पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, कहा नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय हैं राहुल

एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया। पीयूष गोयल ने कहा, आज सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना में पत्रकार वार्ता में बता रहे थे कि किस प्रकार से गांधी परिवार एक समझौता (कम्प्रोमाइज) करने वाला राजनीतिक परिवार है। राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस… समझौता और समझौता करने वाला राजनीतिक परिवार हैं। गांधी परिवार ने हमेशा से देश के साथ समझौता कियाउन्होंने कहा, चाहे कांग्रेस पार्टी का इतिहास देख लें, चाहे वर्तमान देख लें, चाहे उनके भ्रष्टाचार के अलग-अलग किस्से हों… जिससे मालूम होता है कि किस प्रकार से वे विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित के साथ समझौता करते हैं। किस प्रकार से देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य से पूरी तरह समझौता करते हैं। इसके अनेक उदाहरण देश और जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी तो नकारात्मक राजनीतिक के पोस्टर ब्वॉय बन गए हैं। राहुल गांधी 247 बार विदेशी यात्रा पर जाते हैं, प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हैं और देश के साथ समझौता करते हैं। किस प्रकार से वह सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख में जाते हैं। साकिर मिराली जैसे लोग उनके साथ संबंध रखते हैं, जो भारत के खिलाफ काम करते हैं। आज पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी किस प्रकार से ओछी राजनीति कर रहे हैं। गोयल ने कहा, केवल सोनिया गांधी राहुल गांधी ने ही समझौता नहीं किया है। (देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल) नेहरू से लेकर (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक..ये सभी लोग देश के साथ समझौता करने में पीछे नहीं हटे। हमने 1971 में शिमला समझौता कर 93 हजार पाकिस्तान को छोड़ते हुए कांग्रेस को देखा है। ये कौन सी ताकतें थीं। इंदिरा गांधी ने देश के साथ यह समझौता किया। कांग्रेस और पूरा नेहरू-गांधी परिवार ने हमेशा से देश के साथ समझौता किया।
राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखाना, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का करारा प्रहार

यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि मोहब्बत की दुकान चलाने का दावा करने वाले देश में दंगे करवाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश को नीचा दिखाना चाहते हैं। कांग्रेस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टारगेट करना अब एक फैशन बन गया है। दिल्ली में हुई एआई समिट में दुनिया भर से प्रतिनिधि आए थे। कांग्रेस के लोगों का नग्न होकर प्रदर्शन करना देश को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एआई को देश के कोने-कोने में फैलाना चाहते हैं। यही उनका विजन है जबकि कांग्रेस और राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर हर दिन आरोप लगाते रहते हैं। राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखानाराहुल गांधी का मकसद झूठ बोलकर देश को नीचा दिखाना है। वो विदेशी प्रोपोगैंडा फैला रहे हैं। उनको समझना चाहिए कि सूरज पर थूकने से अपना ही चेहरा गंदा होता है। उनका एजेंडा देश की छवि को धूमिल करना है। वो विदेशी मंचों से भारत को अपमानित करते हैं। ये चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन में फंड लेते हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत आर्थिक जगत में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस ने देश का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखाना है जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।
राहुल गांधी ने लगाया गले, कोटद्वार के दीपक कुमार की सादगी और सेवा भाव के मुरीद हुए नेता विपक्ष

कोटद्वार के मोहम्मद दीपक ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी गर्मजोशी के साथ दीपक के गले लगे। कोटद्वार पटेल मार्ग पर एक कपड़े की दुकान के नाम को लेकर उभरे विवाद के बीच मोहम्मद दीपक चर्चा में आया था। मामले में तब और तूल पकड़ा जब राहुल गांधी ने इसे लेकर ट्वीट किया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में कोटद्वार के दीपक ने नेता विपक्ष राहुल गांधी से आज नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। वालिया ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटद्वार के हमारे भाई दीपक कुमार को अपने आवास पर आमंत्रित कर उनसे आत्मीय मुलाकात की। सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहेदीपक कुमार जो अपने मानवीय कार्यों और इंसानियत की मिसाल के रूप में देशभर में पहचान बना चुके हैं, से राहुल गांधी ने स्नेहपूर्ण संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। यह मुलाकात केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि समाज में मानवता, करुणा और सेवा भाव की भावना का सम्मान है। राहुल गांधी द्वारा दीपक कुमार जैसे प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व को अपने घर पर आमंत्रित कर सम्मानित करना यह दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी सदैव उन लोगों के साथ खड़ी है जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं।
भारत मंडपम में ‘रंग में भंग’ एआई शिखर सम्मेलन में यूथ कांग्रेस का हंगामा, भाजपा ने राहुल गांधी को कहा ‘गद्दार’

भारत मंडपम में चल रहे एआई शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के नेताओं ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया है। भाजपा सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रदर्शन की योजना किसी आम कार्यकर्ता ने सड़क पर नहीं बनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन की योजना राहुल गांधी के निवास पर बनाई गई। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा भी वहां मौजूद थे। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेताओं के नाम बताते हुए कहा कि इनमें से कोई सचिव और कोई अध्यक्ष है। ये छोटे कार्यकर्ता नहीं हैं। ये बड़े पदों पर आसीन कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ये सभी लोग यूं ही भारत मंडपम में नहीं घुसे। इन्होंने रजिस्ट्रेशन पहले ही कराया था। योजनाबद्ध तरीके से ये बार कोड लेकर अंदर घुसे और इन्होंने अंदर टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ये प्रयोग है, संयोग नहीं। कांग्रेस के पास इतना भी विवेक नहींसंबित पात्रा ने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। उन्होंने कहा कि रंग में भंग डालना इनका काम है। उन्होंने कहा कि जहां देश में खुशियों के रंग छाएंगे, ये उसमें भंग जरूर डालेंगे। उन्होंने राहुल गांधी को गद्दार बताते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर होगा, प्रश्न उठाया जाएगा। पाकिस्तान का गुणगान होगा, हिंदुस्तान की कमी निकालेंगे। एयरस्ट्राइक होगी, हिंदुस्तान का धिक्कार करेंगे और राहुल गांधी पाकिस्तान की जय-जयकार करेंगे। उन्होंने कहा कि यही वो गद्दार है, जो सर्जिकल स्ट्राइक होने पर खून की दलाली कहता है और पूरी दुनिया में भारत को अपमानित और बदनाम करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए मेरे पास केवल तीन शब्द हैं- टॉपलेस, ब्रेनलेस और शेमलेस। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास इतना भी विवेक नहीं है कि वो समझ सके कि एआई समिट भाजपा का नहीं देश का कार्यक्रम है। कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करताइस प्रदर्शन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी नाराजगी जताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘जब पूरा विश्व भारत को नई दिल्ली में मौजूद भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करते हुए देख रहा था और तकनीक व नवाचार के क्षेत्र में हमारे बढ़ते वैश्विक नेतृत्व का साक्षी बन रहा था, उस समय कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना।’ राजनाथ सिंह ने कहा, ‘यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूं। जब भी भारत वैश्विक मंच पर आगे बढ़ता है, कांग्रेस राष्ट्रहित के साथ खड़े होने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने को प्राथमिकता देती दिखाई देती है।’
राहुल गांधी का बड़ा दांव किसान नेताओं संग बनाई रणनीति, अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर आर-पार

भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। वो लगातार आरोप लगा रहे हैं कि ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीनेगा और देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करने वाला है। राहुल गांधी ने लोकसभा में व्यापार समझौते को किसान विरोधी बताया है। इस कड़ी में अब शुक्रवार (13 फरवरी) राहुल गांधी ने किसान संघों के नेताओं से मुलाकात की। राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में देश भर के किसान संघों के नेताओं से मुलाकात की, जिसमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते का विरोध करने के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की आवश्यकता के साथ-साथ किसानों और कृषि मजदूरों की आजीविका की रक्षा करने पर चर्चा की गई। कांग्रेस ने बताया कि बैठक के दौरान किसान संघ के नेताओं ने अपना विरोध जताया और मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे उगाने वाले किसानों की आजीविका के लिए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। जमीदारा फोरम के हमीद मलिक शामिलपार्टी ने कहा गया है कि किसान नेताओं और राहुल गांधी ने इस समझौते का विरोध करने और किसानों-कृषि मजदूरों की आजीविका की रक्षा करने के लिए एक बड़े पैमाने पर राष्ट्रीय आंदोलन की जरूरत पर चर्चा की। बता दें कि राहुल गांधी से मिलने वाले किसान नेताओं में अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के प्रमुख सुखपाल एस खैरा, भारतीय किसान मजदूर यूनियन, हरियाणा के अशोक बलहारा, बीकेयू क्रांतिकारी के बलदेव एस जीरा, प्रगतिशील किसान मोर्चा के आर नंदकुमार, बीकेयू शहीद भगत सिंह के अमरजीत एस मोहरी, किसान मजदूर मोर्चा – भारत के गुरमनीत एस मंगत और जेके जमीदारा फोरम के हमीद मलिक शामिल थे। मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगेयह बैठक राहुल गांधी के उस बयान के एक दिन बाद हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार उनके खिलाफ मामले या विशेषाधिकार प्रस्ताव ला सकती है, लेकिन वे किसानों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसान विरोधी होने और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के जरिए देश को बेचने का भी आरोप लगाया था। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने एक्स पर एक वीडियो बयान साझा किया था, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया था। एक्स पर वीडियो के साथ राहुल गांधी ने लिखा कि एफआईआर हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएं – मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोजी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।’
कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की आहट? डीके शिवकुमार बोले- ‘दिल्ली सिर्फ हवा खाने नहीं, राजनीति करने आया

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। सोनिया गांधी के आवास दस जनपथ से बाहर आने के बाद शिवकुमार ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि वह यहां सिर्फ दिल्ली की हवा में सांस लेने नहीं आए हैं, बल्कि राजनीति करने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाला समय ही हर बात का जवाब देगा। जब उनसे पूछा गया कि वह प्रियंका गांधी या राहुल गांधी में से किससे मिले, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। शिवकुमार ने कहा कि वह सड़क पर खड़े होकर राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से उन सभी मुद्दों पर चर्चा कर ली है, जो जरूरी थे। शिवकुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दिल्ली आने पर उन्हें सभी मामलों की जानकारी देनी होती है और उन्होंने हर विषय पर विस्तार से बात की है। अपनी बात पर कायम रहेंगेशिवकुमार ने आगे कहा, हमने असम विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक मामलों पर चर्चा की है। उन्होंने वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल और अन्य नेताओं के साथ मिलकर असम में कांग्रेस की सरकार लाने की तैयारी पर चर्चा की। शिवकुमार के बयानों से कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल मचने की संभावना है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शिवकुमार आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं। शिवकुमार के समर्थक विधायक चाहते हैं कि पार्टी का आलाकमान दखल दे और नेतृत्व को लेकर चल रही उलझन को खत्म करे। इसी बीच उनके भाई और पूर्व सांसद डीके सुरेश ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी में बाहर से आए लोगों को ज्यादा महत्व मिल रहा है। इसे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर सीधा निशाना माना जा रहा है। सिद्धारमैया पहले दूसरी पार्टी में थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए थे। सुरेश ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री अपनी बात पर कायम रहेंगे, जिसे सत्ता के बंटवारे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यस्थगन प्रस्ताव की तैयारी! राहुल गांधी और 8 सांसदों के निलंबन के बाद अब ‘ट्रेड डील’ बना विपक्ष का नया ब्रह्मास्त्र

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर संसद में नए सिरे से राजनीतिक घमासान के संकेत मिल रहे हैं। बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी सप्ताह शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। समझौते के प्रावधान सार्वजनिक होने के बाद विपक्षी दलों ने कृषि और ऊर्जा हितों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इससे शेष कार्य दिवस की कार्यवाही प्रभावित होने की आशंका है। सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह में कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी समेत कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। विपक्ष का आरोप है कि समझौते में कृषि क्षेत्र की अनदेखी की गई है और कुछ शर्तें देश के हित के खिलाफ हैं। पहले संकेत थे कि विपक्ष आम बजट पर चर्चा में भाग लेगा, लेकिन समझौते का स्वरूप सामने आने के बाद रुख सख्त हो गया है। विस्तृत चर्चा और जवाब मांगने की तैयारी मेंबजट सत्र का पहला चरण पहले ही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। इसकी शुरुआत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे से जुड़ी अप्रकाशित सामग्री पढ़े जाने के विवाद से हुई थी। इस मामले में जोरदार विरोध के बाद कांग्रेस के आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया। इसके बाद कई दिनों तक सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद संकेत मिले थे कि विपक्ष अप्रकाशित किताब विवाद को पीछे छोड़कर बजट पर चर्चा करेगा। कांग्रेस और अन्य दलों ने रणनीति बदली थी ताकि आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरा जा सके। लेकिन शनिवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विस्तृत स्वरूप सामने आते ही विपक्ष ने इसे नया बड़ा मुद्दा बना दिया। अब विपक्ष इस पर विस्तृत चर्चा और जवाब मांगने की तैयारी में है। किसानों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं होगाकांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि समझौता गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी इस पर संसद में चुप नहीं बैठेगी। उनका आरोप है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है। साथ ही अमेरिका के दबाव में रूस से तेल आयात रोकने पर सहमति जताई गई है। आईटी और सेवा क्षेत्र को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान सामने नहीं आए हैं। कांग्रेस ने कहा कि किसानों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं होगा। संसद के बजट सत्र के पहले चरण का यह अंतिम सप्ताह है। ऐसे में सरकार की कोशिश लंबित कामकाज निपटाने की रहेगी, जबकि विपक्ष इस समझौते पर चर्चा और जवाब चाहता है। टकराव की स्थिति में बार-बार स्थगन की नौबत आ सकती है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अगर सहमति नहीं बनी तो पूरा सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ सकता है।
राहुल का संसद में ‘चीन राग’, पीएम मोदी पर लगाया किसानों को बेचने का आरोप!

लोकसभा में कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाया। इस दौरान सत्ता पक्ष की तरफ से ऐतराज जताया गया। वहीं स्पीकर ने कई बार उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए कहा, आखिर में स्पीकर ने दूसरे सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। जिसके बाद विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। भारी हंगामे को देखते हुए स्पीकर लोकसभा की कार्रवाई दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उस लेख की प्रति को प्रमाणित किया जिसमें पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ का हवाला दिया गया था। उन्होंने इसे प्रमाणित करते हुए सदन के पटल पर रखा। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए कहा। राहुल गांधी ने कहा, ‘कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे प्रमाणित करें। मैं आज इसे प्रमाणित कर रहा हूं। सदन की कार्यवाही बाधित हो गईइसके बाद विपक्ष के नेता ने कहा, ‘राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच के संबंध। इस लेख में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है जिसकी मैंने पुष्टि की है। यह प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में बात करता है… हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस मार्ग के बारे में था जिस पर भारत को आज चलना है। विश्व मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों का मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष है। यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का केंद्र बिंदु है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और हमारे प्रधानमंत्री ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, उस पर एक बयान देने दीजिए। मुझे क्यों रोका जा रहा है?’ वहीं जब राहुल गांधी ने अपनी चीन राग अलापना जारी रखा तो स्पीकर ने कई अन्य सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। तो राहुल गांधी के समर्थन में विपक्ष के तीन सांसद नरेश उत्तम पटेल, शताब्दी राय, डीएम खातिर आनंद ने बोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया और सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के जरिए बेच दिया गयाकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दबाव में आकर ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए झुक गए हैं और इस समझौते के जरिए भारतीय किसानों की मेहनत को बेच दिया है। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए, जब उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया क्योंकि वे एक आर्टिकल से कोट करना चाहते थे जिसमें पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र था, राहुल गांधी ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें यह समझने की जरूरत है कि लगभग चार महीने से अटकी हुई ट्रेड डील अचानक कल शाम को क्यों फाइनल हो गई,’ उन्होंने आगे कहा कि ‘प्रधानमंत्री मोदी पर बहुत ज्यादा दबाव था।’ यह पूछे जाने पर कि वे किस तरह के दबाव की बात कर रहे हैं, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ एक मामला है और एपस्टीन फाइलों में और भी बहुत कुछ सामने आने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी समझौते में फंस गए हैं और भारतीय किसानों को यह समझना चाहिए कि उनकी मेहनत साथ ही उनका खून-पसीना भारत-अमेरिका ट्रेड डील के जरिए बेच दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश बेच दिया गया है।