बिहार से राज्यसभा जाएंगे नितिन नवीन, होली मिलन के दिन बना सियासी संयोग

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा जा रहे हैं। उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। यानी अब वह विधायकी छोड़ेंगे। संयोग ऐसा है कि नितिन नवीन आज ही दो दिवसीय दौरे पर पटना आए हैं। होली मिलन समारोह में शामिल होने वह पटना पहुंचे। कुछ देर बाद ही भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरूण सिंह की ओर से बिहार से नितिन नवीन और पूर्व विधायक शिवेश कुमार उर्फ शिवेश राम को राज्यसभा भेजने की चिट्ठी जारी हुई। नितिन देखते ही देखते सुर्खियों में आ गए। सोशल मीडिया पर नितिन नवीन का नाम फिर से ट्रेंड करने लगा. प्रतियोगिता की तैयारी में जुटेनितिन नवीन भाजपा के बड़े नेताओं से एक और जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिवंगत नवीन सिन्हा के बेटे हैं। 23 मई 1980 पटना में नितिन नवीन का जन्म हुआ है। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए नितिन नवीन का बचपन पीरमुहानी और लोहानीपुर इलाके में बीता। उनके पिता दिवंगत नवीन किशोर सिन्हा इधर ही रहते थे। हालांकि विधायक आवास मिलने के बाद से लंबे समय तक मिलर स्कूल के आसपास का आशियाना रहा। नितिन की शुरुआती पढ़ाई बिहार के सबसे प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूल- संत माइकल हाई स्कूल से हुई थी। यहीं से 1996 में 10वीं की सीबीएसई परीक्षा पास करने के बाद वह दिल्ली में 12वीं करने गए। 1998 में 12वीं करने के बाद वह मूल धारा की स्नातक से अलग पढ़ाई करने के लिए प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे थे।
लोकतंत्र में वोट की चोरी! सपा प्रमुख ने गिनाए आंकड़े कहीं विधायक की पत्नी, तो कहीं नगर अध्यक्ष का नाम कटा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान भाजपा पीडीए और खासकर अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश कर रही है। फॉर्म-7 के जरिये भाजपा वोटों की चोरी कर रही है। आयोग कार्रवाई नहीं कर रहा है। भाजपा सरकार वोट काटकर चुनाव जीतना चाहती है। सपा प्रमुख का दावा है कि बीजेपी की एक गुप्त बैठक में यह तय किया गया था कि हर विधानसभा में वोट कटवाए जाएंगे। उन्होंने कन्नौज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के एक नेता ने भी बयान दिया था कि ज्यादा पढ़ा-लिखा कभी-कभी गलती कर देता है। भाजपा को ये बात पता है कि इस बार यूपी का चुनाव वो जीत नहीं रहे हैं। इसलिए वो ऐस हरकत कर रहे हैं। कैसे सामने वाला का वोट काटें। लेकिन जनता सब जानती है। हर बात का जवाब देगी। हम भी शांत नहीं रहेंगे। वोट में घोटाला होने नहीं देंगे। विपक्ष को उलझाए रखने की रणनीतिसकलडीहा विधानसभा में फॉर्म 7 के 16 आवेदन जमा किए गए। वहीं बाबागंज विधानसभा के बूथ नंबर 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म 7 भरकर करीब 100 वोट कटवा दिए गए। हमारे एक बीएलए का भी वोट कटवा दिया गया। यह सीधी साजिश है, जिसमें असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिश हो रही है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि औरैया नगर अध्यक्ष का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया। इतना ही नहीं, बलिया के सिकंदरपुर से सपा विधायक की पत्नी का नाम भी कटवा दिया गया। हमारे ही वोटर से नगर अध्यक्ष का काम कटवा दिया गया। यह सब विपक्ष को उलझाए रखने की रणनीति है।
असम में चुनावी बिगुल: पीएम मोदी ने विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, कांग्रेस पर साधा निशाना

