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केरल निकाय चुनाव विवाद: साजी चेरियन ने दी सफाई, मुस्लिम लीग और भाजपा की जीत पर बात की

केरल के मंत्री साजी चेरियन के कासरगोड और मलप्पुरम में हुए निकाय चुनावों को लेकर दिए गए बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। इस बीच साजी चेरियन ने अपने बयान पर सफाई देते हुए दावा किया कि नतीजों को लेकर उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर लोगों को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने चेरियन की टिप्पणियों को उन क्षेत्रों में मुस्लिम लीग उम्मीदवारों की जीत के संदर्भ में देखा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेरियन ने कहा कि कासरगोड नगरपालिका में कुल 39 सीटें हैं, जहां मुस्लिम बहुल इलाकों में मुस्लिम लीग को और हिंदू बहुल क्षेत्रों में भाजपा को जीत मिली। यह स्पष्ट किया जाना चाहिएउन्होंने साफ किया कि उनका आशय यह बताना था कि धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाली पार्टियों का प्रदर्शन कमजोर रहा। उनके अनुसार सीपीआई(एम) को केवल एक सीट और कांग्रेस को दो सीटें मिलीं। वहीं, ‘सांप्रदायिक राजनीति की बात करने वाली’ भाजपा ने 12 सीटें जीतीं, जबकि मुस्लिम लीग के 22 उम्मीदवार निर्वाचित हुए। इस बीच चेरियन के बयान की कांग्रेस ने आलोचना की। केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सोमवार को सवाल उठाया कि क्या यह बयान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अनुमति से दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या यह सीपीआई(एम) का आधिकारिक रुख है?’ देश के सामने एक वैकल्पिक शासन मॉडल पेश कियाचेरियन ने रविवार को यूडीएफ और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन पर ‘सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति’ करने का आरोप लगाया था। अलप्पुझा में संवाददाताओं से बातचीत में चेरियन ने कहा था कि राज्य में सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त रुख सीपीआई(एम) और एलडीएफ ने ही अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीपीआई(एम) ने केरल में अपने नजरिए से देश के सामने एक वैकल्पिक शासन मॉडल पेश किया है।

केरल दौरे पर अमित शाह का भाजपा का बड़ा संदेश, “कमल निशान की सरकार और मुख्यमंत्री लाना हमारा अंतिम लक्ष्य”

केरल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने पिनरई विजयन सरकार को जमकर घेरा। तिरुवनंतपुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह नगर निगम में भाजपा की जीत पर बात करते हुए कहा, ‘विजय हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि लक्ष्य तक पहुंचने का एक पड़ाव है। हमारा अंतिम लक्ष्य है, कमल निशान की केरल में सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री लाना है। इसी के साथ शाह ने केरल सरकार को सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी मामले पर भी घेरा। शाह ने अपने बयान में कहा कि जो मंदिर का सोना नहीं बचा पाए, वो धर्म क्या बचाएंगे। इसी के साथ उन्होंने सीबीआई जांच की मांग भी की। शाह ने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य है केरल को पूर्ण विकसित बनाना, केरल को देशविरोधी ताकतों से सुरक्षित करना और केरल में जो सदियों से आस्था की ताकत है, उसकी भी रक्षा करना है। शाह ने दावे के साथ कहा कि केरल के लोग भी मानते हैं कि यूडीएफ और एलडीएफ काम नहीं कर सकते हैं, सिर्फ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ही यह काम कर सकती है। विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाएअमित शाह ने अपने बयान में कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2047 तक इस देश को एक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है। मैं आज यहां केरल के लोगों को यह बताने आया हूं कि विकसित भारत का रास्ता विकसित केरल से होकर जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मैं केरल के लोगों से अपील करने के लिए इस कार्यकर्ता सम्मेलन में आया हूं। केरल के भविष्य का रास्ता, चाहे वह विकास हो, सुरक्षा हो, या हमारी मान्यताओं की रक्षा हो, LDF या UDF के जरिए हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टियां पूरी दुनिया से गायब हो गई हैं, और कांग्रेस पार्टी पूरे देश में खत्म हो रही है। अब केरल के विकास का रास्ता सिर्फ नरेंद्र मोदी के एनडीए के साथ है। जरूरत इस बात की है कि केरल के लोगों के पास विनम्रता और एक साफ विजन के साथ जाया जाए। असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का नेतृत्व करेंगे। इसके लिए उन्होंने इन राज्यों में चुनावी दौरे भी शुरू कर दिए हैं। इन सभी चुनावी राज्यों में शाह की रणनीति बिहार के तर्ज पर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने, संगठन को सक्रिय करने और सहयोगी दलों के साथ साझा अभियान और ठोस संयुक्त रणनीति को अमली जामा पहनाने की है। इन राज्यों में भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरेगी। जबकि तमिलनाडु, केरल और असम में सहयोगियों के साथ मैदान में उतरेगी।