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Mamata Banerjee का BJP पर बड़ा हमला ‘बाहर से बुलाए वोटर!’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला किया। उत्तर 24 परगना जिले के टेंटुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को असम के स्थानीय लोगों के वोटों पर भरोसा नहीं था। इसलिए पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए बाहर से लोग बुलाए। ममता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को ट्रेन में भरकर असम लाया गया। 90 लाख नाम हटा दिए गएममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के राज में देश की कोई भी एजेंसी निष्पक्ष नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केसरिया पार्टी ने सभी एजेंसियों को खरीद लिया है। भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक सांप पर तो भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर कभी नहीं।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है। रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं। एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इन 90 लाख नामों में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। उन्होंने असम के एनआरसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी 19 लाख नाम लिस्ट से बाहर किए गए थे, जिनमें 13 लाख हिंदू और 6 लाख मुस्लिम थे। ममता बनर्जी ने लोगों को आगाह किया कि वे भाजपा पर कभी विश्वास न करें। असम की 126 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था।

नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।

नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।

बंगाल चुनाव से पहले सियासी वार तेज: TMC का भाजपा पर पलटवार, ‘मोटा भाई-जवाब चाई’ से मांगा जवाब

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के चलते आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ ‘आरोप-पत्र’ जारी किया। अब इस पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पलटवार करते हुए भाजपा के खिलाफ ‘चार्जशीट’ जारी की है। तृणमूल कांग्रेस ने न केवल भाजपा-शासित राज्यों में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि मणिपुर में जातीय हिंसा और बंगाल में डिटेंशन कैंप मॉडल लागू करने की भाजपा की कथित मंशा पर भी तीखा हमला बोला। टीएमसी के इस आरोप-पत्र का नाम ‘मोटा भाई-जवाब चाई’ रखा है। आप हमें वंचित करतेटीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा पर अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह पूर्वोत्तर राज्य पिछले तीन वर्षों से ‘खून से लथपथ’ है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा बंगाली और बांग्लादेशियों के बीच की लकीर को धुंधला करना चाहती है, ताकि वह असम की तर्ज पर बनाए गए अपने नफरत भरे डिटेंशन कैंप मॉडल को बंगाल में भी लागू कर सके। महुआ मोइत्रा ने अमित शाह की पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ ‘चार्जशीट’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आपने हर बंगाली को अपराधी घोषित कर दिया है। आप इसे चार चरणों में करते हैं: पहले आप हमारा अपमान करते हैं, फिर आप हमें वंचित करते हैं, फिर आप हमें अपराधी बनाते हैं, और फिर आप हमें परेशान करते हैं।”

संसद के दरवाजे पर पकौड़े खाना लोकतंत्र का अपमान, राहुल गांधी पर अमित शाह का सीधा प्रहार

असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ गई है। आरोप-प्रत्यारोप की तेज होती सियासत के बीच राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रण में अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच दो दिवसीय असम दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में नवनिर्मित प्राग्ज्योतिषपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की शुरुआत भी की। इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद देश के लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कभी-कभी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं और विरोध प्रदर्शन करते हैं। उनके अनुसार संसद परिसर ऐसा स्थान नहीं है जहां इस तरह का प्रदर्शन किया जाए। शाह ने कहा कि इससे देश की छवि दुनिया में खराब होती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार का विरोध करने और प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद के अंदर चर्चा करने के बजाय इस तरह का तरीका अपनाना सही नहीं है। शाह ने यह भी कहा कि संसद में बहस से बचना और बाहर इस तरह की गतिविधियां करना लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है। गृह मंत्री ने कहा कि जब दुनिया भर के लोग भारत की ताकत और युवाओं की क्षमता देखने आते हैं, तब इस तरह के कदम देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसे व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी। महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगीउद्घाटन के दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के बजाय अपने नेताओं के परिवारों की आर्थिक सेहत सुधारने पर ज्यादा ध्यान दिया। उनके अनुसार उस समय असम का स्वास्थ्य तंत्र काफी खराब हालत में था और लोगों को बेहतर इलाज के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही गृह मंत्री ने गोलाघाट और तिनसुकिया में बने कैंसर केंद्रों का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने वर्चुअल माध्यम से दिफू, जोरहाट और बरपेटा मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में बनने वाले सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की आधारशिला रखी। इतना ही नहीं अमित शाह ने गुवाहाटी के सिक्समाइल इलाके में बनने वाले स्वास्थ्य भवन और अभयापुरी जिला अस्पताल की भी आधारशिला रखी। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने सीएम सरमा की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में असम के स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। शाह के मुताबिक अब असम की स्वास्थ्य व्यवस्था देश के विकसित राज्यों जैसे गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक के स्तर तक पहुंचने लगी है।

