कांग्रेस ने शुरू किया ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’, केंद्र सरकार पर योजना कमजोर करने का आरोप

देशभर में बीते कुछ दिनों से ‘मनरेगा’ योजना के नाम को लेकर खूब चर्चा चल रही है। इसका बड़ा कारण केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को हटाकर नई योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना लाना है। इसके बाद से कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध कर रहे हैं। ऐसे में अब कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि सरकार ने इस योजना पर बुलडोजर चला दिया है, जबकि यह योजना देश के करोड़ों गरीब और ग्रामीण लोगों की रोजी-रोटी का सहारा है। इतना ही नहीं अब कांग्रेस ने देशभर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करने का भी एलान किया है। देशभर में जन आंदोलन बनाया जाएगाबात अगर मनरेगा बचाओ संग्राम की करें तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि यह अभियान देश की करीब 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा और इसमें करोड़ों लोग जुड़ेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन लोगों के काम के अधिकार, मजदूरी के अधिकार और जवाबदेही को वापस दिलाने के लिए है। बता दें कि इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए कांग्रेस ने एक समन्वय समिति बनाई है। इसके संयोजक अजय माकन हैं, जबकि जयराम रमेश, संदीप दीक्षित और प्रियंक खरगे जैसे वरिष्ठ नेता इसके सदस्य हैं।कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा। पार्टी का कहना है कि यह लड़ाई ग्रामीण गरीबों के हक और सम्मान के लिए है और इसे देशभर में जन आंदोलन बनाया जाएगा। मनरेगा की मूल भावना और उद्देश्य की रक्षा की जाएइस संग्राम को लेकर कांग्रेस ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें। इसके लिए पार्टी ने एक वेबसाइट भी शुरू की है, जहां लोग ऑनलाइन जुड़ सकते हैं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी जाने वाली याचिका पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। कांग्रेस की याचिका में कहा गया है कि मनरेगा एक संवैधानिक अधिकार है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी की प्रमुख मांगें है कि इस योजना में काम की गारंटी को पूरी तरह बहाल किया जाए, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन तय की जाए, पंचायतों को ज्यादा अधिकार दिए जाएं और मनरेगा की मूल भावना और उद्देश्य की रक्षा की जाए। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस अभियान को लेकर विस्तृत निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मनरेगा मजदूरों को सोनिया गांधी का वीडियो संदेश दिखाया जाएगा। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से एक पत्र भी जल्द जारी किया जाएगा। इसे स्थानीय भाषाओं में छपवाकर ग्राम प्रधानों, मनरेगा मजदूरों, रोजगार सहायकों और पूर्व प्रधानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मनरेगा पर राजनीति कर रही कांग्रेस, चिराग पासवान बोले भ्रष्टाचार पर प्रहार से घबराया विपक्ष

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने जनता को झूठ बोलकर डराने की परंपरा शुरू की है। जो योजनाएं आम लोगों के हित में हैं, उन्हें नुकसानदेह बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 15 दिनों तक बेवजह हंगामा किया, लेकिन अगर वास्तव में कोई गड़बड़ी होती तो बिहार की जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करती, जो नहीं हुआ। स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदमराष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है। उन्होंने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में मनरेगा सिर्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है और गरीब मजदूरों को उनका वाजिब हक नहीं मिला। अब जब केंद्र सरकार इस भ्रष्टाचार पर प्रहार कर रही है, तो कांग्रेस बेचैन हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना के ढांचे में बदलाव से गरीब मजदूरों को फायदा मिलेगा। 125 दिन का रोजगार देना, मॉनिटरिंग शुरू करना और महिलाओं को आर्थिक मदद देना गलत कैसे हो सकता है? महिलाओं को पहले 10 हजार और फिर 1.90 लाख रुपये देकर स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगाचिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस भावनात्मक मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह कर रही है। महात्मा गांधी के नाम को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि समय-समय पर योजनाओं के स्वरूप में बदलाव होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम नाम से इन्हें आपत्ति क्यों है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में धर्म के आधार पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन इस पर विपक्ष चुप्पी साधे हुए है। आगामी चुनावों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पहले असम और फिर बंगाल में एनडीए अपनी जीत सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का ही असर है कि गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन में भी बदलाव किए जाएंगे और विधायकों की भूमिका को लेकर चर्चा होगी। आने वाले पांच साल को उन्होंने स्वर्णिम काल बताया और कहा कि चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगा।
इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा” 15 मौतों पर राहुल गांधी का तीखा हमला, PM की चुप्पी पर सवाल

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुई 15 मौतों के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने निशाना साधा। राहुल गांधी ने एक्स पर साझा पोस्ट में कहा, ‘इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं – और ऊपर से BJP नेताओं के अहंकारी बयान। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है, उन्हें सांत्वना चाहिए थी; सरकार ने घमंड परोस दिया। लोगों ने बार-बार गंदे, बदबूदार पानी की शिकायत की – फिर भी सुनवाई क्यों नहीं हुई? राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘सीवर पीने के पानी में कैसे मिला? समय रहते सप्लाई बंद क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी? ये ‘फोकट’ सवाल नहीं – ये जवाबदेही की मांग है। साफ पानी एहसान नहीं, जीवन का अधिकार है और इस अधिकार की हत्या के लिए BJP का डबल इंजन, उसका लापरवाह प्रशासन और संवेदनहीन नेतृत्व पूरी तरह ज़िम्मेदार है। मध्यप्रदेश अब कुप्रशासन का एपिसेंटर बन चुका है – कहीं खांसी की सिरप से मौतें, कहीं सरकारी अस्पताल में बच्चों की जान लेने वाले चूहे, और अब सीवर मिला पानी पीकर मौतें। और जब-जब गरीब मरते हैं, मोदी जी हमेशा की तरह खामोश रहते हैं।’ इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाएकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में खरगे ने लिखा, ‘जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाली प्रधानमंत्री मोदी हमेशा की तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर मौन हैं।’ खरगे ने लिखा, ‘इंदौर के पास सबसे साफ शहर का खिताब है, लेकिन भाजपा के निकम्मेपन के चलते लोग साफ पानी के मोहताज हैं।’ खरगे ने बिफरते हुए लिखा, ‘देश 11 साल से खोखले दावे और डबन इंजन की डींगे सुन रहा है। जब मंत्री जी से सवाल पूछा जाता है तो वे गाली गलौज पर उतर आते हैं। उल्टा पत्रकार पर हावी हो जाते हैं। जल जीवन मिशन समेत हर योजना में भ्रष्टाचार और धांधली है। मोदी सरकार देश को न साफ पानी मुहैया करा पा रही है और न ही स्वच्छ हवा। आम जनता भुगत रही है।’ राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एमपी की सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया और साथ ही इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।