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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! आखिर कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत?

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत हो चुकी है। इसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मौत का असली कारण पता चला है। जो चौंकाने वाला है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव की हृदय गति रुक गई थी। साथ ही उनके फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जम गए थे। जिस वजह से उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस वजह से उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, उनके शरीर का रंग पूरी तरह से नीला पड़ चुका है। उनके शरीर का वजन काफी बढ़ गया था। इस वजह से उनके हार्ट और विसरा को सुरक्षित रख दिया गया है। मैं काफी समय से प्रतीक यादव का उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और हाइपरटेंशन का इलाज कर रही थी। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में ब्लड क्लॉट) की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार और समर्थकों में शोक का माहौलप्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म सामने आई है। जांच में पता चला कि शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस गया था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जिसमें फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुक जाता है।रिपोर्ट के मुताबिक, खून का बड़ा क्लॉट फेफड़ों की मुख्य धमनी में पहुंचने से सांस लेने की प्रक्रिया अचानक प्रभावित हुई। ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पड़ा और कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि बड़े क्लॉट की वजह से अचानक सांसें थम गईं, जिससे प्रतीक यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

मनोज अग्रवाल बने बंगाल के नए मुख्य सचिव, TMC के आरोपों पर CM शुभेंदु अधिकारी का पलटवार!

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले पर मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। टीएमसी का सीधा आरोप है कि हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा का कथित तौर पर साथ देने का इनाम उन्हें दिया गया है। इन सब आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी को जवाब दिया है। अहम पद सौंपा गयामुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मनोज अग्रवाल की नियुक्ति का पर कहा कि मनोज अग्रवाल सिर्फ एक पूर्व सीईओ नहीं हैं, बल्कि वह राज्य के सबसे वरिष्ठ सिविल सेवक भी हैं। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी को कोई परेशानी है, तो वह जाकर दूसरों से बात करे। सीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से कानून और नियमों के दायरे में रहकर काम कर रही है। मनोज अग्रवाल 1990 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक नियमों के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर ही उन्हें मुख्य सचिव का यह अहम पद सौंपा गया है। भाजपा सरकार ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के दबाव में नियमों से कोई भी समझौता नहीं करेगी।

ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, चुनाव में हमारे साथ धोखा हुआ

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, बल्कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। टीएमसी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। पार्टी हार के कारणों और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी। जब मीडिया ने उनसे लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया तो ममता भड़क गईं। उन्होंने कहा, ”मैं क्यों जाऊंगी? हम तो हारे नहीं हैं, जो जाएंगे। अगर मैं जीत गई होती तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। चोरी करके जीतने से उन्हें अगर लगता है कि मुझे इस्तीफा देना होगा तो ऐसा नहीं होगा।” उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कहती हूं कि हम हारे नहीं हैं। उन्होंने जबरन हमें हराया है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर वो जीते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर मेरी जीत हुई है। गृह मंत्री भी शामिलममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया ‘आयोग इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने के वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? उन्होंने आरोप लगाया ‘चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।’ ‘उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।’ इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं। ‘

Kerala में BJP की ऐतिहासिक एंट्री, 2 सीटों पर जीत से बढ़ी ताकत

केरल की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब राज्य में केवल एक ‘वोट-कटवा’ पार्टी नहीं, बल्कि एक निर्णायक शक्ति बन चुकी है। केरल भाजपा अध्यक्ष ने दावा कि पार्टी उम्मीदवारों को दो महत्वपूर्ण सीट नेमोम और चथन्नूर में जीत मिली है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के अब दो विधायक होंगे। उन्होंने नेमोम और चथन्नूर निर्वाचन क्षेत्रों में मिली बढ़त को कांग्रेस और माकपा (CPI-M) के उन दावों का करारा जवाब बताया है, जिसमें कहा गया था कि भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा। पार्टी मुख्यालय में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘आज नेमोम और चथन्नूर की जनता ने कांग्रेस और माकपा को स्पष्ट जवाब दे दिया है। अब विधानसभा में भाजपा-एनडीए के दो विधायक होंगे।’ चंद्रशेखर ने शुरू से ही इस चुनाव को ‘माकपा विरोधी चुनाव’ करार दिया था। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार और सबरीमाला से जुड़े कथित मुद्दों से तंग आ चुके थे, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है। लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दियाचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने 4, 398 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं, राजधानी की हाई-प्रोफाइल नेमोम सीट पर खुद राजीव चंद्रशेखर 18 में से 14 राउंड पूरे होने के बाद 4,100 से ज्यादा वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। इन दोनों सीटों पर भाजपा की जीत अब महज औपचारिक घोषणा की बात रह गई है। चंद्रशेखर ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य हिस्सों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी, लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दिया है।

भाजपा में ही रहेंगे बृजभूषण शरण सिंह, सपा में जाने की अटकलों पर लगाया विराम

पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह फिलहाल भारतीय जनता पार्टी में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका एक बेटा सांसद है और दूसरा विधायक, जबकि उनकी पत्नी भी सांसद रह चुकी हैं। स्वयं छह बार सांसद रहे बृजभूषण सिंह ने समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि “कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना।”यह बयान उन्होंने मुजफ्फरनगर के नसीरपुर गांव में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के पिता की शोक सभा में शामिल होने के दौरान दिया। इस दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी बात रखी। इस संवेदनशील मुद्दे पर फिलहाल कोई भी टिप्पणीजब उनसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में पूछा गया, तो बृजभूषण सिंह ने कोई भी भविष्यवाणी करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह बयान उनके भविष्य की योजनाओं को लेकर और भी अधिक रहस्य पैदा करता है। पहलवान विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर भी बृजभूषण सिंह ने जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Swati Maliwal का बड़ा हमला—AAP छोड़ी, बोलीं केजरीवाल ने किया धोखा

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने एक इंटरव्यू में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है। स्वाति मालीवाल ने कहा कि मैंने आप छोड़ दी है और भाजपा में शामिल हो गई हूं। मालीवाल ने रचनात्मक राजनीति करने के इच्छुक सभी लोगों से भाजपा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि वह 2006 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने हर आंदोलन में उनका साथ दिया। मालीवाल ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने उनके घर में एक गुंडे से पिटाई करवाई। आवाज उठाने पर उन्हें धमकाया गया। उन पर एफआईआर वापस लेने का बहुत दबाव डाला गया। पार्टी ने उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया। इसे उन्होंने बहुत शर्मनाक बताया। उन्होंने केजरीवाल को महिला-विरोधी भी कहा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसामालीवाल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी पंजाब को रिमोट से नियंत्रित कर रही है। इससे पंजाब उनका निजी एटीएम बन गया है। पंजाब में रेत खनन और नशीली पदार्थों का इस्तेमाल चरम पर है। जो नेता आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है। केजरीवाल भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के लिए जाने जाते हैं। मालीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बताया। मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विकास के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और नक्सलवाद का खात्मा शामिल है। उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल पेश करने जैसे फैसलों की भी सराहना की। मालीवाल ने दोहराया कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान: बंगाल में रेप-मर्डर के दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, सत्ता में आते ही सख्त कार्रवाई का वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक बहुत बड़ा और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि आरजी कर अस्पताल में हुए रेप और मर्डर केस की साजिश में शामिल किसी भी रसूखदार या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम मोदी ने जनता को भरोसा दिलाया है कि अगले महीने जब राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी, तो हर एक अपराधी को खोजकर उसे सजा दी जाएगी। यह खबर बंगाल के उन सभी आम लोगों के लिए बहुत बड़ी उम्मीद है जो लंबे समय से इस दर्दनाक मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। दूसरी जगह जा रहीप्रधानमंत्री ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस सरकार ने बंगाल की पहचान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। राज्य में लगातार घुसपैठियों को लाया जा रहा है और उन्हें यहां बसाया जा रहा है। ये घुसपैठिए बंगाल की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और यहां के स्थानीय लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। एक तरफ सरकार का भारी भ्रष्टाचार है और दूसरी तरफ घुसपैठियों का जुल्म है। इस कारण से बंगाल के युवाओं को नौकरी की तलाश में अपने घर छोड़कर बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। राज्य में कोई नया निवेश नहीं आ रहा है और पुरानी फैक्ट्रियां भी बंद होकर दूसरी जगह जा रही हैं।

बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की सियासत? रोहित पवार के बयान से महाराष्ट्र राजनीति में हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला बारामती एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की लड़ाई करवाना चाहते हैं ताकि इस परिवार की साख और विरासत को खत्म किया जा सके। बारामती उपचुनाव के दौरान वोट डालने के बाद रोहित पवार ने जो बातें कहीं, उन्होंने भविष्य की राजनीति की एक नई तस्वीर पेश कर दी है। रोहित पवार का निशाना सीधे तौर पर भाजपा और उनके सहयोगियों पर था। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता कभी नहीं चाहती कि पवार परिवार के लोग आपस में लड़ें, लेकिन महायुति सरकार में शामिल कुछ दल इस तरह की प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा दे रहे हैं। रोहित का मानना है कि यह सब शरद पवार साहब और दिवंगत अजीत पवार द्वारा बनाई गई विरासत को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से ऐसी चालें चल रहे हैं जिससे 2029 के चुनावों में भी परिवार के ही दो सदस्य आमने-सामने खड़े हो जाएं। परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमीभविष्य की राजनीति को लेकर रोहित पवार ने एक अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर अजीत पवार की पार्टी से जय पवार मैदान में उतरते हैं, तो मुमकिन है कि उनके सामने युगेंद्र पवार को खड़ा होना पड़े। अगर ऐसा होता है, तो बारामती के लोग एक बार फिर उसी पारिवारिक जंग को देखेंगे जिसे वे पसंद नहीं करते। रोहित ने स्पष्ट किया कि न तो परिवार और न ही जनता इस तरह की कलह चाहती है, लेकिन राजनीतिक गठबंधन अपने फायदे के लिए ऐसा माहौल बना रहे हैं। रोहित पवार ने एक बहुत बड़ी बात कही कि अजीत पवार दोनों गुटों को एक करना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि अगर अजीत पवार आज जीवित होते, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों का विलय हो चुका होता। रोहित के अनुसार, अगर अजीत दादा होते और यह विलय हो जाता, तो वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि 2029 में अजीत पवार ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते। यह बयान दिखाता है कि परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमी को महसूस किया जा रहा है।

