पूर्व सेना प्रमुख की किताब पर विवाद ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ लीक, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दर्ज की FIR

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की आगामी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस जारी किया है। नोटिस के जरिए कई सवाल पूछे गए हैं और जवाब मांगे गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विभिन्न ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और न्यूज फोरम पर ऐसी जानकारी सामने आई थी कि किताब की प्री-प्रिंट कॉपी इंटरनेट पर साझा की जा रही है। इन दावों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकीशुरुआती जांच में पाया गया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ शीर्षक से टाइपसेट की गई एक पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइट्स पर उपलब्ध है। यह कॉपी कथित रूप से पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार की गई प्रतीत होती है। इसके अलावा कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर पुस्तक का फाइनल कवर भी इस तरह प्रदर्शित किया गया है, मानो वह बिक्री के लिए उपलब्ध हो। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह मामला एक ऐसी पुस्तक के संभावित लीक या गोपनीयता उल्लंघन से जुड़ा है, जिसे अभी आधिकारिक मंजूरी मिलना बाकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल में केस दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुस्तक की प्री-प्रिंट कॉपी ऑनलाइन कैसे पहुंची, इसमें किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका हो सकती है, और क्या इसमें कॉपीराइट या अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, उन्हें दोष देती हूँ जो शीर्ष पर बैठे, बंगा भवन के बाहर सुरक्षाकर्मियों पर भड़कीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दिल्ली के बंगा भवन के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों का सामना किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह राष्ट्रीय राजधानी में किसी आंदोलन के लिए नहीं आई हैं। उनका मकसद चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना है। ममता बनर्जी रविवार को दिल्ली पहुंची थीं। इसके बाद वो बंगा भवन गईं, जो दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार का गेस्ट हाउस है। वहां वे परिवार ठहरे हुए हैं जो बंगाल में चुनावी सूची की जांच प्रक्रिया से प्रभावित हुए हैं। इमारत के बाहर भारी पुलिस बल तैनात देखकर मुख्यमंत्री नाराज हो गईं। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कहा कि वे बंगाल के लोगों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बंगा भवन में बंगाल के लोगों को डराया जा रहा है। उन्होंने मीडिया से कहा, “हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में है और हमारी चुनाव आयोग के साथ बैठक तय है। लोग परेशान हैं, क्या उनके परिवार मीडिया से बात भी नहीं कर सकते?” मुख्यमंत्री ने कहा, जहां भी एसआईआर से प्रभावित परिवार ठहरे हैं, वहां दिल्ली पुलिस तैनात है। जब दिल्ली में धमाका होता है तो दिल्ली पुलिस कहां होती है? मुख्यमंत्री ने कहा मैं दिल्ली पुलिस को दोष नहीं देती, मैं उन लोगों को दोष देती हूं जो शीर्ष पर हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश की रक्षा करने में नाकाम हैं और आम लोगों पर एसआईआर के नाम पर अत्याचार कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की तुलना एक जमींदारी से की, जहां गरीबों के लिए कोई जगह नहीं है।
सांसद मनोज तिवारी के नाम पर ‘फेक’ खेल, दिल्ली पुलिस के पास पहुंचे भोजपुरी सुपरस्टार

भाजपा लोकसभा सांसद मनोज तिवारी ने अपने नाम पर बनाए गए फेक फेसबुक अकाउंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पूर्वोत्तर दिल्ली के सांसद व भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी ने शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने पहले ही फेक आईडी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, फिर भी यह आश्चर्यजनक रूप से सक्रिय है। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने यह शिकायत नई दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई, क्योंकि उक्त फेसबुक आईडी से एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें अब स्थगित यूजीसी नियमों की कड़ी आलोचना की गई थी और सांसद की फोटो भी थी। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने अपने नाम का फेक फेसबुक अकाउंट चलाने वाले के खिलाफ मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को शिकायत के बावजूद फेक आईडी सक्रिय है। अकाउंट से यूजीसी नियमों की आलोचना वाला वीडियो और उनकी फोटो पोस्ट की गई है। लोगों के खिलाफ दुरुपयोग हो सकतासांसद ने अपनी पोस्ट में कहा कि कुछ अज्ञात व्यक्ति साजिश के तहत मेरे नाम से एक फेक फेसबुक आईडी चला रहा है। मेरी असली फेसबुक आईडी पर ब्लू टिक है। मैंने 22 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, फिर भी फेक आईडी सक्रिय है और इसे चला रहे व्यक्ति को पकड़ा नहीं गया, और पुलिस से उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने की मांग की। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों को स्थगित किया था, जो उच्च शिक्षा संस्थानों में SC, ST और OBC छात्रों के साथ भेदभाव से संबंधित थे, और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए थे क्योंकि यह आशंका जताई गई थी कि इनका सामान्य श्रेणी के लोगों के खिलाफ दुरुपयोग हो सकता है।