कांशीराम जी सफल हुए क्योंकि कांग्रेस अपना काम ठीक से नहीं कर पाई — राहुल गांधी का आत्मचिंतन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। जहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांशीराम जयंती के अवसर पर आयोजित सामाजिक परिवर्तन दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांशीराम जी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। यही कारण है कि कांशीराम जी सफल हुए। अगर कांग्रेस ठीक तरह से काम करती तो कांशीराम जी कभी सफल न होते। उन्होंने कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते और अब भाजपा ने सरकार के 85 प्रतिशत हिस्से की अनदेखी की है।राहुल गांधी ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में देख लीजिए, कार्पोरेट इंडिया में देख लीजिए, बड़ी-बड़ी कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट की सूची निकालकर देख लीजिए आपको दलित, पिछड़ा और आदिवासी कहीं नहीं मिलेगा। किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर देख लीजिए। डॉक्टरों के नाम पढ़िए आपको एक दलित, पिछड़ा और आदिवासी नहीं मिलेगा। वहीं, मनरेगा मजदूरों की सूची निकाल लीजिए वहां पर 85 प्रतिशत दलित और पिछड़ा मिलेंगे। साइकोलॉजिकली खत्म कर दियाउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में दलित, आदिवासी और ओबीसी के लिए मौके कम किए जा रहे हैं। इंटरव्यू से बच्चों को निकाला जा रहा है। उन्हें पब्लिक सेक्टर में मौका नहीं मिल पाता है। हम सभी की बराबरी चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश के हजारों साल की विचारधारा है। इसमें सावरकर की विचारधारा नहीं है। गोडसे की विचारधारा नहीं है। इसलिए वो लोग इसे नहीं मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें लेकिन वो संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। गांधी जी, आंबेडकर जी और कांशीराम जी ने बहुत मुश्किलें झेली पर वो कभी कंप्रोमाइज्ड नहीं हुए जबकि मोदी जी तो कंप्रोमाइज्ड हैं। हमने उन्हें पकड़ लिया है। हमने नरेंद्र मोदी को साइकोलॉजिकली खत्म कर दिया है। वो अमेरिका के दबाव में हैं। वो अब अमेरिका का काम कर रहे हैं।

पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, कहा नकारात्मक राजनीति के पोस्टर ब्वॉय हैं राहुल

एआई समिट की प्रदर्शन में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी कड़ी में, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का भी जिक्र किया। पीयूष गोयल ने कहा, आज सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना में पत्रकार वार्ता में बता रहे थे कि किस प्रकार से गांधी परिवार एक समझौता (कम्प्रोमाइज) करने वाला राजनीतिक परिवार है। राहुल गांधी और उनकी कांग्रेस… समझौता और समझौता करने वाला राजनीतिक परिवार हैं। गांधी परिवार ने हमेशा से देश के साथ समझौता कियाउन्होंने कहा, चाहे कांग्रेस पार्टी का इतिहास देख लें, चाहे वर्तमान देख लें, चाहे उनके भ्रष्टाचार के अलग-अलग किस्से हों… जिससे मालूम होता है कि किस प्रकार से वे विदेशी ताकतों के प्रभाव में जनहित और राष्ट्रहित के साथ समझौता करते हैं। किस प्रकार से देश और देशवासियों के उज्ज्वल भविष्य से पूरी तरह समझौता करते हैं। इसके अनेक उदाहरण देश और जनता के सामने हैं। उन्होंने कहा, राहुल गांधी तो नकारात्मक राजनीतिक के पोस्टर ब्वॉय बन गए हैं। राहुल गांधी 247 बार विदेशी यात्रा पर जाते हैं, प्रोटोकॉल को नजरअंदाज करते हैं और देश के साथ समझौता करते हैं। किस प्रकार से वह सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्र लद्दाख में जाते हैं। साकिर मिराली जैसे लोग उनके साथ संबंध रखते हैं, जो भारत के खिलाफ काम करते हैं। आज पूरा देश जानता है कि राहुल गांधी किस प्रकार से ओछी राजनीति कर रहे हैं। गोयल ने कहा, केवल सोनिया गांधी राहुल गांधी ने ही समझौता नहीं किया है। (देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल) नेहरू से लेकर (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक..ये सभी लोग देश के साथ समझौता करने में पीछे नहीं हटे। हमने 1971 में शिमला समझौता कर 93 हजार पाकिस्तान को छोड़ते हुए कांग्रेस को देखा है। ये कौन सी ताकतें थीं। इंदिरा गांधी ने देश के साथ यह समझौता किया। कांग्रेस और पूरा नेहरू-गांधी परिवार ने हमेशा से देश के साथ समझौता किया।

राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखाना, डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का करारा प्रहार

यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि मोहब्बत की दुकान चलाने का दावा करने वाले देश में दंगे करवाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश को नीचा दिखाना चाहते हैं। कांग्रेस के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टारगेट करना अब एक फैशन बन गया है। दिल्ली में हुई एआई समिट में दुनिया भर से प्रतिनिधि आए थे। कांग्रेस के लोगों का नग्न होकर प्रदर्शन करना देश को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एआई को देश के कोने-कोने में फैलाना चाहते हैं। यही उनका विजन है जबकि कांग्रेस और राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर हर दिन आरोप लगाते रहते हैं। राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखानाराहुल गांधी का मकसद झूठ बोलकर देश को नीचा दिखाना है। वो विदेशी प्रोपोगैंडा फैला रहे हैं। उनको समझना चाहिए कि सूरज पर थूकने से अपना ही चेहरा गंदा होता है। उनका एजेंडा देश की छवि को धूमिल करना है। वो विदेशी मंचों से भारत को अपमानित करते हैं। ये चीन से राजीव गांधी फाउंडेशन में फंड लेते हैं। डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत आर्थिक जगत में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। कांग्रेस ने देश का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। यूपी के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी का मकसद देश को नीचा दिखाना है जबकि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।