यून सुक योल को मार्शल लॉ लगाने पर 5 साल की सजा, राजनीति में हलचल

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल जेल की सजा सुनाई है। ये सजा यून सुक योल को देश में मार्शल लॉ लागू करने के एक मामले में सुनाई गई है। यून सुक योल पर 2024 के अंत में देश में मार्शल लॉ लगाने के आरोप में आठ मामले दर्ज किए गए थे। इन्हीं में से पहले मामले में सजा सुनाई गई है। उनके खिलाफ सबसे गंभीर आरोप यह है कि उन्होंने मार्शल लॉ लागू करने के दौरान एक विद्रोह का नेतृत्व किया, और इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति को मौत की सजा तक हो सकती है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने पूर्व राष्ट्रपति के लिए 10 साल जेल की सजा की मांग की थी। जिसकी योल की कानूनी टीम ने आलोचना की और आरोप लगाया कि 10 साल सजा की मांग राजनीति से प्रेरित है और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। कुछ समय के लिए मार्शल लॉ लगायायून सुक योल को महाभियोग द्वारा राष्ट्रपति पद से हटाया गया था और उसके बाद गिरफ्तार किया गया था। यून सुक योल पर आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में देश में कुछ समय के लिए मार्शल लॉ लगाया था। हालांकि यून ने अपने बचाव में कहा कि उनका देश को सैन्य शासन के अधीन रखने का कोई इरादा नहीं था बल्कि वे सिर्फ लोगों को ये दिखाना चाहते थे कि उदारवादियों द्वारा अपने एजेंडा को चलाने के लिए संसद को नियंत्रित किया जा रहा है। जांच में कहा गया कि यून सुक योल ने अपने शासन को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए देश में मार्शल लॉ लगाया था। पूर्व राष्ट्रपति पर बगावत, सत्ता के गलत इस्तेमाल और अन्य आपराधिक मामलों में आरोप तय किए गए हैं।
भाजपा ने राहुल, ममता और तेजस्वी पर हमला बोलते हुए वंशवादियों को सत्ता से हटाने की अपील की, कांग्रेस ने बोला तीखा हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को वंशवादी नेताओं को सत्ता से हटाने की अपील की और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला किया। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि ये नेता ‘अवैध घुसपैठियों’ का स्वागत करने की कोशिश कर रहे हैं और ‘विदेश से ज्ञान’ दे रहे हैं। राहुल गांधी, ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के इंस्टाग्राम पासवर्ड जानने की बात कहते हुए भाजपा ने तंज कसा। पार्टी ने जनता से अपील की कि वे ऐसे नेतृत्व आगे बढ़ाएं जो भारत की सीमाओं को सुरक्षित कर सके, न कि इसे बेच दे। वास्तविकता पर उनकी पकड़ जितनी कमजोरभाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, राहुल के ‘विदेश से ज्ञान’ यात्री जाल (टूरिस्ट ट्रैप) से लेकर ममता के ‘अवैध घुसपैठिया’ के स्वागत तक..यही विपक्ष की सुरक्षा (नीति) है, जिसमें देश की सीमाएं खुली छोड़ दी जाती हैं, जिसका कोई भी गलत फायदा उठा सकता है। भाजपा ने राजनेताओं के इंस्टाग्राम खातों के संपादित स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए और उनके प्रोफाइल बायो बदलकर उन पर तंज कसा। पार्टी ने कहा कि जब इंडिया ब्लॉक के नेता सोचते हैं कि राजनीतिक जुमले अभेद्य पासवर्ड बन सकते हैं, लेकिन वे वास्तविकता पर उनकी पकड़ जितनी कमजोर है, वे उतने ही कमजोर हैं। एसआईआर अभ्यास को लेकर चिंता जताईराहुल गांधी के खाते के स्क्रीनशॉट को संपादित करते हुए भाजपा ने बायो में बदलाव किया और उन्हें ‘पर्यटन का नेता’ (लीडर ऑफ पर्यटन) बताया। बायो में लिखा गया- जेन-जी कॉमेडी के मकसद से मुझे देखते हैं। स्क्रीनशॉट में ममता बनर्जी के बायो को भी बदला गया। इसमें बायो में भाजपा ने लिखा- ममता बनर्जी का आधिकारिक इंस्टाग्राम खाता, जिनके लिए अवैध अप्रवासी ही सब कुछ हैं’। वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव के स्क्रीनशॉट में संपादित बायो में लिखा था-‘जंगलराज के नेता, बिहार।’ पोस्ट में आगे लिखा गया, इन वंशवादी आपदाओं को बंद करने और वास्तविक नेतृत्व को अपनाने का समय आ गया है, जो सीमाओं को सुरक्षित करे, न कि उन्हें बेच दे। हमेशा भारत पहले। पश्चिम बंगाल में कथित ‘घुसपैठियों’ के मुद्दे पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर ऐसे समय में हमले कर रहे हैं, जब राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर अभ्यास को लेकर चिंता जताई है। आम नागरिकों के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया काफी हद तक यांत्रिक हो गई है, जो तकनीकी आंकड़ों पर आधारित है और इसमें संवेदनशीलता, मानवीय स्पर्श और विवेक का अभाव है, जो लोकतंत्र में ऐसे बुनियादी अभ्यास के लिए जरूरी है।
अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी संग्राम, उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा शिवसेना आमने-सामने

महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद की सामान्य सभा बैठक में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब परिषद के उपाध्यक्ष को लेकर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बैठक के दौरान भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच जोरदार बहस और नारेबाजी देखने को मिली। दरअसल, अंबरनाथ नगर परिषद में लंबे समय से भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है। ऐसे में पिछले महीने हुए चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील को नगर परिषद अध्यक्ष चुना गया था। लेकिन अब उपाध्यक्ष पद का चुनाव नया विवाद बन गया है। बता दें कि 60 सदस्यीय नगर परिषद में फिलहाल शिवसेना (शिंदे गुट) के 27 पार्षद, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के चार और दो निर्दलीय पार्षद हैं। शुरुआत में भाजपा ने कांग्रेस के 12 और एनसीपी के चार पार्षदों के समर्थन से ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी (एवीए)’ बनाई थी, जिससे उसके पास 32 का बहुमत हो गया था। एनसीपी के सदाशिव पाटील को उम्मीदवार बनायालेकिन बाद में कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित कर दिया, जिन्होंने भाजपा का साथ दिया था। इसके बाद एनसीपी के चारों पार्षदों ने भाजपा से समर्थन वापस ले लिया और शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए। इससे शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और उन्हें सदन में बहुमत मिल गया। बात अगर अब बैठक में हुए हंगामा की करें तो सोमवार की बैठक में भाजपा ने एवीए के सभी सदस्यों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटील के पक्ष में वोट देने का व्हिप जारी किया। लेकिन एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया। इस फैसले का समर्थन स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किणीकर ने किया और कहा कि अब एवीए का कोई अस्तित्व नहीं है। वहीं, शिवसेना ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटील को उम्मीदवार बनाया। परिषद में सत्ता को लेकर तनाव बना हुआइतना ही नहीं जैसे ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी, सदन का माहौल बिगड़ गया। दोनों पक्षों के पार्षदों के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और गाली-गलौज शुरू हो गई। गुस्से में आए भाजपा पार्षदों को चप्पल लहराते और शिवसेना उम्मीदवार के खिलाफ नारे लगाते भी देखा गया। गौरतलब है कि उपाध्यक्ष चुनाव का आधिकारिक नतीजा मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित किया जाएगा। फिलहाल नगर परिषद में सत्ता को लेकर तनाव बना हुआ है।
कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता संग्राम तेज, खड़गे बोले ज़रूरत पड़ी तो सिद्धारमैया-शिवकुमार दिल्ली बुलाए जाएंगे

कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस के अंदर चल रही सत्ता की खींचतान लगातार जारी है। इसी बीच कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान सामने आाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को जरूरत पड़ने पर बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा। 20 नवंबर सत्ताधारी पार्टी के अंदर नेतृत्व की खींचतान जारी है। यह विवाद कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा समय पूरा करने के बाद बढ़ गया। इसके बाद से लगातार मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। 2023 में सरकार बनने के समय सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों को आधे कार्यकाल में मुख्यमंत्री बनाने के लिए कहा गया था। मुख्यमंत्री पद को लेकर जंग हो रहीसिद्धारमैया, हाल ही में देवरराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़कर राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बने हैं। उन्होंने दावा किया है कि वह पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान का होगा। उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवकुमार ने रविवार को कहा कि उनकी कड़ी मेहनत उन्हें राजनीति में यहां तक लाई है और उन्हें अपने बारे में कांग्रेस पार्टी के भविष्य के फैसले पर भरोसा है। कर्नाटक में सत्ताधारी कांग्रेस में लगातार खींचतान जारी है। सिद्धारमैया और शिवकुमार में मुख्यमंत्री पद को लेकर जंग हो रही है। इसी बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर दोनों को दिल्ली बुलाया जाएगा।
पुणे में पूर्व प्रशिक्षु IAS पूजा खेडकर के घर लूट का दावा, घरेलू सहायिका पर नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने का आरोप

महाराष्ट्र के पुणे में पुलिस ने पूर्व प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। पूजा खेडकर का आरोप है कि उनके परिवार की घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता को नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया और इसके बाद घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूजा खेडकर ने शनिवार देर रात बानेर रोड स्थित अपने परिवार के बंगले पर हुई इस कथित घटना की जानकारी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि हाल ही में काम पर रखी गई नेपाल की निवासी घरेलू सहायिका ने उन्हें और उनके माता-पिता (मनोरमा एवं दिलीप खेडकर) को नशीली दवाएं देकर बेहोश कर दिया तथा उन्हें बांधकर उनके मोबाइल फोन और कुछ कीमती सामान लेकर फरार हो गई। एक चौंकाने वाली घटना सामने आईपूजा खेडकर ने दावा किया कि वह किसी तरह खुद को मुक्त कर पाईं और दूसरे फोन का इस्तेमाल करके पुलिस को सूचित किया। अधिकारी ने बताया कि खेडकर ने टेलीफोन पर घटना की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं करवाई है और न ही चोरी हुए अन्य सामान के बारे में विवरण दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। खेडकर दंपति के खिलाफ पिछले साल नवी मुंबई में सड़क पर झगड़े के बाद एक ट्रक चालक के अपहरण के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया गया था। पूजा खेडकर पर 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आरक्षण का लाभ लेने के लिए आवेदन में तथ्यों को छुपाने का आरोप है, लेकिन उन्होंने अपने खिलाफ सभी आरोपों का खंडन किया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोपों के चलते बर्खास्त की गईं आईएएश अधिकारी पूजा खेडकर के मामले में अब एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। उन्होंने अपने घर में लूट की जाने की बात कही है।
स्टालिन ने अमित शाह के आरोपों को किया खारिज, तमिलनाडु में सभी धर्मों के अधिकार सुरक्षित

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का राज्य में हिंदुओं के अधिकार छीने जाने का आरोप पूरी तरह झूठा और उनकी पदवी के अनुकूल नहीं है। एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्टालिन ने कहा हमारे राज्य में सभी धर्मों के लोगों के विश्वास और धार्मिक अधिकारों का पूरा सम्मान किया जाता है। ऐसे में गृहमंत्री का यह आरोप कि हिंदुओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, पूरी तरह गलत और अनुचित है। यह वही मानसिकता है जो दंगे और विघटन चाहती है, लेकिन तमिलनाडु में उसे कोई सफलता नहीं मिली। स्टालिन ने आगे कहा ऐसा भविष्य में कभी नहीं होने दिया जाएगा। जब तक मैं स्टालिन हूं, यह बिल्कुल भी नहीं होने दूंगा। मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जातीइससे पहले रविवार को पुदुकोट्टई में एक सार्वजनिक सभा में अमित शाह ने डीएमके सरकार पर हिंदू धर्म और भावनाओं का लगातार अपमान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार किए जा रहे हैं, हिंदू पूजा पद्धतियों का अपमान हो रहा है और अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजन के दौरान राज्य में बिना सूचना के कर्फ्यू लगाया गया। शाह ने डीएमके नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा उनके वरिष्ठ नेता सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया कहते हैं। हिंदू जुलूस और मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई जाती है। मैं स्टालिन से कहना चाहता हूं कि आप संविधान की भावना को तोड़कर हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार कर रहे हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अमित शाह के हिंदुओं के अधिकार छीने जाने के आरोप को खारिज किया। स्टालिन ने कहा राज्य में सभी धर्मों के अधिकार सुरक्षित हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त फैसला, कांग्रेस और AAP को दुष्यंत गौतम से जुड़े मानहानिकारक पोस्ट हटाने का आदेश

अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम उछाले जाने के मामले भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया। इस मामले में आज सुनवाई हुई। दुष्यंत गौतम को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को मानहानिकारक मानते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स को दुष्यंत गौतम से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने को कहा है। गौतम द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे पर दिए गए एक अंतरिम आदेश में, जस्टिस मिनी पुष्करणा ने दोनों राजनीतिक पार्टियों को हत्या के मामले में बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव को कथित ‘वीआईपी’ बताकर टारगेट करने वाला कोई भी कंटेंट पोस्ट करने से भी रोक दिया। 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गईहाल ही में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ बातें सामने आई थीं, जिनमें भाजपा नेता दुष्यंत गौतम का नाम भी कथित तौर पर जोड़ा गया था। इन आरोपों को दुष्यंत गौतम ने सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि को खराब करने की सोची-समझी साजिश बताया था। उन्होंने इन आरोपों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने दुष्यंत गौतम की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की गंभीरता को समझा। अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही जानकारी मानहानिकारक प्रतीत होती है, जिससे भाजपा नेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा। इस आधार पर, अदालत ने तत्काल प्रभाव से कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे दुष्यंत गौतम से संबंधित सभी विवादास्पद पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री को हटा दें। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। बाद में सत्र न्यायालय ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
सोनिया गांधी दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर, एक-दो दिन में डिस्चार्ज की संभावना

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को मंगलवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और उन्हें एक छाती रोग विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया है। यह एक नियमित भर्ती बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि सोनिया गांधी को पुरानी खांसी की समस्या है और वे शहर में प्रदूषण को देखते हुए नियमित जांच के लिए आती रहती हैं। उन्हें सोमवार शाम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है। उन्हें विशेष रूप से छाती से संबंधित समस्याओं के लिए चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। उन्हें पहले से ही पुरानी खांसी की शिकायत रही है, जिसके कारण वे नियमित अंतराल पर अस्पताल आकर अपनी जांच करवाती हैं। गांधी दिसंबर 2025 में 79 साल की हो गई। यह एक या दो दिन में होने की संभावनासर गंगा राम हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा कि कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी को बीती रात करीब 10:00 बजे सर गंगा राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और मेडिकल जांच में पता चला कि ठंड और प्रदूषण के मिले-जुले असर से उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया था। एहतियात के तौर पर, उन्हें आगे की देखभाल और इलाज के लिए भर्ती कराया गया। फिलहाल, उनकी हालत बिल्कुल स्थिर है। उन पर इलाज का अच्छा असर हो रहा है और उन्हें एंटीबायोटिक्स और दूसरी सपोर्टिव दवाओं से मैनेज किया जा रहा है। उनके डिस्चार्ज के बारे में फैसला इलाज करने वाले डॉक्टर उनकी क्लिनिकल प्रोग्रेस के आधार पर लेंगे और यह एक या दो दिन में होने की संभावना है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को यहां सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत ठीक है और उन्हें चेस्ट फिजिशियन की देखरेख में रखा गया है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद मादुरो के बेटे का बड़ा बयान, इतिहास बताएगा गद्दार कौन हैं

वेनेजुएला पर बड़ी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा का बयान सामने आया है। स्थानीय दैनिक एल-कोऑपरेटिव की रिपोर्ट के अनुसार निकोलस मादुरो गुएरा ने कहा कि इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन हैं? गुएरा का यह बयान अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद आया है। दरअसल अमेरिकी सैना ने उनके पिता और प्रथम महिला सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके साथ ही उन्हें मुकदमे का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क लाया गया है। निकोलस मादुरो इस समय अमेरिकी हिरासत मेंसोशल मीडिया पर प्रसारित एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में, मादुरो गुएरा ने सत्तारूढ़ आंदोलन के भीतर संभावित विश्वासघात की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि इतिहास उन लोगों को बेनकाब करेगा, जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन थे, इतिहास इसका खुलासा करेगा। इसके साथ ही उन्होंने भीतर एक आंतरिक साजिश की ओर इशारा करते हुए यह बात कही। सत्तारूढ़ यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला (पीएसयूवी) के सदस्य मादुरो गुएरा ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों के बावजूद पार्टी एकजुट रहेगी। उन्होंने समर्थकों से 4 और 5 जनवरी को सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लेने का आह्वान किया। ताकि नेतृत्व के इर्द-गिर्द एकजुटता को मजबूत किया जा सके। उन्होंने बाहरी आक्रमण का जवाब देने के लिए राजनीतिक और सैन्य समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निकोलस मादुरो इस समय अमेरिकी हिरासत में हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आंदोलन विभाजन या मनोबल में कमी की अनुमति नहीं देगा। यह उनकी पहली अदालती पेशी होगीएल-कोऑपरेटिव ने रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ऑडियो रिकॉर्डिंग में कहा कि सत्ताधारी खेमा दृढ़ है और लामबंद होने के लिए तैयार है। हम ठीक हैं, हम शांत हैं। आप हमें सड़कों पर, इन लोगों के साथ देखेंगे। वह हमें कमजोर देखना चाहते हैं। हम सम्मान के झंडे बुलंद करेंगे। क्या इससे हमें दुख होता है? बिल्कुल दुख होता है, बिल्कुल गुस्सा आता है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे, धिक्कार है! मैं अपनी जिंदगी, अपनी मां, सिलिया की कसम खाता हूं वह ऐसा नहीं कर पाएंगे।इस बीच, निकोलस मादुरो और सिलिया फ्लोरेस अमेरिकी हिरासत में हैं। सोमवार को न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की एक संघीय अदालत में पेश होने की उम्मीद है। उन पर कथित तौर पर नारको-आतंकवाद और ड्रग्स तस्करी की साजिश से संबंधित आरोप हैं। सीबीएस न्यूज के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मादुरो और उनकी पत्नी सोमवार (स्थानीय समय) को दोपहर 12 बजे एक संघीय न्यायाधीश के सामने पेश होंगे। शनिवार को किए गए अमेरिकी अभियान के बाद यह उनकी पहली अदालती पेशी होगी।
सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद घर वापसी, सोनाली खातून बनी मां, मानवता की जीत का पल

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रहने वाली प्रवासी मजदूर सोनाली खातून ने सोमवार सुबह रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। सोनाली को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 5 दिसंबर को बांग्लादेश से वापस भारत लाया गया था। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम ने अस्पताल के डॉक्टरों से बातचीत के बाद पुष्टि की कि मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बीरभूम जिले के मुरारई की रहने वाली सोनाली को पिछले साल जून में दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें पड़ोसी देश भेज दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गर्भावस्था की उन्नत अवस्था को देखते हुए उन्हें वापस लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद पिछले महीने उन्हें उनके नाबालिग बेटे साबिर के साथ मालदा सीमा के रास्ते भारत लाया गया। दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत करारबांग्लादेश में सोनाली और उनके पति दानिश सहित पांच अन्य लोगों को 20 अगस्त से चपाई नवाबगंज सुधार गृह में कथित घुसपैठियों के रूप में रखा गया था। बाद में 1 दिसंबर को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें जमानत दी थी। हालांकि, दानिश और स्वीटी बीबी के परिवार के तीन सदस्यों की वापसी अभी बाकी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने प्रवासी मजदूर सोनाली खातून के मां बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटनाक्रम को दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग के बीच मानवता की जीत करार दिया। अस्पताल जाकर सोनाली और उनके नवजात शिशु से मिलेंगेसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने लिखा, “मुझे यह जानकर अत्यंत खुशी हुई कि सोनाली खातून ने बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज में एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है। जिस अन्याय का उसे सामना करना पड़ा उसके मुकाबले खुशी का यह पल और भी ज्यादा खास लगता है। उन्होंने कहा उसके साथ जो हुआ, वह इंसानियत का अपमान था। इसे किसी भी नागरिक को खासकर एक गर्भवती मां को कभी भी सहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी इन सब मुश्किलों के बावजूद सोनाली ने असाधारण हिम्मत और पक्का इरादा दिखाया।” बनर्जी ने घोषणा की कि वह मंगलवार को अपनी बीरभूम यात्रा के दौरान अस्पताल जाकर सोनाली और उनके नवजात शिशु से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि सोनाली ने असाधारण साहस दिखाया है और उनकी प्रार्थनाएं परिवार के साथ हैं।