सोनिया गांधी दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर, एक-दो दिन में डिस्चार्ज की संभावना

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को मंगलवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और उन्हें एक छाती रोग विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया है। यह एक नियमित भर्ती बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि सोनिया गांधी को पुरानी खांसी की समस्या है और वे शहर में प्रदूषण को देखते हुए नियमित जांच के लिए आती रहती हैं। उन्हें सोमवार शाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है। उन्हें विशेष रूप से छाती से संबंधित समस्याओं के लिए चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। उन्हें पहले से ही पुरानी खांसी की शिकायत रही है, जिसके कारण वे नियमित अंतराल पर अस्पताल आकर अपनी जांच करवाती हैं। गांधी दिसंबर 2025 में 79 साल की हो गई। यह एक या दो दिन में होने की संभावनासर गंगा राम हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी को बीती रात करीब 10:00 बजे सर गंगा राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और मेडिकल जांच में पता चला कि ठंड और प्रदूषण के मिले-जुले असर से उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया था। एहतियात के तौर पर, उन्हें आगे की देखभाल और इलाज के लिए भर्ती कराया गया। फिलहाल, उनकी हालत बिल्कुल स्थिर है। उन पर इलाज का अच्छा असर हो रहा है और उन्हें एंटीबायोटिक्स और दूसरी सपोर्टिव दवाओं से मैनेज किया जा रहा है। उनके डिस्चार्ज के बारे में फैसला इलाज करने वाले डॉक्टर उनकी क्लिनिकल प्रोग्रेस के आधार पर लेंगे और यह एक या दो दिन में होने की संभावना है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को यहां सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत ठीक है और उन्हें चेस्ट फिजिशियन की देखरेख में रखा गया है।
डीएमके सरकार पर 4 लाख करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप, राज्यपाल से मिले एडप्पाडी पलानीस्वामी

अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि 2021 से अब तक हुए कथित भ्रष्टाचार की एक विस्तृत सूची उन्होंने राज्यपाल को सौंपी और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। पलानीस्वामी का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में कई सरकारी विभागों में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनहित के कार्य करने के बजाय एक व्यापारिक संस्था की तरह काम कर रही है। विपक्ष के नेता ने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध हैं, जिन्हें राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। कथित घोटालों की सूची सौंपीउन्होंने पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान हुए वित्तीय नुकसान का विवरण देते हुए कहा कि सरकार हर साल 1 लाख करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है। साथ ही, उन्होंने पीटीआर की उस कथित ऑडियो क्लिप का भी हवाला दिया जिसमें भारी भरकम रकम के लेन-देन का जिक्र था। उन्होंने दावा किया कि राज्य की शासन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया जाए। नेता ने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते उनका कर्तव्य जनता के सामने सच्चाई आए। उनके अनुसार, डीएमके सरकार ने जनता के हित में कार्य करने के बजाय केवल सत्ता का दुरुपयोग किया है, इसलिए इन व्यापक घोटालों की गहराई से जांच होना अनिवार्य है।तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एडप्पाडी पलानीस्वामी ने राज्यपाल से मिलकर राज्य सरकार पर बड़े पैमाने पर धन के गबन का आरोप लगाया है। राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर उन्होंने कथित घोटालों की सूची सौंपी और सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने की मांग की।
एसआईआर पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, कहा– भाजपा आईटी सेल के ऐप से हो रहा है अवैध काम

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग राज्य में एसआईआर अभ्यास को कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ‘हर तरह के गलत तरीके’ अपना रहा है। मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दियाउन्होंने कंहा, एसआईआर कराने के लिए चुनाव आयोग हर तरह के गलत कदम उठा रहा है। वह योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्ग, बीमार और असहाय लोगों को सुनवाई में आने के लिए मजबूर कर रहा है। वह इस काम के लिए भाजपा के आईटी सेल के बनाए मोबाइल एप का इस्तेमाल कर रहा है। यह अवैध, असांविधानिक और अलोकतांत्रिक है। ऐसे नहीं चल सकता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो की ओर से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर को कराने के लिए आयोग ने मनमाने और प्रकिया के खिलाफ कदम उठाए हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य के योग्य और वास्तविक मतदाताओं की परेशानियों को काफी बढ़ा दिया है। एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगीममता बनर्जी ने कहा, मैं जनता से अपील करती हूं कि एसआईआर में भाग लेते समय सतर्क रहें। जो लोग जरूरतमंद हैं, उनके साथ खड़े रहें। उन्हें मेरा समर्थन करने की जरूरत नहीं है, केवल लोगों का साथ दें, जो इस प्रक्रिया की वजह से परेशानी में हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा था कि वह राज्या में मतदाता सूची के एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि डर, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण मौतें हो रही हैं और लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है।
तमिलनाडु चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज, भाजपा का डीएमके पर बड़ा हमला, अमित शाह बोले 2026 में बनेगी NDA सरकार

