दिल्ली से Somnath Temple तक मुफ्त यात्रा! 1300 श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना

दिल्ली सरकार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत 1300 श्रद्धालुओं को मुफ्त में सोमनाथ धाम की यात्रा कराएगी। इसके लिए 30 अप्रैल को राजधानी से एक विशेष ट्रेन रवाना होगी। यात्रा में शामिल होने के इच्छुक लोग अपने-अपने क्षेत्र के विधायक से संपर्क कर सकते हैं। दिल्ली सरकार सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सोमनाथ यात्रा आयोजित करने जा रही है। इस पहल के तहत 30 अप्रैल को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 1300 श्रद्धालुओं को लेकर एक विशेष ट्रेन गुजरात के सोमनाथ धाम के लिए रवाना होगी। मुख्यमंत्री खुद इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगी। यह यात्रा 1000 वर्षों की अखंड आस्था थीम पर आधारित है और इसका मकसद लोगों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ना है। यात्रा पूरी तरह निशुल्क होगी। पूरी व्यवस्था गुजरात सरकार की ओर से की जाएगीयह ट्रेन 30 अप्रैल को दिल्ली से रवाना होकर अगले दिन सुबह सोमनाथ पहुंचेगी। इसके बाद 1, 2 और 3 मई को श्रद्धालु भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के दर्शन करेंगे और आसपास के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी पूजा-अर्चना का अवसर मिलेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की पूरी व्यवस्था गुजरात सरकार की ओर से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए गुजरात सरकार का आभार भी जताया है।
दिल्ली में सख्ती हर सरकारी इमारत में अनिवार्य होगा रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, जल मंत्री ने दिए कड़े निर्देश

राजधानी में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सख्ती से लागू किया जाएगा। सबसे पहले सरकारी इमारतें कवर की जाएंगी। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली सचिवालय में 60 से अधिक विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि सरकारी इमारतों, पार्कों, कॉलोनियों और संस्थानों में मानसून से पहले सिस्टम लगाना और चालू हालत में रखना जरूरी होगा। जल मंत्री ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में बैठक कर कहा कि शहर में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग को अब सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जमीन पर लागू व्यवस्था बनाया जाएगा। इसमें दिल्ली और केंद्र सरकार के 60 से अधिक विभागों के अधिकारी शामिल हुए। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैच द रेन अभियान के तहत दिल्ली में हर बूंद को बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, दिल्ली में हर साल अच्छी बारिश होती है, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा नालों से बहकर निकल जाता है। अगर इस पानी को जमीन में उतारा जाए तो भूजल स्तर सुधर सकता है और गर्मियों में पानी की किल्लत कम हो सकती है। साथ ही मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में भी राहत मिलेगी। सिस्टम नहीं लगे होंगे या उनका रखरखाव नहीं होगानिर्देश दिए गए कि सरकारी दफ्तरों, पार्कों, रिहायशी कॉलोनियों और संस्थागत परिसरों में मानसून शुरू होने से पहले रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएं। जहां सिस्टम पहले से मौजूद हैं, उन्हें पूरी तरह चालू हालत में लाया जाए। सरकारी भवनों को पहले उदाहरण पेश करना होगा। इसके बाद निजी क्षेत्र और आम नागरिकों की भागीदारी तय होगी। बड़े प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और संस्थागत परिसरों पर खास ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि वहां ज्यादा पानी जमीन में उतारा जा सकता है। दिल्ली जल बोर्ड को इस अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका दी गई है। बोर्ड सिस्टम लगाने में सहयोग करेगा और आर्थिक प्रोत्साहन भी देगा। जिन भवनों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे होंगे, उन्हें 10 फीसदी छूट दी जाएगी। वहीं जिन जगहों पर सिस्टम नहीं लगे होंगे या उनका रखरखाव नहीं होगा, वहां यह लाभ वापस लिया जा सकता है।
दिल्ली में नारी शक्ति का उदय, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी ‘लखपति बिटिया’ और ‘फ्री सिलेंडर’ की सौगात!

आज राजधानी में नारी सशक्तिकरण का बड़ा संदेश गूंजेगा। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लाखों महिलाओं और बेटियों को होली से पहले विशेष सौगात देंगी। इसी मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का शुभारंभ करेंगी, जिसके तहत करीब 229 करोड़ रुपये सीधे बेटियों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। साथ ही दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना और महिलाओं के लिए ‘पिंक कार्ड’ की शुरुआत भी होगी। सरकार का दावा है कि इन पहलों का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार का मकसद बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, ताकि उच्च शिक्षा उनके लिए बोझ न बने। उन्होंने बताया कि पुरानी लाडली योजना को नया रूप देकर दिल्ली लखपति बिटिया योजना शुरू की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की परिपक्वता राशि भी दी जाएगी, जो पहले लंबित थी। यह राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। योजना पूरी तरह डिजिटल होगी। फंड का प्रबंधन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा और पूरी राशि सुरक्षित निवेश में रखी जाएगी। परिपक्वता पर पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में आएगा। आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाएंगीकार्यक्रम में राशन कार्ड धारकों के लिए होली और दिवाली पर दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना का भी शुभारंभ होगा। करीब 129 करोड़ रुपये डीबीटी से महिलाओं के खाते में चले जाएंगे। कुल मिलाकर करीब 229 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए लाभार्थियों तक पहुंचेंगे। इसके अलावा महिलाओं के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) आधारित पिंक कार्ड की शुरुआत भी की जाएगी, जिससे बस में मुफ्त और अन्य सार्वजनिक परिवहन में एक ही कार्ड से सफर संभव होगा। सरकार का कहना है कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया और वन नेशन, वन कार्ड विजन से प्रेरित है। सरकार का दावा है कि ये चारों योजनाएं मिलकर बेटियों और महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाएंगी।