केरल की धरती से पीएम मोदी का हुंकार ‘कांग्रेस के राजकुमार’ युवाओं की सोच नहीं समझते, अब राज्य में बदलेगा सत्ता का रिवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने त्रिशूर लोकसभा सीट और तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में भाजपा की जीत का जिक्र किया। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा की यह सफलता अब पूरे केरल में फैलेगी। पीएम ने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बारी-बारी शासन करने के पुराने तरीके को बदलना अब बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से अगले पांच साल एनडीए को सेवा का मौका देने की अपील की। उन्होंने जनता को ‘मोदी की गारंटी’ का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राजकुमार केरल और भारत के युवाओं की सोच को नहीं समझते। उन्होंने केरल के भविष्य के लिए अपनी योजना साझा की। उन्होंने कहा कि हम केरल को एआई (एआई) और भविष्य की नई तकनीक का बड़ा केंद्र बनाने के लिए काम करेंगे। भारतीयों को सुरक्षा मिले, हरसंभव सुविधा मिलेप्रधानमंत्री ने विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने नागरिकों को कहीं भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ता। पीएम मोदी ने कहा, “वेस्ट एशिया में जो कुछ हो रहा है, उससे आप सभी का चिंतित होना बहुत स्वाभाविक है। हमारे लाखों भाई-बहन वहां काम करते हैं। जब भी हमारा कोई देशवासी संकट में पड़ता है तो हमारी सरकार उसे सुरक्षित बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। आज का भारत अपने नागरिकों को संकट में अकेला नहीं छोड़ता है। आज भी हमारा प्रयास है कि युद्ध की हालत में फंसे भारतीयों को सुरक्षा मिले, हरसंभव सुविधा मिले।” इसके साथ ही पीएम ने खाड़ी देशों का भी आभार जताया जो विषम परिस्थिति में फंसे लोगों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मुझे संतोष है कि गल्फ के हमारे सभी मित्र देशों की सरकारें भी हमारे देश के नागरिकों का पूरा ध्यान रख रही हैं। मैं उन सभी सरकारों का आभारी हूं। वहां हर देश में हमारे जो दूतावास हैं, हमारे मिशन हैं, वे 24/7 उनकी मदद कर रहे हैं। किसी को भी खाना-पीना चाहिए, मेडिकल हेल्प चाहिए, रहने की जगह चाहिए या कानूनी मदद चाहिए, तो इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। लेकिन यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस इतने बड़े वैश्विक संकट में भी राजनीति ढूंढ रही है।”
ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमलों पर भारत की पहली प्रतिक्रिया, खाड़ी संकट से बढ़ीं ऊर्जा और प्रवासी सुरक्षा की चिंताएं

ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के ताजा हमलों के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि भारत, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है। सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगीईरान पर हमले से भारत के लिए भी बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। लड़ाई लंबी चली तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा व आर्थिक स्थिरता समेत कई मोर्चों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा ईरान के पड़ोसी देशों से आयात करता है। देश का करीब 40 से 60 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य के निकास मार्ग से आता है। यहां किसी तरह का सैन्य अवरोध होने पर तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है। खाड़ी देशों में 80 लाख से ज्यादा प्रवासी भारतीय रहते हैं। इनकी सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर इनकी निकासी सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी