“सिस्टम पर जमी धूल को हमने साफ किया” गणतंत्र दिवस पर सीएम रेखा गुप्ता ने गिनाए दिल्ली सरकार के बड़े फैसले

राजधानी दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने भव्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और दिल्लीवासियों को संबोधित किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मैं उन शहीदों को नमन करती हूं जिन्होंने तिरंगे की मर्यादा के लिए अपने प्राणों से भी बढ़कर देश को प्राथमिकता दी और हमें यह गणतंत्र, स्वाभिमान और आजादी सौंपी। संविधान भारत की चेतना है। पिछले 77 वर्षों में भारत का संविधान न्याय, समानता और गरिमा का प्रकाश स्तंभ बनकर हमारा मार्ग दर्शन कर रहा है। संविधान निर्माण से लेकर राष्ट्र निर्माण तक सभी कामों को भारत आज भी याद करता है।’ पिछले ग्यारह महीनों में जनता की भलाई के लिए कई फैसले लिएसीएम रेखा गुप्ता ने कहा, ‘जब हमारी सरकार ने ग्यारह महीने पहले दिल्ली की कमान संभाली, तो हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती वह धूल और रुकावटें थीं जो वर्षों से सिस्टम पर जमा हो गई थीं। हमने इस स्थिति को बदलने और दिल्ली को एक नई दिशा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के आधार पर, हमने पिछले ग्यारह महीनों में जनता की भलाई के लिए कई फैसले लिए हैं, जिनका मकसद नागरिकों के जीवन में असली और सकारात्मक बदलाव लाना है।’ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘आज हम सभी अपने शहर और देश के लिए अपने कर्तव्य का निर्वहन करें ताकि विकसित दिल्ली को गति मिले। आज से हमें संकल्प लेकर आगे बढ़ना है।’ वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने कहा, ‘गणतंत्र दिवस का दिल्ली के बच्चों में उत्साह देखने को मिल रहा है… यह बदलती हुई दिल्ली और नए भारत की नई दिल्ली को दिखा रहा है। मैं दिल्ली के समस्त नागरिकों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।’
₹80 हजार करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, भारतीय सेना की ताकत और निगरानी क्षमता होगी कई गुना मजबूत

2025 भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की युद्धक क्षमता और निगरानी तंत्र को अभूतपूर्व मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद) ने करीब ₹80,000 करोड़ की लागत वाले सैन्य उपकरणों और हथियारों की खरीद के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी’ प्रदान कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों के बीच स्वदेशी रक्षा इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दे रहा है। इस मंजूरी का एक बड़ा हिस्सा आपातकालीन खरीद फ्रेमवर्क के तहत है, जिसका उद्देश्य सेना की तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करना है। रिपोर्टों के अनुसार, इस निवेश का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा: इसमें एम्ब्रेयर आधारित एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम की खरीद और स्वदेशी ‘नेत्रा’ सिस्टम का एकीकरण शामिल है। इससे हवाई सीमाओं की निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। T-90 टैंकों के ओवरहॉल और आधुनिकीकरण के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है, जो जमीनी युद्ध क्षमता के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है ₹79,000 करोड़ का आवंटन केवल सैन्य मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़े उत्प्रेरक ) के रूप में कार्य करेगा। ‘बाय (इंडियन-IDDM)’ श्रेणी के तहत इन प्रस्तावों को प्राथमिकता मिलने से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और मझगांव डॉक जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों और स्टार्टअप्स को बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर के निवेश से डिफेंस सप्लाई चेन में शामिल हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे। DAC की इस बैठक और संभावित मंजूरी की खबरों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में रक्षा क्षेत्र के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। मिश्रा धातु निगम के शेयरों में लगभग 11% का उछाल आया, जबकि मझगांव डॉक, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और के शेयर भी 2-3% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में निरंतर पूंजीगत व्यय निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है।