मनरेगा पर राजनीति कर रही कांग्रेस, चिराग पासवान बोले भ्रष्टाचार पर प्रहार से घबराया विपक्ष

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने जनता को झूठ बोलकर डराने की परंपरा शुरू की है। जो योजनाएं आम लोगों के हित में हैं, उन्हें नुकसानदेह बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 15 दिनों तक बेवजह हंगामा किया, लेकिन अगर वास्तव में कोई गड़बड़ी होती तो बिहार की जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करती, जो नहीं हुआ। स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदमराष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है। उन्होंने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में मनरेगा सिर्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है और गरीब मजदूरों को उनका वाजिब हक नहीं मिला। अब जब केंद्र सरकार इस भ्रष्टाचार पर प्रहार कर रही है, तो कांग्रेस बेचैन हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना के ढांचे में बदलाव से गरीब मजदूरों को फायदा मिलेगा। 125 दिन का रोजगार देना, मॉनिटरिंग शुरू करना और महिलाओं को आर्थिक मदद देना गलत कैसे हो सकता है? महिलाओं को पहले 10 हजार और फिर 1.90 लाख रुपये देकर स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगाचिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस भावनात्मक मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह कर रही है। महात्मा गांधी के नाम को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि समय-समय पर योजनाओं के स्वरूप में बदलाव होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम नाम से इन्हें आपत्ति क्यों है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में धर्म के आधार पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन इस पर विपक्ष चुप्पी साधे हुए है। आगामी चुनावों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पहले असम और फिर बंगाल में एनडीए अपनी जीत सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का ही असर है कि गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन में भी बदलाव किए जाएंगे और विधायकों की भूमिका को लेकर चर्चा होगी। आने वाले पांच साल को उन्होंने स्वर्णिम काल बताया और कहा कि चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगा।
केरल दौरे पर अमित शाह का भाजपा का बड़ा संदेश, “कमल निशान की सरकार और मुख्यमंत्री लाना हमारा अंतिम लक्ष्य”

केरल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पिनरई विजयन सरकार को जमकर घेरा। तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह नगर निगम में भाजपा की जीत पर बात करते हुए कहा, ‘विजय हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य है, कमल निशान की केरल में सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है। इसी के साथ शाह ने केरल सरकार को सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी मामले पर भी घेरा। शाह ने अपने बयान में कहा कि जो मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वो धर्म क्या बचाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की। शाह ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य है केरल को पूर्ण विकसित बनाना, केरल को देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना और केरल में जो सदियों से आस्था की ताकत है, उसकी भी रक्षा करना है। शाह ने दावे के साथ कहा कि केरल के लोग भी मानते हैं कि यूडीएफ और एलडीएफ काम नहीं कर सकते हैं, सिर्फ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही यह काम कर सकती है। विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाएअमित शाह ने अपने बयान में कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2047 तक इस देश को एक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है। मैं आज यहां केरल के लोगों को यह बताने आया हूं कि विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं केरल के लोगों से अपील करने के लिए इस कार्यकर्ता सम्मेलन में आया हूं। केरल के भविष्य का रास्ता, चाहे वह विकास हो, सुरक्षा हो, या हमारी मान्यताओं की रक्षा हो, LDF या UDF के जरिए हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियां पूरी दुनिया से गायब हो गई हैं, और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में खत्म हो रही है। अब केरल के विकास का रास्ता सिर्फ नरेंद्र मोदी के एनडीए के साथ है। जरूरत इस बात की है कि केरल के लोगों के पास विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाए। असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए उन्होंने इन राज्यों में चुनावी दौरे भी शुरू कर दिए हैं। इन सभी चुनावी राज्यों में शाह की रणनीति बिहार के तर्ज पर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को सक्रिय करने और सहयोगी दलों के साथ साझा अभियान और ठोस संयुक्त रणनीति को अमली जामा पहनाने की है। इन राज्यों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगी।