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“अमेरिका कौन होता है हमें बताने वाला?, संसद में गूंजी राहुल गांधी की दहाड़!

लोकसभा में गुरुवार को ईरान-इस्राइल युद्ध के चलते पैदा हुए उर्जा संकट पर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। देश में एलपीजी को लेकर संकट है। स्ट्रीट वेंडर्स पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदेंगे, किससे गैस खरीदेंगे? छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। राहुल गांधी में सदन में कहा कि हर कोई जानता है कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हो गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होने वाले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, उस मुख्य समुद्री रास्ते को बंद कर दिया गया है। इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा, खासकर हमारे देश पर, क्योंकि हमारे तेल और प्राकृतिक गैस का बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। पहेली को समझने की कोशिश कर रहाराहुल गांधी ने आगे कहा कि मुश्किलें अभी बस शुरू हुई हैं। रेस्तरां बंद हो रहे हैं। एलपीजी को लेकर लोगों में घबराहट फैल रही है। सड़क पर सामान बेचने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं और जैसा मैंने कहा, यह सिर्फ शुरुआत है। किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा हूं, लेकिन अमेरिका को यह तय करने देना कि हम तेल किससे खरीदेंगे, गैस किससे खरीदेंगे, क्या हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और अलग-अलग तेल आपूर्तिकर्ता देशों के साथ हमारे संबंध कैसे होंगे, यह सब मानो सौदे में दे दिया गया है। ट्रंप के बयान को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे लिए यह हमेशा एक बहुत उलझाने वाली बात रही है कि भारत जैसा बड़ा देश किसी दूसरे देश को यह तय करने क्यों देगा कि हम किससे तेल खरीदें। क्यों किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति हमें अनुमति दें कि हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध कैसे होंगे। यह मेरे लिए एक पहेली रही है और मैं इस पहेली को समझने की कोशिश कर रहा हूं।

राहुल का संसद में ‘चीन राग’, पीएम मोदी पर लगाया किसानों को बेचने का आरोप!

लोकसभा में कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लगातार दूसरे दिन भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठाया। इस दौरान सत्ता पक्ष की तरफ से ऐतराज जताया गया। वहीं स्पीकर ने कई बार उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए कहा, आखिर में स्पीकर ने दूसरे सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। जिसके बाद विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। भारी हंगामे को देखते हुए स्पीकर लोकसभा की कार्रवाई दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उस लेख की प्रति को प्रमाणित किया जिसमें पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ का हवाला दिया गया था। उन्होंने इसे प्रमाणित करते हुए सदन के पटल पर रखा। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने के लिए कहा। राहुल गांधी ने कहा, ‘कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे प्रमाणित करें। मैं आज इसे प्रमाणित कर रहा हूं। सदन की कार्यवाही बाधित हो गईइसके बाद विपक्ष के नेता ने कहा, ‘राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच के संबंध। इस लेख में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है जिसकी मैंने पुष्टि की है। यह प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में बात करता है… हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस मार्ग के बारे में था जिस पर भारत को आज चलना है। विश्व मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों का मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष है। यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का केंद्र बिंदु है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और हमारे प्रधानमंत्री ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, उस पर एक बयान देने दीजिए। मुझे क्यों रोका जा रहा है?’ वहीं जब राहुल गांधी ने अपनी चीन राग अलापना जारी रखा तो स्पीकर ने कई अन्य सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। तो राहुल गांधी के समर्थन में विपक्ष के तीन सांसद नरेश उत्तम पटेल, शताब्दी राय, डीएम खातिर आनंद ने बोलने से इनकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया और सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के जरिए बेच दिया गयाकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दबाव में आकर ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए झुक गए हैं और इस समझौते के जरिए भारतीय किसानों की मेहनत को बेच दिया है। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए, जब उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया क्योंकि वे एक आर्टिकल से कोट करना चाहते थे जिसमें पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र था, राहुल गांधी ने कहा कि इतिहास में यह पहली बार है कि विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें यह समझने की जरूरत है कि लगभग चार महीने से अटकी हुई ट्रेड डील अचानक कल शाम को क्यों फाइनल हो गई,’ उन्होंने आगे कहा कि ‘प्रधानमंत्री मोदी पर बहुत ज्यादा दबाव था।’ यह पूछे जाने पर कि वे किस तरह के दबाव की बात कर रहे हैं, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ एक मामला है और एपस्टीन फाइलों में और भी बहुत कुछ सामने आने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी समझौते में फंस गए हैं और भारतीय किसानों को यह समझना चाहिए कि उनकी मेहनत साथ ही उनका खून-पसीना भारत-अमेरिका ट्रेड डील के जरिए बेच दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश बेच दिया गया है।