कार्यस्थगन प्रस्ताव की तैयारी! राहुल गांधी और 8 सांसदों के निलंबन के बाद अब ‘ट्रेड डील’ बना विपक्ष का नया ब्रह्मास्त्र

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर संसद में नए सिरे से राजनीतिक घमासान के संकेत मिल रहे हैं। बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी सप्ताह शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। समझौते के प्रावधान सार्वजनिक होने के बाद विपक्षी दलों ने कृषि और ऊर्जा हितों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इससे शेष कार्य दिवस की कार्यवाही प्रभावित होने की आशंका है। सोमवार से शुरू हो रहे सप्ताह में कांग्रेस, सपा, डीएमके और टीएमसी समेत कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। विपक्ष का आरोप है कि समझौते में कृषि क्षेत्र की अनदेखी की गई है और कुछ शर्तें देश के हित के खिलाफ हैं। पहले संकेत थे कि विपक्ष आम बजट पर चर्चा में भाग लेगा, लेकिन समझौते का स्वरूप सामने आने के बाद रुख सख्त हो गया है। विस्तृत चर्चा और जवाब मांगने की तैयारी मेंबजट सत्र का पहला चरण पहले ही लगातार हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। इसकी शुरुआत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे से जुड़ी अप्रकाशित सामग्री पढ़े जाने के विवाद से हुई थी। इस मामले में जोरदार विरोध के बाद कांग्रेस के आठ सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया। इसके बाद कई दिनों तक सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद संकेत मिले थे कि विपक्ष अप्रकाशित किताब विवाद को पीछे छोड़कर बजट पर चर्चा करेगा। कांग्रेस और अन्य दलों ने रणनीति बदली थी ताकि आर्थिक मुद्दों पर सरकार को घेरा जा सके। लेकिन शनिवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विस्तृत स्वरूप सामने आते ही विपक्ष ने इसे नया बड़ा मुद्दा बना दिया। अब विपक्ष इस पर विस्तृत चर्चा और जवाब मांगने की तैयारी में है। किसानों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं होगाकांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि समझौता गंभीर चिंता का विषय है और पार्टी इस पर संसद में चुप नहीं बैठेगी। उनका आरोप है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोल दिया है। साथ ही अमेरिका के दबाव में रूस से तेल आयात रोकने पर सहमति जताई गई है। आईटी और सेवा क्षेत्र को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान सामने नहीं आए हैं। कांग्रेस ने कहा कि किसानों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं होगा। संसद के बजट सत्र के पहले चरण का यह अंतिम सप्ताह है। ऐसे में सरकार की कोशिश लंबित कामकाज निपटाने की रहेगी, जबकि विपक्ष इस समझौते पर चर्चा और जवाब चाहता है। टकराव की स्थिति में बार-बार स्थगन की नौबत आ सकती है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अगर सहमति नहीं बनी तो पूरा सप्ताह हंगामे की भेंट चढ़ सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर से लेकर तेल डील तक… क्या ट्रंप बन गए हैं भारत सरकार के प्रवक्ता? जयराम रमेश का बड़ा हमला

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की थी। अमेरिकी की पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर लिए गए एक्शन के बाद वेनेजुएला की भारत से यह पहली वार्ता की। अब इस कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल खरीद पर भारत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भारत पहले ही तेल खरीदने के लिए एक समझौता कर चुका है। डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (01 फरवरी) को कहा कि भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाए वेनेजुएला से तेल आयात करेगा। फ्लोरिडा जाते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘हमने पहले ही समझौता कर लिया है। भारत इसमें शामिल हो रहा है और वह ईरान से तेल खरीदने के बजाए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसलिए हमने समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली है।’ उन्होंने उस सौदे पर सहमति जताईउन्होंने आगे कहा, ‘हमने पहले ही समझौता कर लिया है। भारत इसमें शामिल हो रहा है और वह ईरान से तेल खरीदने के बजाए वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। हमने पहले ही समझौता कर लिया है। भारत इसमें शामिल हो रहा है और वे आ रहे हैं, हमने पहले ही उस समझौते पर सहमति बना ली है, समझौते की अवधारणा तैयार कर ली है।’ फिलहाल भारत की ओर से अभी ट्रंप की टिप्पकी पर किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी के साथ डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला का तेल खरीदने के लिए चीन से भी तेल खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि चीन का स्वागत है, वे आएं और तेल पर एक शानदार डील करें। हमने पहले ही एक डील (भारत से) कर ली है। बता दें कि इससे पहले ट्रंप ने बताया था कि वेनेजुएला ने वॉशिंगटन को 52 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के 50 मिलियन बैरल तेल की पेशकश की है, और उन्होंने उस सौदे पर सहमति जताई है। संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकेइधर, ट्रंप के भारत के वेनेजुएला से तेल खरीदने के बयान पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने केंद्र को घेरते हुए कहा कि अमेरिकी नेता हमारी अपनी सरकार ने जो किया है या करने वाली है, उसके बारे में जानकारी देना जारी रखे हुए हैं। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर ट्रंप की टिप्पणियों का ऑडियो साझा किया और कहा, ‘उन्होंने (ट्रंप ने) हमें बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया गया है। उन्होंने हमें बताया था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। और अब यह।’ रमेश ने एक्स पर कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप हमें लगातार इस बात की जानकारी दे रहे हैं कि हमारी अपनी सरकार ने क्या किया है या क्या करने वाली है।’ बता दें कि शुक्रवार (30 जनवरी) को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर वार्ता की। जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने पर चर्चा हुई। एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने बताया कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बात हुई। हमने सभी क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने व विस्तार देने पर सहमति जताई है, ताकि आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सके।