बंगाल में ऐप कैब ड्राइवरों का फूटा गुस्सा, किराया नियंत्रण की मांग तेज, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ा संकट

पश्चिम बंगाल में एप-आधारित कैब ऑपरेटरों के संगठन ने राज्य परिवहन विभाग से किराए को विनियमित करने की पुरजोर अपील की है। संगठन ने लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों और ऑनलाइन कैब कंपनियों की ओर से सर्ज प्राइसिंग यानी किराया बढ़ोतरी के जरिए किए जा रहे कथित शोषण का हवाला दिया है। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव को सौंपे गए पत्र में ‘ऑनलाइन कैब ऑपरेटर्स गिल्ड’ ने राज्य में एप-आधारित टैक्सी किरायों के तत्काल नियमन और पुनर्गठन की मांग उठाई है।गिल्ड के सचिव इंद्रनील बनर्जी ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत को काफी बढ़ा दिया है। इससे ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्लेटफार्मों से जुड़े ड्राइवरों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि महज एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में दो बार संशोधन किया गया है। संगठन ने अपने पत्र में कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे अपनी बुनियादी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे कैब ड्राइवरों पर असहनीय बोझ पड़ रहा है। प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गईएप-आधारित कैब ऑपरेटरों के संगठन ने आरोप लगाया कि व्यस्त समय, खराब मौसम और अधिक मांग के दौरान कंपनियां सर्ज प्राइसिंग के नाम पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं। इसके विपरीत, ड्राइवरों को मिलने वाला हिस्सा बेहद कम रहता है। गिल्ड के अनुसार, कंपनियां मांग बढ़ने पर यात्रियों से मूल किराए का दो से तीन गुना तक वसूल लेती हैं। संगठन ने मांग की है कि बुनियादी किराए को ईंधन की कीमतों से जोड़ा जाए, सर्ज प्राइसिंग की एक वैधानिक सीमा तय हो और विभिन्न श्रेणियों, जैसे हैचबैक, सेडान, एसयूवी के लिए न्यूनतम और अधिकतम प्रति किलोमीटर दर निर्धारित की जाए।गिल्ड ने ड्राइवरों को कुल किराए का उचित हिस्सा मिलना सुनिश्चित करने के लिए एक ऑडिट व्यवस्था की भी मांग की है। उनका कहना है कि एक सुव्यवस्थित कैब इकोसिस्टम से यात्रियों को पारदर्शी किराया मिलेगा और ड्राइवरों को सम्मानजनक आजीविका मिल सकेगी। इस बीच, ईरान संघर्ष के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण सरकारी तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इससे पहले शुक्रवार को भी कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जो चार साल से अधिक समय में पहला संशोधन था।
“आम आदमी की जेब पर वार! 1 फरवरी से महंगा हुआ गैस सिलेंडर, जानें अपने शहर के नए रेट

केंद्रीय बजट से ठीक पहले आम आदमी को महंगाई का एक और झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में इजाफा कर दिया है। 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 49 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो 1 फरवरी से लागू हो गई है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई दरों के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की खुदरा कीमत अब बढ़कर 1,740.50 रुपये हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कीमतों में संशोधन 8 अप्रैल 2025 को हुआदिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1691.50 रुपये की जगह 1740.50 में मिलेगा। कोलकाता में पहले 1795 रुपये का था और अब 1844.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर अब 1642.50 की जगह 1692 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कमर्शियल सिलेंडर 1899.50 रुपये में मिलेगा पहले यह 1849.50 रुपये का था। घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस श्रेणी में आखिरी बार कीमतों में संशोधन 8 अप्रैल 2025 को हुआ था। वर्तमान में देश के प्रमुख शहरों में 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की खुदरा कीमतें इस प्रकार हैं: