राहुल गांधी का रायबरेली में जोरदार संदेश, मनरेगा बचाओ, मोदी-अंबानी के हाथों गरीबों का पैसा नहीं जाएगा

रायबरेली में सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को भुएमऊ गेस्ट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें लड़ते रहना है और डरना नहीं है। उन्होंने वर्तमान भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार धर्म का आडंबर ओढ़े हुए है, जिसे बेनकाब करना आवश्यक है। बैठक में आगामी पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों के चयन और पार्टी की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।राहुल गांधी ने कहा, हमारी तीन टर्म की सरकार में मनरेगा का जो कांसेप्ट था, उसमें पंचायतों को जिम्मेदारी देने की बात थी। उनको फाइनेंसियल रिस्पांसिबिलिटी दी जाए। उस दौरान दूसरा लक्ष्य था कि हिंदुस्तान के जो गरीब लोग हैं, उनके लिए मिनिमम वेज बने। जिससे कम कहीं भी किसी को वेज न मिले। अंबानी के साथ में चला जाएनरेंद्र मोदी यह नहीं चाहते हैं। वह पावर को पावर कांसेप्टेड करना चाहते हैं। वह पावर को अपने हाथों में लेना चाहते हैं और ब्यूरोक्रेसी के हाथों में डालना चाहते हैं। वह गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं। मुख्य बात यह नहीं है कि मनरेगा का नाम बदला गया है,लेकिन नाम बदल कर गांधी जी का अपमान जरूर किया गया है। उससे बड़ी बात है कि जो गरीब जनता है, उससे प्रोटेक्शन हटा दिया गया है। हमारी थर्ड टर्म गर्वमेंट की जो सोच थी, उसकी जड़ को काटा गया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। जो मजदूरी करते हैं उनकी सुरक्षा में लगे हुए हैं। नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश का पूरा धन अदानी और अंबानी के साथ में चला जाए, एक तरफ हम जनता की रक्षा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी देश की जनता का पैसा खींच कर अदानी और अंबानी को देने में लगे हैं। राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहाराहुल गांधी ने पार्टी की युवा शक्ति को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस संकेत से यह स्पष्ट होता है कि कांग्रेस आगामी पंचायत चुनावों में युवा चेहरों पर भरोसा जता सकती है। पार्टी का मानना है कि युवा जोश और नए विचारों से संगठन को मजबूती मिलेगी और जमीनी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया जा सकेगा। इस अवसर पर, सांसद राहुल गांधी ने 31 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और आठ नए कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन विकास परियोजनाओं से क्षेत्र की जनता को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके बाद, उन्होंने रायबरेली प्रीमियर लीग का उद्घाटन किया, जिससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। विकास कार्यों के उद्घाटन और खेल आयोजन के पश्चात, राहुल गांधी नगर पालिका अध्यक्ष शत्रोहन सोनकर के आवास पर पहुंचे। उन्होंने वहां पालिका अध्यक्ष से मुलाकात की और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में अहम माना जा रहा है।
केरल निकाय चुनाव विवाद: साजी चेरियन ने दी सफाई, मुस्लिम लीग और भाजपा की जीत पर बात की

केरल के मंत्री साजी चेरियन के कासरगोड और मलप्पुरम में हुए निकाय चुनावों को लेकर दिए गए बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। इस बीच साजी चेरियन ने अपने बयान पर सफाई देते हुए दावा किया कि नतीजों को लेकर उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर लोगों को गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने चेरियन की टिप्पणियों को उन क्षेत्रों में मुस्लिम लीग उम्मीदवारों की जीत के संदर्भ में देखा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेरियन ने कहा कि कासरगोड नगरपालिका में कुल 39 सीटें हैं, जहां मुस्लिम बहुल इलाकों में मुस्लिम लीग को और हिंदू बहुल क्षेत्रों में भाजपा को जीत मिली। यह स्पष्ट किया जाना चाहिएउन्होंने साफ किया कि उनका आशय यह बताना था कि धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाली पार्टियों का प्रदर्शन कमजोर रहा। उनके अनुसार सीपीआई(एम) को केवल एक सीट और कांग्रेस को दो सीटें मिलीं। वहीं, ‘सांप्रदायिक राजनीति की बात करने वाली’ भाजपा ने 12 सीटें जीतीं, जबकि मुस्लिम लीग के 22 उम्मीदवार निर्वाचित हुए। इस बीच चेरियन के बयान की कांग्रेस ने आलोचना की। केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सोमवार को सवाल उठाया कि क्या यह बयान मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अनुमति से दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या यह सीपीआई(एम) का आधिकारिक रुख है?’ देश के सामने एक वैकल्पिक शासन मॉडल पेश कियाचेरियन ने रविवार को यूडीएफ और केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन पर ‘सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति’ करने का आरोप लगाया था। अलप्पुझा में संवाददाताओं से बातचीत में चेरियन ने कहा था कि राज्य में सांप्रदायिकता के खिलाफ सख्त रुख सीपीआई(एम) और एलडीएफ ने ही अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सीपीआई(एम) ने केरल में अपने नजरिए से देश के सामने एक वैकल्पिक शासन मॉडल पेश किया है।
अमरावती में BJP की बगावत 22 उम्मीदवारों का फडणवीस को पत्र, नवनीत राणा को बाहर करने की मांग

अमरावती नगर निगम चुनाव में बगावत के सुर तेज हो गए हैं। यहां चुनाव लड़ने वाले 22 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। इन नेताओं ने पूर्व सांसद नवनीत राणा को पार्टी से तुरंत बाहर निकालने की मांग की है। शिकायत करने वालों में 20 हारे हुए और दो जीते हुए उम्मीदवार शामिल हैं। उम्मीदवारों का आरोप है कि नवनीत राणा ने चुनाव में भाजपा के खिलाफ काम किया। उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों को डमी बताया और अपने पति रवि राणा की ‘युवा स्वाभिमान पार्टी’ के उम्मीदवारों को असली भाजपा उम्मीदवार बताकर उनका प्रचार किया। बता दें कि चुनाव से पहले भाजपा और रवि राणा की पार्टी का गठबंधन टूट गया था। हालांकि, एक स्थानीय भाजपा नेता ने कहा था कि नवनीत राणा पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करती रहेंगी। राणा ने कोई जवाब नहीं दियापत्र में नेताओं ने लिखा है कि उनकी हार जनता या विपक्ष की वजह से नहीं, बल्कि नवनीत राणा की वजह से हुई है। 15 जनवरी को हुए चुनाव के नतीजों में भाजपा को भारी नुकसान हुआ है। 87 सीटों वाले निगम में भाजपा 45 सीटों से घटकर 25 पर आ गई है। वहीं, युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस को 15-15 सीटें मिलीं, एआईएमआईएम को 12, एनसीपी को 11, शिवसेना और बीएसपी को तीन-तीन, शिवसेना (यूबीटी) को दो और वंचित बहुजन अघाड़ी को एक सीट मिली।नाराज उम्मीदवारों ने सीएम से कहा है कि वे पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं, जो समाज से जुड़े हुए हैं। लेकिन नवनीत राणा ने खुलेआम पार्टी को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राणा को पार्टी से नहीं निकाला गया, तो वे भविष्य में अमरावती शहर में पार्टी की मौजूदगी को खत्म कर देंगी। फिलहाल इस पर नवनीत राणा ने कोई जवाब नहीं दिया है।
गुजरात में AAP-BJP टकराव तेज, केजरीवाल का कार्यकर्ता सम्मेलन रद्द, AAP बोली—लोकतंत्र पर हमला

गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा सरकार के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी ने गुजरात की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल के कार्यकर्ता सम्मेलन की अनुमति जानबूझकर रद्द करवाई गई। आम आदमी पार्टी गुजरात के विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि आज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होना था। इसके लिए पार्टी ने पहले से एक निजी स्थल किराए पर लिया था और सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। गोपाल इटालिया के मुताबिक कल रात से भाजपा ने तानाशाही और गुंडागर्दी शुरू कर दी। कार्यक्रम स्थल के मालिक को डराया गया और दबाव बनाकर कार्यक्रम रुकवा दिया गया। विधायक का आरोप है कि पार्टी के बढ़ते जनाधार से भाजपा घबरा गई है और इसी डर के चलते लोकतांत्रिक कार्यक्रमों को रोका जा रहा है। विधायक गोपाल इटालिया ने कहा कि इससे पहले भी पार्टी के नेताओं को जेल में डाला गया, लेकिन पार्टी नहीं रुकी। अब फिर वही काम किया जा रहा है, लेकिन आम आदमी पार्टी न रुकने वाली है और न झुकने वाली। उन्होंने इसे सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। पार्टी का कहना है कि शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम रोकना संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है। आम आदमी पार्टी की पकड़ लगातार मजबूत हो रहीगौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 17 से 19 जनवरी तक तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर है। दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल अहमदाबाद और वडोदरा में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलनों में शामिल होकर करीब 20 हजार बूथ लेवल वॉलिंटियर्स को शपथ दिलाई जानी थी। 18 जनवरी को अहमदाबाद में सेंट्रल जोन के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित होना था, जिसको अब रद्द कर दिया गया है। इसमें अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा और सुरेंद्रनगर लोकसभा क्षेत्रों के 9 हजार से अधिक बूथ वॉलिंटियर्स शपथ लेने वाले थे। इसके बाद 19 जनवरी को वडोदरा में ईस्ट जोन का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन होगा। इस कार्यक्रम में आनंद, वडोदरा, दाहोद, छोटा उदेपुर और पंचमहल लोकसभा क्षेत्रों के 9 हजार से अधिक बूथ वॉलिंटियर्स को शपथ दिलाई जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी यह साफ संकेत देती है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।
जन्मदिन पर मायावती का बड़ा बयान

“सभी सरकारें बसपा की योजनाएं चला रही हैं, यूपी में पांचवीं बार बनाएंगे सरकार”अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है। गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगेसरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया। मायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे।
20–21 जनवरी को BJP के कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन, पार्टी कार्यालय में पूरी होगी औपचारिकता

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने की औपचारिकता 20-21 जनवरी तक पूरी की जा सकती है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह उनके अध्यक्ष बनने के प्रस्तावक हो सकते हैं। अध्यक्ष पद हेतु केवल नितिन नबीन ही नामांकन कर सकते हैं। इस अवसर पर पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेशों के अध्यक्ष और अन्य उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को मकरसंक्रांति के दिन नितिन नबीन ने पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई के पूर्वांचल मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मकरसंक्रांति की शुभकामना देते हुए कहा कि उन सबको मिलकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए कार्य करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहेदिल्ली भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने अमर उजाला से कहा कि मकरसंक्रांति पूर्वांचल का बहुत लोकप्रिय त्योहार है। यह पूरे विश्व के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। दिल्ली सरकार का भी इसमें सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से हर बस्ती में कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। मकरसंक्रांति पर प्रदेश कार्यालय पर पूर्वांचली गीत – संगीत का कार्यक्रम किया गया जिसमें भारी संख्या में पूर्वांचली कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में लगाए गए हेल्थ कैंप पर लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच भी कराई।
हिंदुत्व हमारी आत्मा है, वोट के लिए प्रदर्शन नहीं किया, निकाय चुनाव से पहले देवेंद्र फडणवीस का बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निकाय चुनाव के मतदान से पहले कहा कि उनकी पार्टी ने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। फडणवीस ने हिंदुत्व को अपनी पार्टी की “आत्मा” बताते हुए कहा कि यह मराठी समाज में गहराई से जुड़ा हुआ है और उनकी पार्टी हर समुदाय की परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करती है। फडणवीस ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा हिंदुत्व हमारी आत्मा है। हमने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। हमने केवल हिंदुत्व की पूजा की। क्या मराठी व्यक्ति हिंदुत्व में विश्वास नहीं करता? हम हर जाति के हिंदुत्व का उनके अपने रीति-रिवाजों के अनुसार सम्मान और पूजा करते हैं। हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़तीउन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर इशारों में निशाना साधा। ओवैसी ने हाल ही में यह कहा था कि अगर उनकी गठबंधन सरकार बनी, तो हिजाब पहनने वाली महिला मेयर बन सकती हैं। फडणवीस ने इसे मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा जब कोई ‘मराठी मुसलमानों’ के साथ गठबंधन कर के हिजाब में मेयर बनाने का दावा करता है और मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करता है, तब हमें हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़ती है। हिंदुत्व से दूरी बनानासीएम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी आरोप लगाया कि वे चुनावी फायदे के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बलासाहेब ठाकरे के लंबे समय से चले आ रहे लाउडस्पीकर हटाने के सपने को कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरा किया। फडणवीस ने कहा केवल वोट के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाना और किसी विशेष समुदाय को लुभाना सही नहीं है। जो लोग सत्ता में आने के बाद लाउडस्पीकर वापस लगाने का दावा कर रहे थे, अब घृणास्पद ढंग से व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए।
चुनावी बंगाल में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, 17 जनवरी को दिल्ली में अहम रणनीतिक बैठक

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। टीएमसी और भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसके लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कांग्रेस के बड़े नेता बंगाल के नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने का काम करेंगे। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बड़े नेता आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा करने के लिए 17 जनवरी को दिल्ली में पश्चिम बंगाल के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी 18 जनवरी को कोलकाता में होगी। खबरों के मुताबिक राज्य राजनीतिक कार्रवाई समिति के सदस्यों और चुनाव समिति के सदस्यों के साथ-साथ राज्य के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की अन्य बैठकें भी 18 जनवरी को कोलकाता में होंगी। TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना कीसूत्रों ने बताया कि 17 जनवरी की बैठक के दौरान चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा होने और उसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस को यह भी तय करना है कि वह चुनावों के लिए किनके साथ गठबंधन करेगी। कांग्रेस ने सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, AICC महासचिव पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के प्रमुख शुभंकर सरकार सहित अन्य लोगों के 17 जनवरी की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। ये बैठकें पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन पर विवाद के बीच हो रही हैं, जिसकी TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना की है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कई मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
वोटर लिस्ट विवाद पर ममता बनर्जी का EC पर बड़ा हमला, लिखा पांचवां पत्र

