"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

इंडो-पैसिफिक से पिच तक, जयशंकर-मोतेगी मुलाकात में कूटनीति के साथ खेल भावना

भारत और जापान के रिश्तों में रणनीति, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के साथ अब खेल की साझा भावना भी जुड़ गई है। 18वें भारत-जापान रणनीतिक संवाद के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी के बीच गंभीर वैश्विक मुद्दों के साथ हल्के-फुल्के क्षण भी देखने को मिले। इस बैठक में भारत ने स्पष्ट किया कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में आर्थिक सुरक्षा अब कूटनीति का केंद्र बिंदु बन चुकी है। जयशंकर ने एक्स पर जापानी भाषा में एक भी पोस्ट किया। इस पर जयशंकर ने कहा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। आज जब हम इंडिया-जापान स्ट्रेटेजिक डायलॉग कर रहे हैं, तो मुझे यह जानकर और भी खुशी हो रही है कि मेरी तरह, मंत्री मोतेगी भी क्रिकेट के शौकीन हैं। इंडो-पैसिफिक’ दृष्टिकोण एक-दूसरे के पूरकवहीं, वार्ता में जयशंकर ने अपने शुरुआती वक्तव्य में कहा कि भारत जापान के साथ साझेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में दोनों देशों का रिश्ता केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यापक, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में बदल चुका है। भारत और जापान प्रमुख लोकतंत्र और बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं, इसलिए वैश्विक व्यवस्था को आकार देने की जिम्मेदारी भी दोनों पर है। जयशंकर ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के संदर्भ में साझा सोच पर जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे का 2007 में भारतीय संसद में दिया गया ‘कनफ्लुएंस ऑफ द टू सीज’ भाषण आज के इंडो-पैसिफिक ढांचे की नींव बना। जयशंकर के अनुसार, भारत की ‘महासागर’ पहल और जापान का ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’ दृष्टिकोण एक-दूसरे के पूरक हैं। जापान में उनके साथ क्रिकेट मैच देखने की उम्मीद रखतेरणनीतिक संवाद के बीच एक हल्का पल तब आया जब जयशंकर ने बताया कि उन्हें मोतेगी में क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि देखने को मिली। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि उन्होंने जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की जर्सी प्राप्त की और बदले में भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा हस्ताक्षरित बल्ला भेंट किया। जयशंकर ने मुस्कुराते हुए कहा कि वे भविष्य में जापान में उनके साथ क्रिकेट मैच देखने की उम्मीद रखते हैं। जयशंकर ने भरोसा जताया कि अगले वर्ष भारत-जापान राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के साथ यह साझेदारी और मजबूत होगी। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री साने ने हाल ही में जी20 के दौरान मुलाकात की थी। विदेश मंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और जापान क्वाड, संयुक्त राष्ट्र और जी20 जैसे मंचों पर मिलकर वैश्विक स्थिरता के लिए काम करते रहेंगे।

ट्रंप की टैरिफ धमकी पर कांग्रेस का वार, मोदी सरकार पर उठे सवाल, रूस से तेल खरीद पर ट्रंप सख्त, भारत पर टैरिफ बढ़ाने का संकेत

कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर दिए गए एक हालिया बयान के मद्देनजर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वॉशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्द टैरिफ बढ़ा सकता है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी कार्यक्रम, जबरन गले मिलना और अमेरिकी नेता की प्रशंसा करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट से कोई खास फायदा नहीं हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते हैं कि वह भारत की तरफ से रूसी तेल की खरीद से खुश नहीं हैं और वाशिंगटन नई दिल्ली पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकता है। कांग्रेस ने ट्रंप के इसी बयान मोदी सरकार पर सियासी हमला बोला। बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकतेकांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री के करीबी दोस्त भारत के प्रति अपना ‘कभी नरम, कभी सख्त’ रवैया जारी रखे हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर धमकी दी है कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता है तो वे अमेरिका से आयात होने वाले तेल पर टैरिफ बढ़ा देंगे।’ जयराम रमेश ने कहा, ‘वे सभी नमस्ते ट्रंप, हाउडी मोदी के कार्यक्रम, वे सभी (जबरदस्ती के) गले मिलना और अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रशंसा करने वाले वे सभी सोशल मीडिया पोस्ट बहुत कम कारगर साबित हुए हैं।’ ट्रंप ने रविवार को फ्लोरिडा से वाशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘वे (भारत) मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं; वे नेक दिल हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं, इसलिए मुझे खुश करना उनके लिए जरूरी था। वे रूस से व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।’ आयात पर 500 प्रतिशत शुल्क लगानाट्रंप की ये टिप्पणी तब आई जब एयर फोर्स वन में उनके साथ यात्रा कर रहे अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप की ओर से भारत पर लगाए गए टैरिफ ही वह मुख्य वजह है जिसके चलते नई दिल्ली अब रूस से काफी कम तेल खरीद रही है। ग्राहम ने अपने टैरिफ बिल के बारे में बात की, जिसका उद्देश्य रूसी तेल खरीदने वाले देशों से आयात पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाना है। ग्राहम ने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ग्राहकों पर दबाव डालना होगा।