ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका का बड़ा दांव: लुकास कामिकाजे ड्रोन पहली बार युद्ध में तैनात

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने युद्ध की रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए नया लुकास कामिकाजे ड्रोन मैदान में उतार दिया है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान पहली बार इन ड्रोन का वास्तविक युद्ध में इस्तेमाल किया गया। खास बात यह है कि यह ड्रोन ईरान के चर्चित शाहेद-136 ड्रोन की तकनीक को समझकर विकसित किया गया है। अब वही तकनीक अमेरिका के जवाबी हथियार के रूप में सामने आई है। वन-वे अटैक यानी कामिकाजे ड्रोन का इस्तेमाल कियाअमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि टास्क फोर्स स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने पहली बार वन-वे अटैक यानी कामिकाजे ड्रोन का इस्तेमाल किया। ये ड्रोन लक्ष्य तक पहुंचकर सीधे टकराते हैं और विस्फोट कर देते हैं। वर्ष 2025 के अंत में पेश किए गए लुकास ड्रोन को अब सक्रिय सैन्य अभियान में लगाया गया है। इसे कम लागत में बड़े पैमाने पर हमले करने वाली नई युद्ध तकनीक माना जा रहा है। लुकास यानी लो-कॉस्ट अनमैन्ड कॉम्बैट अटैक सिस्टम को एरिजोना की कंपनी स्पेक्ट्रेवर्क्स ने विकसित किया है। यह वी आकार का ड्रोन है और बिना पायलट के लंबी दूरी तय कर सकता है। आइए बिंदुवार तरीके से इन ड्रोंस की खासियतों पर एक नजर डालते हैं।