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘आयोग अपने ही 20 वर्षों के वैधानिक सुधारों की अनदेखी कर रहा है, जिससे मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’ बता दें कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी एक अन्य पत्र में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समक्ष कई गंभीर मुद्दे उठाए थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को सोमवार को एक और पत्र लिखा है। यह उनका पांचवां पत्र है। इसमें उन्होंने वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों पर चिंता जताई है। संविधान की भावना के खिलाफ बतायाममता बनर्जी का दावा है कि 2002 की वोटर लिस्ट को डिजिटल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया, जिससे गंभीर गलतियां हुई हैं। उनका कहना है कि इन तकनीकी खामियों की वजह से असली वोटरों को गलत तरीके से ‘विसंगति’ वाली श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है।मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह अपनी ही पुरानी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में जो सुधार हुए थे, उन्हें दरकिनार कर वोटरों को फिर से अपनी पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे मनमाना और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। सुधारों की अनदेखी करने के आरोप लगाएबनर्जी ने यह भी कहा कि एसआईआर के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की कोई रसीद नहीं दी जा रही है। उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया को पूरी तरह मशीनी और संवेदनहीन बताया। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया मानवीय संवेदनाओं से खाली है और लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को नया पत्र लिखा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर सुधारों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। सीएम ममता ने कहा कि आयोग के रूख के कारण मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा सिद्ध करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
“RSS बदल नहीं रहा, समय के साथ सामने आ रहा है” संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (11 जनवरी) को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बदल नहीं रहा है, बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और बस सामने आ रहा है। मोहन भागवत दिल्ली स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जहां आने वाली फिल्म ‘शतक’ के गाने के एल्बम को लॉन्च किया गया। यह फिल्म आरएसएस के 100 साल के सफर की कहानी बताती है। आरएसएस प्रमुख भागवत ने अपने संबोधन में कहा, ‘संगठन (RSS) अपनी शताब्दी मना रहा है। लेकिन जैसे-जैसे संगठन विकसित होता है और नए रूप लेता है, लोग इसे बदलते हुए देखते हैं। हालांकि यह असल में बदल नहीं रहा है बस धीरे-धीरे सामने आ रहा है।’ बता दें कि इस मौके पर सिंगर सुखविंदर सिंह, डायरेक्टर आशीष मल्ल, को-प्रोड्यूसर आशीष तिवारी और आरएसएस पदाधिकारी भैयाजी जोशी मौजूद रहे। राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दियाउन्होंने आगे कहा, ‘जैसे एक बीज से अंकुर निकलता है और फलों और फूलों से लदा हुआ परिपक्व पेड़ का एक अलग रूप होता है, ये दोनों रूप अलग-अलग हैं। फिर भी पेड़ मूल रूप से उसी बीज जैसा है, जिससे वह उगा है।” भागवत ने कहा कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक ‘जन्मजात देशभक्त’ थे और उन्होंने बचपन में ही अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। बड़े झटकों को भी सहने की क्षमताउन्होंने कहा, ‘संघ और डॉक्टर साहब (हेडगेवार) पर्यायवाची शब्द हैं। वो जब सिर्फ 11 साल के थे, जब उनके माता-पिता का प्लेग से निधन हो गया था, लेकिन उन्हें उस उम्र में या बाद में भी, बात करने या भरोसा करने वाला कोई नहीं मिला। मोहन भागवत ने कहा कि जब इतनी कम उम्र में इतना बड़ा सदमा लगता है, तो इंसान अकेला हो जाता है और उसके स्वभाव और व्यक्तित्व पर बुरा असर पड़ने का खतरा रहता है, लेकिन हेडगेवार के साथ ऐसा नहीं हुआ।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनके व्यक्तित्व में बड़े से बड़े झटकों को भी सहने की क्षमता थी, बिना अपने विश्वास या स्वभाव को थोड़ा भी डगमगाने दिए – यह बेहतरीन मानसिक स्वास्थ्य, एक मजबूत और स्वस्थ दिमाग की निशानी है, जो उनमें शुरू से ही था।’ उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि डॉक्टर साहब की साइकोलॉजी भी अध्ययन और रिसर्च का विषय हो सकती है।