78वीं शहीदी दिवस पर बापू को नमन, नेताओं ने अहिंसा और सत्य की राह को याद किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया और उनके महान विचारों को याद किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर बापू को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सिद्धांत पर जोर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से उन्होंने बापू को नमन करते हुए लिखा, “पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया। इसमें वह शक्ति है जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है। ‘अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः। अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते।’ (अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है, अहिंसा ही सबसे बड़ा तप है और अहिंसा ही परम सत्य है, जिससे धर्म की स्थापना होती है।) शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलिवहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपिता को याद करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ लिखा, “महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं। वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है। और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। अहिंसा की ताकत, और प्रेम की करुणा।कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बापू के पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “वैश्णव जन तो तेने कहिये जे, पीड़ परायी जाणे रे, पर-दुख्खे उपकार करे तोये, मन अभिमान ना आणे रे (सच्चा ईश्वर भक्त (वैष्णव) वही है, जो दूसरों के दुःख-दर्द को समझता है, दूसरों पर उपकार (भलाई) करता है, लेकिन अपने मन में किसी भी प्रकार का अहंकार (गर्व) नहीं आने देता है)” उन्होंने आगे लिखा, “जिस नफ़रत ने हमें बापू से जुदा किया, उसका तोड़ भी बापू की ही राह है… सत्य का उजाला, अहिंसा की ताकत, और प्रेम की करुणा।”
नेहरू और पटेल ने हिंदू महासभा और RSS की गतिविधियों की की कड़ी आलोचना, जयराम रमेश ने साझा किया

शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने वर्ष 1948 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे गए जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के दो पत्र सार्वजनिक किए। इन दोनों ही पत्रों में दोनों दिग्गज नेताओं ने हिंदू महासभा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों की कड़ी आलोचना की गई थी। जवाहरलाल नेहरू के संबोधन का लिंक भी शेयर कियादोनों नेताओं के पत्र को सार्वजनिक करते हुए जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘महात्मा गांधी की हत्या से दो दिन पहले जवाहरलाल नेहरू ने मुखर्जी को पत्र लिखा था, जबकि कुछ महीने बाद 18 जुलाई 1948 को सरदार पटेल ने भी उन्हें पत्र भेजा था। दोनों पत्रों में स्वयं को राष्ट्रवाद का संरक्षक बताने वालों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया गया था। इस दौरान जयराम रमेश ने 30 जनवरी 1948 की रात महात्मा गांधी की हत्या के बाद ऑल इंडिया रेडियो पर दिए गए जवाहरलाल नेहरू के संबोधन का लिंक भी शेयर किया। महासभा की गतिविधियों की आलोचना कीजयराम रमेश ने अपने पोस्ट में यह लिखा कि नेहरू ने मुखर्जी को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि हिंदू महासभा ने पुणे, अहमदनगर और दिल्ली में प्रतिबंध आदेशों की अवहेलना करते हुए बैठकें की थीं। इन बैठकों के दौरान कुछ भाषणों में महात्मा गांधी को ‘देश के लिए बाधा’ बताया गया और उनके शीघ्र निधन की बात कही गई थी। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में आरएसएस की गतिविधियों को और भी अधिक आपत्तिजनक बताया और कहा कि सरकार के पास संगठन से जुड़ी गंभीर जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा रमेश ने सरदार पटेल के पत्र का एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरएसएस और हिंदू महासभा की गतिविधियों की आलोचना की थी।
गांधी पुण्यतिथि पर राहुल गांधी, ‘बापू व्यक्ति नहीं, भारत की अमर आत्मा “जानें और क्या कुछ कहा”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं है, बल्कि वे एक सोच और जीवन जीने का तरीका हैं। राहुल गांधी के अनुसार, इतिहास में कई बार साम्राज्यवादी ताकतों, नफरत की विचारधारा और सत्ता के घमंड ने इस सोच को मिटाने की कोशिश की, लेकिन वे हर बार नाकाम रहे। राहुल गांधी ने बापू को “भारत की अमर आत्मा” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ एक पोस्ट में कहा, “महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं, एक सोच हैं। वह सोच जिसे कभी एक साम्राज्य ने, कभी एक नफरत की विचारधारा ने और कभी अहंकारी सत्ता ने मिटाने की असफल कोशिश की। मगर राष्ट्रपिता ने हमें आजादी के साथ यह मूलमंत्र दिया कि सत्ता की ताकत से बड़ी सत्य की शक्ति होती है और हिंसा व भय से बड़े अहिंसा और साहस। यह सोच मिट नहीं सकती, क्योंकि गांधी भारत की आत्मा में अमर हैं। बापू को उनके शहीदी दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। ड्रा ने भी बापू के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलिकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मौके पर बापू को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस नफरत ने बापू को हमसे अलग किया, उसका समाधान भी बापू के दिखाए रास्ते में ही मिलता है। उन्होंने सत्य की रोशनी, अहिंसा की शक्ति और प्रेम की करुणा को समाज के लिए सबसे जरूरी बताया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बापू के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके मूल्य भारत की रग-रग में बसेइस अवसर पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इतिहास के कुछ दस्तावेजों का जिक्र किया। उन्होंने 1948 में जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के उन पत्रों को याद किया, जिनमें उन्होंने हिंदू महासभा और आरएसएस की गतिविधियों की आलोचना की थी। रमेश ने वर्तमान राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग आज भी बापू की विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नेहरू के उस ऐतिहासिक भाषण को भी साझा किया जो उन्होंने बापू की हत्या के बाद रेडियो पर दिया था। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने भी बापू को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 1948 में आज ही के दिन दुनिया को रास्ता दिखाने वाली महान आत्मा को हमसे छीन लिया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि आज भी कुछ लोग गांधी जी को देश की यादों से मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग भले ही बापू को छोटा दिखाने की कोशिश करें, लेकिन उनके मूल्य भारत की रग-रग में बसे हैं।