ईरान को ट्रंप की ‘न्यूक्लियर’ चेतावनी! बोले समझौता करो या गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो

ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर पहले दौर की बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। हालांकि दोनों ही देशों ने इस वार्ता को सकारात्मक बताया। अब अगले हफ्ते फिर से वार्ता की जाएगी। इस बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वार्ता को ‘बहुत अच्छा’ बताया है और अगले सप्ताह की शुरुआत में और बातचीत की योजना के बारे में कहा। साथ ही दबाव भी बढ़ाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करता है, तो उसे ‘गंभीर परिणाम’ भुगतने होंगे। विमानवाहक पोत को क्षेत्र में भेजादरअसल, ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान को जीरो न्यूक्लियर कैपेबिलिटी यानी शून्य परमाणु क्षमता की ओर ले जाना है। ईरान सिर्फ अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात करना चाहता है, जबकि अमेरिका उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों और क्षेत्रीय गतिविधियों को भी समझौते में शामिल करना चाहता है। ट्रंप ने ईरान को इस कार्यक्रम पर समझौता करने के लिए मजबूर करने के लिए सैन्य कार्रवाईकरने की बार-बार धमकी दी है, इससे पहले उन्होंने तेहरान को देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर की गई खूनी कार्रवाई के जवाब में इस विमानवाहक पोत को क्षेत्र में भेजा था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और इस्लामिक गणराज्य में हजारों अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था। जहाजों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए गएओमान में हुई बातचीत पर जब कोई ठोक नतीजा सामने नहीं आया तो नाराज राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए। अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात से जुड़े नेटवर्क पर नई सख्त कार्रवाई की है। नए आदेश के तहत कई कंपनियों, जहाजों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका के मुताबिक ईरान से जुड़े तेल कारोबार के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा था। बता दें कि ओमान हमेशा की तरह दोनों देशों के बीच पुल का काम कर रहा है। वार्ता में राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर ने किया। दोनों पक्षों के राजनयिक अब अपने-अपने देशों में मशविरा करेंगे। अगली बैठक अगले सप्ताह की शुरुआत में होने की संभावना है। वार्ता के बाद अमेरिका ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। इधर, बैठक को लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है। हमारे हमने अपने दृष्टिकोण एक-दूसरे तक पहुंचाए, जो बेहद जरूरी था।