असम में इस साल विधानसभा चुनाव कराए जाने हैं। चुनाव की औपचारिक घोषणा से चंद हफ्ते पहले राज्य को आज विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे पर आज राज्यवासियों को संबोधित भी किया। उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित जनसभा में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया। बढ़ती सियासी सरगर्मियों के बीच चुनावी बिगुल फूंकते हुए पीएम मोदी ने एक तरफ जहां भाजपा के कार्यकाल में हुए फैसलों और विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया तो दूसरी तरफ विपक्षी राजनीतिक पार्टी- कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया. शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखीपीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर आतंकियों को कंधे पर बिठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेता घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। उन्होंने भाजपा के पक्ष में जनादेश का भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले चुनावों में जनता भारी बहुमत से भाजपा की सरकार चुनेगी। कांग्रेस पर तुष्टिकरण के आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर को नजरअंदाज कर कांग्रेस पार्टी ने हमेशा फंड आवंटित करने से परहेज किया। उन्होंने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के कार्यकाल में किए जा रहे फैसलों को रेखांकित करते हुए आज लोकार्पण के बाद खोले गए भास्कर सेतु समेत कई अन्य परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज ही पुलवामा हमले की बरसी है। मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं। इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है। जम्मू-कश्मीर के ही पहलगाम में अप्रैल, 2025 में दहशतगर्दों की कायराना करतूत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, अभी आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है।
मुंबई में पहली बार खिलेगा ‘कमल’ रितु तावड़े होंगी भाजपा की पहली महिला मेयर, महायुति का शक्ति प्रदर्शन

भारतीय जनता पार्टी ने रितु तावड़े को मुंबई महापौर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मुंबई मेयर का पद खुली श्रेणी में महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है, ऐसे में साफ है कि मुंबई को एक बार फिर महिला महापौर मिलेंगी। इसी कड़ी में मुंबई में पहली बार भाजपा का महापौर बनेगा। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने नाम का एलान किया है। वहीं शिंदे गुट के संजय शंकर घाड़ी डिप्टी मेयर बनेंगे। जिसकी घोषणा शिवसेना नेता राहुल शेवाले ने की। भाजपा मेयर प्रत्याशी रितु तावड़े घाटकोपर से तीन बार की पार्षद और शिक्षा समिति की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी है। जबकि शिवसेना ने मुंबई के वार्ड नंबर 5, मागाथाने के पार्षद संजय शंकर घाड़ी को उप महापौर पद के लिए नामित किया है। बहुमत को देखते हुए महायुति पार्टी के महापौर और उप महापौर पदों के उम्मीदवारों की जीत निश्चित मानी जा रही है। डिप्टी मेयर पदों के लिए उम्मीदवार उतार सकतीडिप्टी मेयर के पद के लिए शिवसेना ने यह साफ किया है कि घाड़ी उप महापौर पद पर डेढ़ साल तक बने रहेंगे। शिवसेना सचिव संजय मोरे ने एक बयान में कहा है कि घाड़ी 15 महीने तक उप महापौर के रूप में कार्य करेंगे। दरअसल, घाड़ी शिवसेना (यूबीटी) के उन वरिष्ठ पूर्व पार्षदों में से एक थे, जिन्होंने पाला बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। मुंबई में उप महापौर के कार्यकाल को विभाजित करके शिवसेना अपने चार पार्षदों को अवसर देना चाहती है। दरअसल, मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आज, सात फरवरी को समाप्त हो रही है। उसके बाद 11 फरवरी को मेयर चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा-शिवसेना गठबंधन मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए आवेदन दाखिल करेगा। इस दौरान सभी पार्षद मौजूग रहेंगे और अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबि शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए उम्मीदवार उतार सकती है। 25 वर्षों तक नगर निकाय पर शासन कियाबता दें कि हाल ही में हुए बृहन्मुंबई नगर निगम के 227 सदस्यीय चुनावों में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि शिवसेना ने 29 सीटें जीतीं। सत्तारूढ़ गठबंधन, जिसके पास कुल 118 पार्षद हैं, बहुमत के आंकड़े (114) को पार कर चुका है और महापौर पद हासिल करने की अच्छी स्थिति में है। शिवसेना (यूबीटी), जिसने 1997 से 25 वर्षों तक नगर निकाय पर शासन किया, उसने 65 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) ने क्रमशः छह और एक सीट जीती।