हार का डर या बहिष्कार का ड्रामा? भारत के खिलाफ मैच छोड़ने की तैयारी में पाकिस्तान, आईसीसी में फंसा 348 करोड़ का पेंच

पाकिस्तान क्रिकेट टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। बांग्लादेश के बाहर होने के बाद स्कॉटलैंड के ग्रुप सी में शामिल होने से स्थिति और उलझ गई। इसी बीच, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और अंतिम निर्णय इस सप्ताह घोषित होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का विकल्प भी खुला रखा है। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अपने शुरुआती दो मुकाबलों, नीदरलैंड (7 फरवरी) और अमेरिका (10 फरवरी) के बाद फैसला करेगा। यदि पाकिस्तान दोनों मैच जीतता है तो 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार करने की संभावना बढ़ सकती है। पीसीबी एक सूत्र के हवाले से कहा गया, ‘अगर पाकिस्तान ये दोनों मुकाबले जीतता है, तो भारत के खिलाफ फॉरफिट की संभावना मजबूत होगी।’ विरोध को लेकर आईसीसी को पत्र लिखने वालाइसका मतलब है कि पाकिस्तान डर गया है। टीम टूर्नामेंट तो खेलेगी, लेकिन अपने टीम के प्रदर्शन पर पीसीबी फैसला करेगा, क्योंकि उसे भरोसा नहीं है कि उसकी टीम ये दो मैच जीतेगी या नहीं। अगर नहीं जीतती है और एक भी मैच हारती है तो टूर्नामेंट में आगे बढ़ने और लाज बचाने के लिए उसे बेशर्मों की तरह इतना कुछ होने के बाद भारत के खिलाफ मैच खेलना पड़ेगा। पीसीबी को अभी कुछ फैसला लेने में झिझक हो रही है। अंतिम निर्णय सोमवार को आने की उम्मीद है, ठीक उस दिन जब लाहौर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खत्म होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने पर औपचारिक विरोध दर्ज कराने की योजना भी बना रहा है। बोर्ड आईसीसी को एक पत्र लिखकर इस फैसले पर असंतोष जताएगा और वर्ल्ड कप के दौरान प्रतीकात्मक विरोध की जानकारी भी देगा। रिपोर्ट में एक सूत्र ने कहा, ‘पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड वर्ल्ड कप के दौरान विरोध को लेकर आईसीसी को पत्र लिखने वाला है।’ हिष्कार करने की भी भारी कीमत चुकानी पड़ सकतीपूरी तरह से बहिष्कार या भारत से नहीं खेलने का फैसला कानूनी और आर्थिक रूप से जटिल है। पीसीबी के कानूनी सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि यह प्रसारण समझौते पर गंभीर असर डाल सकता है। एक सूत्र ने कहा, ‘नकवी को कानूनी सलाहकारों ने बताया है कि जियोस्टार स्पोर्ट्स (भारत) के साथ तीन बिलियन यूएस डॉलर का प्रसारण समझौता 2027 तक है, जिससे सभी आईसीसी सदस्य देशों को हिस्सा मिलता है। भारत से मैच न खेलने पर ब्रॉडकास्टर को भारी नुकसान होगा।’ रिपोर्ट में आगे कहा गया, ‘यदि पाकिस्तान बहिष्कार करता है तो प्रसारक आईसीसी पर हर्जाने का दावा करेगा, और आईसीसी आगे पीसीबी को नोटिस देगा। इससे सभी सदस्य देशों की वार्षिक फंडिंग पर असर पड़ेगा।’ रेवस्पोर्ट्स की रिपोर्ट में तो यहां तक दावा है कि पाकिस्तान 348 करोड़ रुपये के कानूनी मामले में फंस सकता है। उसे भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की भी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।