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बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की सियासत? रोहित पवार के बयान से महाराष्ट्र राजनीति में हलचल

महाराष्ट्र की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाने वाला बारामती एक बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने एक बड़ा बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि कुछ लोग जानबूझकर बारामती में ‘पवार बनाम पवार’ की लड़ाई करवाना चाहते हैं ताकि इस परिवार की साख और विरासत को खत्म किया जा सके। बारामती उपचुनाव के दौरान वोट डालने के बाद रोहित पवार ने जो बातें कहीं, उन्होंने भविष्य की राजनीति की एक नई तस्वीर पेश कर दी है। रोहित पवार का निशाना सीधे तौर पर भाजपा और उनके सहयोगियों पर था। उन्होंने कहा कि बारामती की जनता कभी नहीं चाहती कि पवार परिवार के लोग आपस में लड़ें, लेकिन महायुति सरकार में शामिल कुछ दल इस तरह की प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा दे रहे हैं। रोहित का मानना है कि यह सब शरद पवार साहब और दिवंगत अजीत पवार द्वारा बनाई गई विरासत को मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पर्दे के पीछे से ऐसी चालें चल रहे हैं जिससे 2029 के चुनावों में भी परिवार के ही दो सदस्य आमने-सामने खड़े हो जाएं। परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमीभविष्य की राजनीति को लेकर रोहित पवार ने एक अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि अगर अजीत पवार की पार्टी से जय पवार मैदान में उतरते हैं, तो मुमकिन है कि उनके सामने युगेंद्र पवार को खड़ा होना पड़े। अगर ऐसा होता है, तो बारामती के लोग एक बार फिर उसी पारिवारिक जंग को देखेंगे जिसे वे पसंद नहीं करते। रोहित ने स्पष्ट किया कि न तो परिवार और न ही जनता इस तरह की कलह चाहती है, लेकिन राजनीतिक गठबंधन अपने फायदे के लिए ऐसा माहौल बना रहे हैं। रोहित पवार ने एक बहुत बड़ी बात कही कि अजीत पवार दोनों गुटों को एक करना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि अगर अजीत पवार आज जीवित होते, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों का विलय हो चुका होता। रोहित के अनुसार, अगर अजीत दादा होते और यह विलय हो जाता, तो वह पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि 2029 में अजीत पवार ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनते। यह बयान दिखाता है कि परिवार के भीतर अब भी पुराने रिश्तों और अजीत पवार की कमी को महसूस किया जा रहा है।

अजित पवार के निधन के बाद डिप्टी सीएम पद पर सस्पेंस, सुनील तटकरे बोले—अंतिम फैसला सीएम फडणवीस लेंगे

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शनिवार को एनसीपी (एससीपी) प्रमुख शरद पवार के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें एनसीपी सांसद और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामित किए जाने की कोई जानकारी नहीं है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद खाली हुए उपमुख्यमंत्री पद पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लेंगे। एनसीपी की बैठक शनिवार दोपहर होने वाली है। इस बैठक के बाद पार्टी डिप्टी सीएम पद के लिए अपना नाम मुख्यमंत्री को सौंपेगी। यह पद अजित पवार के निधन के बाद खाली हुआ है। राजनीतिक फैसलों की जल्दी को लेकर सवाल पूछा गयाइस बीच शरद पवार ने कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के नाम को लेकर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह फैसला उनकी पार्टी ने लिया होगा। मैंने आज अखबार में कुछ नाम देखे, जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे, जो फैसलों की पहल कर रहे हैं। इस पर मेरी कोई चर्चा नहीं हुई है।’ जब अजित पवार के निधन के तुरंत बाद राजनीतिक फैसलों की जल्दी को लेकर सवाल पूछा गया, तो शरद पवार ने इशारों में कहा कि ये फैसले मुंबई में महायुति सरकार के नेता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे। सदस्य इस पद पर आसीन होताअजित पवार के निधन के बाद आज महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण करने की खबरों पर समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा, ‘यह एनसीपी का आंतरिक मामला है। यह उनके परिवार और पार्टी का मामला है; वे जो भी फैसला लें, वह उनकी मर्जी है। दुख की इस घड़ी में वे जो भी निर्णय लें, हम उनका समर्थन करते हैं।’ वहीं एनसीपी (एसपी) विधायक संदीप क्षीरसागर ने कहा, ‘मुझे पहले इसकी जानकारी नहीं थी; मुझे आज ही पता चला है। अगर पवार परिवार का कोई सदस्य इस पद पर आसीन होता है, तो हमें खुशी होगी।’