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जन्मदिन पर मायावती का बड़ा बयान

“सभी सरकारें बसपा की योजनाएं चला रही हैं, यूपी में पांचवीं बार बनाएंगे सरकार”अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है। गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगेसरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया। मायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे।

20–21 जनवरी को BJP के कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन, पार्टी कार्यालय में पूरी होगी औपचारिकता

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने की औपचारिकता 20-21 जनवरी तक पूरी की जा सकती है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह उनके अध्यक्ष बनने के प्रस्तावक हो सकते हैं। अध्यक्ष पद हेतु केवल नितिन नबीन ही नामांकन कर सकते हैं। इस अवसर पर पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेशों के अध्यक्ष और अन्य उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को मकरसंक्रांति के दिन नितिन नबीन ने पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई के पूर्वांचल मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मकरसंक्रांति की शुभकामना देते हुए कहा कि उन सबको मिलकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए कार्य करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहेदिल्ली भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने अमर उजाला से कहा कि मकरसंक्रांति पूर्वांचल का बहुत लोकप्रिय त्योहार है। यह पूरे विश्व के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। दिल्ली सरकार का भी इसमें सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से हर बस्ती में कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। मकरसंक्रांति पर प्रदेश कार्यालय पर पूर्वांचली गीत – संगीत का कार्यक्रम किया गया जिसमें भारी संख्या में पूर्वांचली कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में लगाए गए हेल्थ कैंप पर लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच भी कराई।

हिंदुत्व हमारी आत्मा है, वोट के लिए प्रदर्शन नहीं किया, निकाय चुनाव से पहले देवेंद्र फडणवीस का बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निकाय चुनाव के मतदान से पहले कहा कि उनकी पार्टी ने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। फडणवीस ने हिंदुत्व को अपनी पार्टी की “आत्मा” बताते हुए कहा कि यह मराठी समाज में गहराई से जुड़ा हुआ है और उनकी पार्टी हर समुदाय की परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करती है। फडणवीस ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा हिंदुत्व हमारी आत्मा है। हमने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। हमने केवल हिंदुत्व की पूजा की। क्या मराठी व्यक्ति हिंदुत्व में विश्वास नहीं करता? हम हर जाति के हिंदुत्व का उनके अपने रीति-रिवाजों के अनुसार सम्मान और पूजा करते हैं। हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़तीउन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर इशारों में निशाना साधा। ओवैसी ने हाल ही में यह कहा था कि अगर उनकी गठबंधन सरकार बनी, तो हिजाब पहनने वाली महिला मेयर बन सकती हैं। फडणवीस ने इसे मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा जब कोई ‘मराठी मुसलमानों’ के साथ गठबंधन कर के हिजाब में मेयर बनाने का दावा करता है और मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करता है, तब हमें हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़ती है। हिंदुत्व से दूरी बनानासीएम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी आरोप लगाया कि वे चुनावी फायदे के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बलासाहेब ठाकरे के लंबे समय से चले आ रहे लाउडस्पीकर हटाने के सपने को कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरा किया। फडणवीस ने कहा केवल वोट के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाना और किसी विशेष समुदाय को लुभाना सही नहीं है। जो लोग सत्ता में आने के बाद लाउडस्पीकर वापस लगाने का दावा कर रहे थे, अब घृणास्पद ढंग से व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए।

चुनावी बंगाल में कांग्रेस की बड़ी तैयारी, 17 जनवरी को दिल्ली में अहम रणनीतिक बैठक

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। टीएमसी और भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। इसके लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कांग्रेस के बड़े नेता बंगाल के नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने का काम करेंगे। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बड़े नेता आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा करने के लिए 17 जनवरी को दिल्ली में पश्चिम बंगाल के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भी 18 जनवरी को कोलकाता में होगी। खबरों के मुताबिक राज्य राजनीतिक कार्रवाई समिति के सदस्यों और चुनाव समिति के सदस्यों के साथ-साथ राज्य के लिए पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की अन्य बैठकें भी 18 जनवरी को कोलकाता में होंगी। TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना कीसूत्रों ने बताया कि 17 जनवरी की बैठक के दौरान चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा होने और उसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। कांग्रेस को यह भी तय करना है कि वह चुनावों के लिए किनके साथ गठबंधन करेगी। कांग्रेस ने सुदीप रॉय बर्मन, शकील अहमद खान और प्रकाश जोशी को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एआईसीसी महासचिव संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, AICC महासचिव पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी के प्रमुख शुभंकर सरकार सहित अन्य लोगों के 17 जनवरी की बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। ये बैठकें पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन पर विवाद के बीच हो रही हैं, जिसकी TMC और कांग्रेस जैसी पार्टियों ने कड़ी आलोचना की है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल की रणनीति को धार देने के लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। बंगाल को लेकर कांग्रेस 17 जनवरी को दिल्ली में अहम बैठक करने जा रही है, जिसमें कई मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

वोटर लिस्ट विवाद पर ममता बनर्जी का EC पर बड़ा हमला, लिखा पांचवां पत्र

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, ‘आयोग अपने ही 20 वर्षों के वैधानिक सुधारों की अनदेखी कर रहा है, जिससे मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा स्थापित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।’ बता दें कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले भी एक अन्य पत्र में निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समक्ष कई गंभीर मुद्दे उठाए थे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को सोमवार को एक और पत्र लिखा है। यह उनका पांचवां पत्र है। इसमें उन्होंने वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया में हो रही गड़बड़ियों पर चिंता जताई है। संविधान की भावना के खिलाफ बतायाममता बनर्जी का दावा है कि 2002 की वोटर लिस्ट को डिजिटल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया, जिससे गंभीर गलतियां हुई हैं। उनका कहना है कि इन तकनीकी खामियों की वजह से असली वोटरों को गलत तरीके से ‘विसंगति’ वाली श्रेणी में डाल दिया गया है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है।मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि वह अपनी ही पुरानी प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में जो सुधार हुए थे, उन्हें दरकिनार कर वोटरों को फिर से अपनी पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे मनमाना और संविधान की भावना के खिलाफ बताया। सुधारों की अनदेखी करने के आरोप लगाएबनर्जी ने यह भी कहा कि एसआईआर के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की कोई रसीद नहीं दी जा रही है। उन्होंने सुनवाई प्रक्रिया को पूरी तरह मशीनी और संवेदनहीन बताया। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया मानवीय संवेदनाओं से खाली है और लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को नया पत्र लिखा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग पर सुधारों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। सीएम ममता ने कहा कि आयोग के रूख के कारण मतदाताओं को अपनी पहचान दोबारा सिद्ध करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

“RSS बदल नहीं रहा, समय के साथ सामने आ रहा है” संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (11 जनवरी) को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) बदल नहीं रहा है, बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और बस सामने आ रहा है। मोहन भागवत दिल्ली स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जहां आने वाली फिल्म ‘शतक’ के गाने के एल्बम को लॉन्च किया गया। यह फिल्म आरएसएस के 100 साल के सफर की कहानी बताती है। आरएसएस प्रमुख भागवत ने अपने संबोधन में कहा, ‘संगठन (RSS) अपनी शताब्दी मना रहा है। लेकिन जैसे-जैसे संगठन विकसित होता है और नए रूप लेता है, लोग इसे बदलते हुए देखते हैं। हालांकि यह असल में बदल नहीं रहा है बस धीरे-धीरे सामने आ रहा है।’ बता दें कि इस मौके पर सिंगर सुखविंदर सिंह, डायरेक्टर आशीष मल्ल, को-प्रोड्यूसर आशीष तिवारी और आरएसएस पदाधिकारी भैयाजी जोशी मौजूद रहे। राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दियाउन्होंने आगे कहा, ‘जैसे एक बीज से अंकुर निकलता है और फलों और फूलों से लदा हुआ परिपक्व पेड़ का एक अलग रूप होता है, ये दोनों रूप अलग-अलग हैं। फिर भी पेड़ मूल रूप से उसी बीज जैसा है, जिससे वह उगा है।” भागवत ने कहा कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एक ‘जन्मजात देशभक्त’ थे और उन्होंने बचपन में ही अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। बड़े झटकों को भी सहने की क्षमताउन्होंने कहा, ‘संघ और डॉक्टर साहब (हेडगेवार) पर्यायवाची शब्द हैं। वो जब सिर्फ 11 साल के थे, जब उनके माता-पिता का प्लेग से निधन हो गया था, लेकिन उन्हें उस उम्र में या बाद में भी, बात करने या भरोसा करने वाला कोई नहीं मिला। मोहन भागवत ने कहा कि जब इतनी कम उम्र में इतना बड़ा सदमा लगता है, तो इंसान अकेला हो जाता है और उसके स्वभाव और व्यक्तित्व पर बुरा असर पड़ने का खतरा रहता है, लेकिन हेडगेवार के साथ ऐसा नहीं हुआ।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनके व्यक्तित्व में बड़े से बड़े झटकों को भी सहने की क्षमता थी, बिना अपने विश्वास या स्वभाव को थोड़ा भी डगमगाने दिए – यह बेहतरीन मानसिक स्वास्थ्य, एक मजबूत और स्वस्थ दिमाग की निशानी है, जो उनमें शुरू से ही था।’ उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि डॉक्टर साहब की साइकोलॉजी भी अध्ययन और रिसर्च का विषय हो सकती है।

मनरेगा पर राजनीति कर रही कांग्रेस, चिराग पासवान बोले भ्रष्टाचार पर प्रहार से घबराया विपक्ष

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्ष पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस, ने जनता को झूठ बोलकर डराने की परंपरा शुरू की है। जो योजनाएं आम लोगों के हित में हैं, उन्हें नुकसानदेह बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने 15 दिनों तक बेवजह हंगामा किया, लेकिन अगर वास्तव में कोई गड़बड़ी होती तो बिहार की जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करती, जो नहीं हुआ। स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदमराष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है। उन्होंने मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में मनरेगा सिर्फ भ्रष्टाचार का अड्डा बनकर रह गया है और गरीब मजदूरों को उनका वाजिब हक नहीं मिला। अब जब केंद्र सरकार इस भ्रष्टाचार पर प्रहार कर रही है, तो कांग्रेस बेचैन हो रही है। उन्होंने कहा कि योजना के ढांचे में बदलाव से गरीब मजदूरों को फायदा मिलेगा। 125 दिन का रोजगार देना, मॉनिटरिंग शुरू करना और महिलाओं को आर्थिक मदद देना गलत कैसे हो सकता है? महिलाओं को पहले 10 हजार और फिर 1.90 लाख रुपये देकर स्वरोजगार से जोड़ना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगाचिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस भावनात्मक मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह कर रही है। महात्मा गांधी के नाम को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है, जबकि समय-समय पर योजनाओं के स्वरूप में बदलाव होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम नाम से इन्हें आपत्ति क्यों है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश में धर्म के आधार पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन इस पर विपक्ष चुप्पी साधे हुए है। आगामी चुनावों को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पहले असम और फिर बंगाल में एनडीए अपनी जीत सुनिश्चित करेगा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का ही असर है कि गठबंधन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि पार्टी संगठन में भी बदलाव किए जाएंगे और विधायकों की भूमिका को लेकर चर्चा होगी। आने वाले पांच साल को उन्होंने स्वर्णिम काल बताया और कहा कि चुनाव में जाने से पहले सभी जिम्मेदारियों को पूरा किया जाएगा।

“हिजाब पहनी बेटी बनेगी प्रधानमंत्री” बयान पर सियासी घमासान, ओवैसी का हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला

महाराष्ट्र निकाय चुनाव प्रचार में व्यस्त ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हिजाब पहने बेटी का एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनने वाले बयान पर सियासत शुरू हो चुकी है। ओवैसी ने अब रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी का यह बयान असम सीएम की टिप्पण के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत एक हिंदू राष्ट्र होने के नाते एक हिंदू व्यक्ति को ही देश का प्रधानमंत्री बनते हुए देखेगा। रविवार को नागपुर में ओवैसी ने असम सीएम पर करारा तंज कसते हुए कहा कि उनके दिमाग में ‘ट्यूबलाइट’ है। उन्होंने संविधान की कसम खाई है। संविधान में यह कहां लिखा है? पाकिस्तान के संविधान में लिखा है कि सिर्फ एक समुदाय का व्यक्ति ही उस देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन सकता है। हमारे देश में बाबासाहेब अंबेडकर ने संविधान दिया है। वे हिमंत बिस्वा सरमा से अधिक बुद्धिमान और पढ़े-लिखे थे। दुर्भाग्य से जो लोग संविधान और उसकी भावना को नहीं समझते कि यह देश सिर्फ एक समुदाय का नहीं है। उनकी (असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की) सोच छोटी है, इसलिए वे ऐसी छोटी-छोटी बातें करते हैं। हिजाब पहनी हुई बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगीदरअसल, शनिवार को गुवाहाटी में ओवैसी के बयान पर असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि संवैधानिक रूप से कोई रोक नहीं है। कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन भारत एक हिंदू राष्ट्र है, हिंदू सभ्यता है, और हम हमेशा यह मानेंगे और हमें पूरा भरोसा है कि भारत का प्रधानमंत्री हमेशा एक हिंदू व्यक्ति ही होगा।ओवैसी ने शुक्रवार, 09 जनवरी को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हिजाब पहनी बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी। अपने बयान में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि पाकिस्तान का संविधान साफ तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। लेकिन बाबा साहेब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा, जब हिजाब पहनी हुई बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी। हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया गयाइधर, रायपुर में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ओवैसी के मन के भाव बार-बार प्रकट होते हैं कि वे किस प्रकार की राजनीति करते हैं, किस प्रकार वे धर्म के आधार पर बात करते हैं। वास्तविकता यह है कि ओवैसी के पास इस तरह से भावनात्मक और सांप्रदायिक राजनीति करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। ओवैसी के बयान पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति बनाया गया। हामिद अंसारी को उपराष्ट्रपति बनाया गया। उन्हें और क्या चाहिए?…वह दिवास्वप्न देख रहे हैं। अगर भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनकर ही बनेगी।

चुनाव आते ही ईडी सक्रिय क्यों? कपिल सिब्बल का केंद्र पर हमला, बोले विपक्ष को डराने का हथियार बनी एजेंसी

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई को लेकर राज्य से लेकर देशभर की राजनीति में गर्माहट तेज है। इसी बीच इस कार्रवाई को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही जांच एजेंसियों को अचानक दस्तावेजों की याद आ जाती है और इसका मकसद सिर्फ विपक्षी नेताओं को परेशान करना होता है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान सिब्बल ने पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत सकती, वहां ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को परेशान करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई भी जांच एजेंसी किसी दफ्तर में जाकर सभी फाइलें कैसे ले जा सकती है। अगर कोयला घोटाले की जांच करनी है तो उससे जुड़ी फाइलें लें, लेकिन हर फाइल ले जाना किस अधिकार में है? किसी भी जांच एजेंसी को ऐसा करने का हक नहीं है। यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दीकपिल सिब्बल ने ईडी को एक सर्वव्यापी एजेंसी की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कानून लागू करना नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराना और परेशान करना है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में राज्य और केंद्र के बीच जानबूझकर विवाद पैदा किया जा रहा है। सिब्बल ने आगे कहा कि चुनाव के समय ही ऐसी कार्रवाइयां क्यों तेज हो जाती हैं। कोयला घोटाला कोई नया मामला नहीं है, यह कई वर्षों से चल रहा है। फिर अब ही अचानक कार्रवाई क्यों? राज्यसभा सांसद ने यूपीए सरकार के कार्यकाल (2004 से 2014) को याद करते हुए कहा कि उस समय इस तरह की खबरें अखबारों में नहीं आती थीं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने ईडी को इतनी खुली छूट नहीं दी थी। उस दौर में किसी भी राजनीतिक पार्टी या नेता के खिलाफ झूठी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की गई। केंद्र सरकार पर निशाना साधासिब्बल ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज ईडी एक ऐसी एजेंसी बन गई है जो देश में कहीं भी, कभी भी पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि जब भी कहीं कोई एफआईआर दर्ज होती है, ईडी वहां पहुंच जाती है और खासतौर पर चुनाव के समय उसकी सक्रियता बढ़ जाती है। इससे देश की संघीय व्यवस्था (फेडरल स्ट्रक्चर) को नुकसान पहुंच रहा है। ईडी की कार्रवाई को लेकर जहां एक ओर पश्चिम बंगाल की राजनीति में गर्माहट तेज है। वहीं दूसरी ओर अब राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ही जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं और इसका मकसद विपक्षी नेताओं को परेशान करना है।

पश्चिम बंगाल में BJP का चुनावी शंखनाद, दो दिवसीय दौरे पर जेपी नड्डा ” बैठकों से तेज होगी चुनावी रणनीति”

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा गुरुवार को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान जेपी नड्डा कई बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही टीएमसी शासित राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों को तेज करेंगे। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और पार्टी की राज्य इकाई के अन्य नेताओं ने कोलकाता हवाई अड्डे पर नड्डा का स्वागत किया। अपनी यात्रा के दौरान नड्डा भाजपा के जिला अध्यक्षों, पार्टी के विभिन्न विभागों के संयोजकों और ‘प्रवासी कार्यकर्ताओं’ को संबोधित करने वाले हैं। वायवीय ट्यूब प्रणाली का भी उद्घाटन करेंगेपार्टी ने बताया कि नड्डा पश्चिम बंगाल भाजपा की कोर टीम के साथ भी बैठक करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष गुरुवार शाम कोलकाता के तंगरा इलाके में पार्टी की ओर से आयोजित ‘डॉक्टर्स मीट’ में हिस्सा लेंगे। नड्डा शुक्रवार को कोलकाता के चित्तरंजन राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (सीएनसीआई) का दौरा करेंगे। वे नादिया जिले के एम्स-कल्याणी में विकिरण ऑन्कोलॉजी, ट्रॉमा और आपातकालीन चिकित्सा विभाग और वायवीय ट्यूब प्रणाली का भी उद्घाटन करेंगे। अन्य के खाते में 4 सीटें गईआगामी चुनावों के लिए भाजपा की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। इसे लेकर पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में ममता बनर्जी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए पार्टी के चुनावी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की अपनी हालिया यात्रा के दौरान अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस शासन के तहत भ्रष्टाचार, कुशासन और घुसपैठियों के मुद्दों को उठाकर विधानसभा चुनावों का माहौल तैयार किया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि भाजपा दो-तिहाई बहुमत से विजयी होगी। गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 213 सीटों पर जीत हासिल करने के साथ स्पष्ट बहुमत मिला था। वहीं, भाजपा 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी। कांग्रेस और वाम दलों का गठबंधन एक भी सीट नहीं जीत सका था। वहीं, अन्य के खाते में 4 सीटें गई थीं।