किया। कांग्रेस और पूरा नेहरू-गांधी परिवार ने हमेशा से देश के साथ समझौता किया।

राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखाना, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का करारा प्रहार

यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि मोहब्बत की दुकान चलाने का दावा करने वाले देश में दंगे करवाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश को नीचा दिखाना चाहते हैं। कांग्रेस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टारगेट करना अब एक फैशन बन गया है। दिल्ली में हुई एआई समिट में दुनिया भर से प्रतिनिधि आए थे। कांग्रेस के लोगों का नग्न होकर प्रदर्शन करना देश को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एआई को देश के कोने-कोने में फैलाना चाहते हैं। यही उनका विजन है जबकि कांग्रेस और राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर हर दिन आरोप लगाते रहते हैं। राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखानाराहुल गांधी का मकसद झूठ बोलकर देश को नीचा दिखाना है। वो विदेशी प्रोपोगैंडा फैला रहे हैं। उनको समझना चाहिए कि सूरज पर थूकने से अपना ही चेहरा गंदा होता है। उनका एजेंडा देश की छवि को धूमिल करना है। वो विदेशी मंचों से भारत को अपमानित करते हैं। ये चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन में फंड लेते हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत आर्थिक जगत में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस ने देश का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखाना है जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।

राहुल गांधी ने लगाया गले, कोटद्वार के दीपक कुमार की सादगी और सेवा भाव के मुरीद हुए नेता विपक्ष

कोटद्वार के मोहम्मद दीपक ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी गर्मजोशी के साथ दीपक के गले लगे। कोटद्वार पटेल मार्ग पर एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर उभरे विवाद के बीच मोहम्मद दीपक चर्चा में आया था। मामले में तब और तूल पकड़ा जब राहुल गांधी ने इसे लेकर ट्वीट किया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में कोटद्वार के दीपक ने नेता विपक्ष राहुल गांधी से आज नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। वालिया ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटद्वार के हमारे भाई दीपक कुमार को अपने आवास पर आमंत्रित कर उनसे आत्मीय मुलाकात की। सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहेदीपक कुमार जो अपने मानवीय कार्यों और इंसानियत की मिसाल के रूप में देशभर में पहचान बना चुके हैं, से राहुल गांधी ने स्नेहपूर्ण संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। यह मुलाकात केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि समाज में मानवता, करुणा और सेवा भाव की भावना का सम्मान है। राहुल गांधी द्वारा दीपक कुमार जैसे प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व को अपने घर पर आमंत्रित कर सम्मानित करना यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी सदैव उन लोगों के साथ खड़ी है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।