सागर द्वीप से ममता का बड़ा हमला, SIR को बताया अमानवीय, भाजपा पर झूठ और वोटर उत्पीड़न का आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को सागर द्वीप के लिए 1670 करोड़ की लागत वाले पुल की नींव रखी। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करती है, वह केवल झूठ फैलाने में विश्वास रखती है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी अपने वैध मतदाता होने का प्रमाण देने के लिए कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राज्य में एसआईआर के दौरान अपनाए गए ‘अमानवीय’ तरीके के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं, परेशानियों और प्रशासन की मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं। विधानसभा चुनावों से पहले चिंता का कारण बन गईउन्होंने कहा, एसआईआर के कारण लोगों के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार और इतनी मौतों के खिलाफ हम कल अदालत जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा, अगर जरूरत पड़ी तो मैं सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगी और एक आम नागरिक के तौर पर इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ गुहार लगाऊंगी। मैं खुद एक प्रशिक्षित वकील भी हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस वजह के मतदाता सूची से नाम मनमाने तरीके से हटाए जा रहे हैं, जिससे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया विधानसभा चुनावों से पहले चिंता का कारण बन गई है। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया किमुख्यमंत्री ने दावा किया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को भी अपने सही मतदाता होने का सबूत देने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने पूछा, अगर किसी ने भाजपा नेताओं के बूढ़े माता-पिता को अपनी पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दिया, तो उन्हें कैसा लगेगा। ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि एसआईआर शुरू होने के बाद से डर के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमले किए। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि बीमार और वरिष्ठ नागरिकों को कतार में खड़ा होने को मजबूर किया जा रहा है।