चाय वाले पर कार्रवाई से गरमाई सियासत, Akhilesh Yadav का तंज“मेरा घर भी सील कर दो

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फतेहपुर में जिस चाय वाले के यहां पर चाय पी थी। उस चाय वाले शेषमन यादव की दुकान पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने छापेमारी कर दुकान बंद करने चेतावनी दी थी। अखिलेश ने रविवार को शेषमन और उनको चाय पिलाने वाले शेषमन के पुत्र आर्यन यादव को अपने कार्यालय बुलाया और उन्हें पीतल के बर्तन भेंट किए। अखिलेश यादव ने कहा कि आरोप हैं कि एल्युमिनियम के बर्तन में चाय बनाई जा रही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मेरे घर में भी एल्युमिनियम के बर्तन हैं। मेरा घर भी सील कर दो। चाय वाले को परेशान किया जा रहा है। एक मुस्लिम नेता को आगे करके शिकायत करवाई गई है जिससे कि केस बन सके। सोने-चांदी के बर्तन में चाय बनाएंगेअखिलेश यादव ने 20 फरवरी में एक दौरे पर जाते समय फतेहपुर में रुककर एक दुकान पर चाय पी थी जिसकी तस्वीर उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर दी थी। ये पोस्ट वायरल हो गई। इस पर अखिलेश यादव ने लिखा था कि मत डरिए, अपना काम करिए। बुरे दिन जाने वाले हैं। फतेहपुर में चाय की दुकान चलाने वाले शेषमन ने बताया कि जब से अखिलेश भैया दुकान पर आए थे तभी से परेशान किया जा रहा है। 16 अप्रैल को फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी आए और पूछा कि एल्यूमिनियम के बर्तन में चाय क्यों बनाते हो? हमारा जीना मुश्किल हो गया है। हम एल्यूमिनियम के बर्तन में नहीं तो क्या सोने-चांदी के बर्तन में चाय बनाएंगे।

गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर मायावती ने जायज ठहराया टाइप-8 बंगला, सुरक्षा को बताया बड़ी वजह

राजधानी लखनऊ में बुधवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने अकेले यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान किया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि इन दिनों लोकतंत्र एवं संविधान को मजबूती प्रदान करने के बजाय ‘अर्टिफिशयल इंटेलिजेंस’ (AI) को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाएं चल रही हैं। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यूपी में जैसे-जैसे चुनाव पास आएंगे, जो लोग हमारे खिलाफ हैं, वे हमें सत्ता से दूर रखने की और भी कोशिश करेंगे। हमारे खिलाफ साजिश करेंगे। सिर्फ यूपी में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सभी ‘अंबेडकरवादियों’ को बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर का आत्म-सम्मान पाने के आंदोलन को मजबूत करने के लिए काम करते रहना चाहिए। मैंने स्वीकार कर लियाउन्होंने कहा कि बसपा के यूपी विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ने की बात फेक न्यूज है। यह बिल्कुल गलत, झूठ, हवा-हवाई व मनगढ़ंत है। बसपा अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी। बसपा के लोगों को यह अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस, सपा व भाजपा आदि पार्टियों की सोच संकीर्ण व अंबेडकर विरोधी है। ये लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ही इस प्रकार की घिनौनी साजिशें करते रहते हैं। पार्टी समर्थक और कार्यकर्ता हाथी की मस्त चाल चलते रहें। 2007 की तरह ही अकेले चुनाव लड़कर फिर से बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएं। बसपा सुप्रीमो ने दिल्ली के बंगले पर कहा कि मेरी सुरक्षा के हिसाब से लंबे समय बाद टाइप-8 बंगला अलाट हुआ है। इसे मैंने स्वीकार कर लिया है। लेकिन, कुछ लोग इसके बारे में भी गलत व गुमराह करने वाली बातें फैला रहे हैं। इससे भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। अंबेडकरवादी लोग देशभर में जुट जाएंउन्होंने कहा कि सपा सरकार व इनके मुखिया के इशारे पर ही दो जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड में मुझ पर जानलेवा हमला हुआ। इसके बाद 03 जून 1995 को बसपा के नेतृत्व में यूपी में पहली सरकार बनी। उसी समय से सुरक्षा कारणों से मुझे तत्कालीन भारत सरकार द्वारा उच्च सुरक्षा दी गई थी। वह सुरक्षा खतरा कम होने के बजाय अब और भी बढ़ गया है। इस नाते टाइप-8 का बंगला मिला है। मायावती ने यूपी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का एलान किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के सम्मान के लिए अंबेडकरवादी लोग देशभर में जुट जाएं। दिल्ली में टाइप-8 बंगला अलाट होने के पीछे उन्होंने लखनऊ के गेस्ट हाउस कांड के बाद बढ़ा सुरक्षा खतरा बताया।