बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों से लेकर रूसी तेल, शक्सगाम घाटी और ताइवान तक—विदेश मंत्रालय ने जताई गंभीर चिंता

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न पर चिंता जताई। जायसवाल ने कहा, हम लगातार देख रहे हैं कि चरमपंथियों की ओर से अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले हो रहे हैं। यह चिंताजनक सिलसिला है। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तत्काल और सख्ती से निपटना जरूरी है। ऐसी घटनाओं को व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता, राजनीतिक मतभेद या बाहरी कारणों से जोड़ने की प्रवृत्ति चिंताजनक है। इस तरह की अनदेखी अपराधियों को और भी बेखौफ बनाती है और अल्पसंख्यकों के बीच खौफ और असुरक्षा की भावना को और गहरा करती है। विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दीअमेरिकी संसद में रूसी तेल की खरीद को लेकर 500 फीसदी टैरिफ का प्रावधान करने वाले विधेयक को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम प्रस्तावित विधेयक से अवगत हैं। हम घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। ऊर्जा स्रोतों के व्यापक मुद्दे पर हमारा रुख सर्वविदित है। इस प्रयास में हम वैश्विक बाजार की बदलती परिस्थितियों और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों दोनों से अवगत हैं कि इन्हें पूरा करने के लिए सस्ती ऊर्जा विभिन्न स्रोतों से उपलब्ध हो। गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्तएमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शक्सगाम घाटी में चीनी गतिविधियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है और हमने शक्सगाम घाटी की जमीनी हकीकत को बदलने के प्रयासों के खिलाफ चीनी पक्ष के सामने लगातार विरोध जताया है.ताइवान के पास चीनी सैन्य अभ्यास को लेकर जायसवाल ने कहा, भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर गहरी नजर रख रहा है। भारत की रुचि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में है, क्योंकि हमारे व्यापारिक, आर्थिक और समुद्री हित महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, भारत सभी संबंधित पक्षों से संयंम बरतने, एकतरफा कार्रवाई से बचने और बल या धमकी के बिना सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का आग्रह करता है।
बांग्लादेश: शरियतपुर में हिंदू व्यापारी खोकन दास को पेट्रोल डालकर जलाया, इलाज के दौरान मौत

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शरियतपुर जिले के बाजार में मेडिकल स्टोर चलाने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की शनिवार सुबह ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हमलावरों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। डॉक्टरों के मुताबिक, खोकन दास के शरीर का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा झुलस गया था। उनके चेहरे और श्वसन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा था। अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. शौन बिन रहमान ने बताया कि सुबह करीब 7:20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। केउरभांगा बाजार के पास हुईस्थानीय अखबार प्रथम आलो के अनुसार, यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दामुदिया उपजिला के कोनेश्वर यूनियन स्थित केउरभांगा बाजार के पास हुई। दुकान बंद कर घर लौट रहे खोकन दास को रास्ते में बदमाशों ने रोका, धारदार हथियारों से हमला किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के तालाब में कूद गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें पहले शरियतपुर सदर अस्पताल और फिर ढाका रेफर किया गया था। फूट-फूटकर रोती नजर आईंखोकन दास की पत्नी सीमा दास, गोद में छोटे बच्चे को लिए फूट-फूटकर रोती नजर आईं। उन्होंने कहा मेरे पति रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी वजह से बदमाशों ने उनकी हत्या की नीयत से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं है और किसी तरह का कोई विवाद भी नहीं था, फिर भी इस तरह का हमला क्यों हुआ, यह समझ से बाहर है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। खोकन दास के रिश्तेदार प्रांतो दास ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। दामुदिया थाने के प्रभारी मोहम्मद रबिउल हक के अनुसार, पुलिस ने दो आरोपियों रब्बी और सोहाग की पहचान कर ली है। दोनों स्थानीय निवासी हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।