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस बीच अब यहां सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केशवन ने सोमवार को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम पर तीखा हमला किया। उन्होंने डीएमके पर वंशवादी राजनीति, भ्रष्टाचार और जनविरोधी और हिंदू विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि तमिलनाडु की जनता अब डीएमके को वंशवादी मुन्नेत्र कजगम कह रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु की मौजूदा भावना को बखूबी व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने डीएमके सरकार को हराने, संकल्प लेने और अस्वीकार करने का मन बना लिया है, जो अब भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है। जनता डीएमके के जनविरोधी शासन का विरोध कर रही है, जिसका एकमात्र लक्ष्य अब एमके स्टालिन को सर्वोच्च पद पर बिठाना है। हम सभी डीएमके की हिंदू विरोधी विचारधारा से परिचित हैं। श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने के लिए भी जाएंगेकेसवन की टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दो दिवसीय दौरे पर रविवार को तमिलनाडु पहुंचने के बाद आई, जिसके दौरान उन्होंने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंध्रान के नेतृत्व में तमिलगम थलाई निमिरा तमिलानिन पायनम अभियान यात्रा के समापन समारोह में भाग लिया। अमित शाह आज तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आयोजित होने वाले “नम्मा ऊरु मोदी पोंगल” समारोह में भाग लेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री शाह मन्नारपुरम में मोदी पागल उत्सव में भाग लेने से पहले तिरुचिरापल्ली के श्रीरगम स्थित श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में प्रार्थना करने के लिए भी जाएंगे। दुर्भाग्य से वह तमिलनाडु मेंरविवार को राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की मैराथन यात्रा के समापन समारोह में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने घोषणा की, “अप्रैल 2026 में तमिलनाडु में एनडीए सरकार का गठन होगा ।” हाल के वर्षों में मिली चुनावी जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “2024 और 2025 भारतीय जनता पार्टी के लिए जीत के वर्ष थे। अब, 2026 वह वर्ष होगा जब हम उस जनादेश को तमिलनाडु और बंगाल में लाएंगे। गृह मंत्री ने तमिलनाडु के नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण में एकजुट होने और उसका समर्थन करने का आग्रह किया। शाह के भाषण ने सत्तारूढ़ डीएमके का विरोध करने के लिए भाजपा की गठबंधन रणनीति की औपचारिक पुष्टि की । उन्होंने घोषणा की कि भाजपा एआईए डीएमके और अन्य क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ एक मजबूत गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि भाजपा, एआईए डीएमके और अन्य दलों के गठबंधन की अंतिम लड़ाई कांग्रेस और डीएमके के खिलाफ होगी । गृह मंत्री ने मौजूदा प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा, ” डीएमके सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। अगर पूरे भारत में कहीं सबसे भ्रष्ट सरकार है, तो दुर्भाग्य से वह तमिलनाडु में है।”
ट्रंप की टैरिफ धमकी पर कांग्रेस का वार, मोदी सरकार पर उठे सवाल, रूस से तेल खरीद पर ट्रंप सख्त, भारत पर टैरिफ बढ़ाने का संकेत

कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर दिए गए एक हालिया बयान के मद्देनजर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वॉशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्द टैरिफ बढ़ा सकता है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी कार्यक्रम, जबरन गले मिलना और अमेरिकी नेता की प्रशंसा करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट से कोई खास फायदा नहीं हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते हैं कि वह भारत की तरफ से रूसी तेल की खरीद से खुश नहीं हैं और वाशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकता है। कांग्रेस ने ट्रंप के इसी बयान मोदी सरकार पर सियासी हमला बोला। बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकतेकांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री के करीबी दोस्त भारत के प्रति अपना ‘कभी नरम, कभी सख्त’ रवैया जारी रखे हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर धमकी दी है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता है तो वे अमेरिका से आयात होने वाले तेल पर टैरिफ बढ़ा देंगे।’ जयराम रमेश ने कहा, ‘वे सभी नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी के कार्यक्रम, वे सभी (जबरदस्ती के) गले मिलना और अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रशंसा करने वाले वे सभी सोशल मीडिया पोस्ट बहुत कम कारगर साबित हुए हैं।’ ट्रंप ने रविवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘वे (भारत) मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं; वे नेक दिल हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं, इसलिए मुझे खुश करना उनके लिए जरूरी था। वे रूस से व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।’ आयात पर 500 प्रतिशत शुल्क लगानाट्रंप की ये टिप्पणी तब आई जब एयर फोर्स वन में उनके साथ यात्रा कर रहे अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए टैरिफ ही वह मुख्य वजह है जिसके चलते नई दिल्ली अब रूस से काफी कम तेल खरीद रही है। ग्राहम ने अपने टैरिफ बिल के बारे में बात की, जिसका उद्देश्य रूसी तेल खरीदने वाले देशों से आयात पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाना है। ग्राहम ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ग्राहकों पर दबाव डालना होगा।
बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव-राज का तीखा हमला, ‘यह लोकतंत्र नहीं, झुंडशाही है’

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर सत्ताधारी गठबंधन और चुनावी प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला। इस दौरान दोनों नेताओं ने जल्द ही अपना संयुक्त चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा भी की। उद्धव ठाकरे ने कहा अब यह लोकतंत्र नहीं रहा, यह झुंडशाही बन चुका है। पहले वोट चोरी होती थी, अब उम्मीदवार ही चुरा लिए जा रहे हैं। अगर हम रंगे हाथों भी पकड़ लें, तब भी कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वे खुद को पौराणिक उपलब्धियों से जोड़ते हैं, लेकिन वर्षों पहले समुद्र में पूजा करने के बावजूद छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा आज तक सामने नहीं आई। उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सभी रिटर्निंग अधिकारियों के कॉल रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच सामने आ सके। मतदाताओं से वोट का अधिकार छीना गयाउद्धव ठाकरे ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का खुलेआम उम्मीदवारों और मतदाताओं को धमकाना बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि राहुल नार्वेकर को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए।उद्धव ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा के बाहर अधिकारियों को नेताओं की सुरक्षा हटाने का निर्देश नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि निर्विरोध उम्मीदवारों को जिताकर मतदाताओं से वोट का अधिकार छीना गया है और ऐसे सभी स्थानों पर उपचुनाव होने चाहिए। लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेतमनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन अब महाराष्ट्र में वही पार्टी इस पर चुप क्यों है। राज ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा कोई भी सत्ता स्थायी नहीं होती। जो सोचते हैं कि वे कभी सत्ता से बाहर नहीं होंगे, उन्हें फिर से सोचना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश और बिहार की राह पर ले जाया जा रहा है, जबकि महाराष्ट्र ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। राज ठाकरे ने कहा कि राजनीति में आने वाले लोग अब विचारधाराएं बदलने लगे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं को केसी वेणुगोपाल की नसीहत, ‘उम्मीदवारी पर खुद घोषणा न करें’

इस साल केरल, असम, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार (04 जनवरी) को पार्टी नेताओं को बड़ी नसीहत दी है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के बारे में खुद घोषणा करने से बचना चाहिए। दरअसल, केसी वेणुगोपाल वायनाड के सुल्तान बाथेरी में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत आयोजित दो दिवसीय नेतृत्व शिविर ‘लक्ष्य 2026’ के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। जहां उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीदवारी के बारे में खुद घोषणा नहीं करनी चाहिए। हमें पार्टी के घोषित फैसले का इंतजार करना चाहिए।’ प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकतीउन्होंने कहा कि नेताओं को पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा करने की आजादी है। साथ ही कहा, ‘आप नेतृत्व के सामने अपनी मांगें रख सकते हैं और ऐसे सभी अवसरों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उम्मीदवारी से संबंधित चर्चाएं सार्वजनिक मंचों पर सीमित होनी चाहिए।’ ‘लक्ष्य 2026’ के उद्घाटन सत्र के दौरान वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए सीपीआई (एम) और भाजपा दोनों ही आम प्रतिद्वंद्वी हैं। हालांकि, हाल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से पता चला है कि कांग्रेस दोनों पार्टियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकती है। विनम्रता से अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करनाउन्होंने कहा, ‘जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाया है कि अगर सीपीआई (एम) और भाजपा एक साथ भी आ जाएं, तो भी हम उनका सामना कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव की जीत से कांग्रेस नेताओं को और विनम्र होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘जनता लोकतंत्र के मालिक हैं। हमें अगले चार महीनों में जनता के सामने विनम्रता से अपनी राजनीतिक गतिविधियों को मजबूत करना चाहिए।’ वेणुगोपाल ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का लगातार तीसरी बार सत्ता में आने का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन पिनराई चुप नहीं बैठेंगे। पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सीपीआई (एम) और भाजपा के बीच एक गुप्त गठबंधन है, जो उनके दावे के अनुसार हाल के महीनों में साफ हो गया है।